चंद्रपुर : एयरोस्पेस शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय की छात्र टीम VITAKSH ने संस्थान का पहला हाई-एल्टीट्यूड बैलून सैटेलाइट मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च और संचालित किया। यह लॉन्च महाराष्ट्र के चंद्रपुर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी स्पोर्ट्स ग्राउंड से किया गया। मिशन की संकल्पना, डिजाइन और विकास पूरी तरह छात्रों द्वारा किया गया, जो उनकी तकनीकी क्षमता, सुव्यवस्थित योजना और सटीक क्रियान्वयन को दर्शाता है।

उड़ान के दौरान सैटेलाइट पेलोड ने ऊंचाई, अक्षांश, देशांतर, तापमान, दाब, त्वरण, आर्द्रता, ओजोन स्तर और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी गैसों सहित कई वायुमंडलीय और पर्यावरणीय मानकों को सटीक रूप से रिकॉर्ड और ट्रांसमिट किया। डेटा ट्रांसमिशन की निरंतरता और विश्वसनीयता टीम की मजबूत इंजीनियरिंग क्षमता को दर्शाती है।

इस मिशन को चांसलर डॉ. जी. विश्वनाथन, वाइस प्रेसिडेंट डॉ. शंकर विश्वनाथन, असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट सुश्री कादम्बरी एस विश्वनाथन और ट्रस्टी सुश्री रमणी बालासुंदरम का सतत सहयोग प्राप्त हुआ। विश्वविद्यालय नेतृत्व, जिसमें वाइस चांसलर प्रो. सतीश कुमार मोध, प्रो वाइस चांसलर प्रो. टी. बी. श्रीधरन और SMEC, SEEE SCOPE के डीन शामिल हैं, का भी महत्वपूर्ण समर्थन रहा।

फैकल्टी एडवाइजर डॉ. प्रशांत जीके ने मिशन को डिजाइन से लेकर लॉन्च तक मार्गदर्शन दिया, जबकि लॉन्च ऑपरेशन में श्री दीपक कुमार ने टीम का सहयोग किया। डॉ. प्रशांत के तकनीकी मार्गदर्शन और निरंतर सहयोग ने छात्रों के विचार को वास्तविक मिशन में बदलने में अहम भूमिका निभाई।

मिशन की सफलता पर डॉ. प्रशांत जीके ने कहा, “यह मिशन दिखाता है कि जब छात्रों को बनाने, परीक्षण करने और सीखने की स्वतंत्रता मिलती है, तो वे क्या हासिल कर सकते हैं। सिस्टम डिजाइन से लेकर रियल-टाइम डेटा ट्रांसमिशन तक, टीम ने हर स्तर पर जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ काम किया है। इस सफलता से ज्यादा महत्वपूर्ण है वह आत्मविश्वास और क्षमता, जो छात्रों ने इस प्रक्रिया से विकसित की है।“

यह उपलब्धि वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय में शोध और नवाचार की मजबूत होती संस्कृति को दर्शाती है, जहां व्यावहारिक और अनुप्रयोग-आधारित शिक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

इस सफलता के साथ टीम VITAKSH ने भविष्य के हाई-एल्टीट्यूड और एयरोस्पेस शोध के लिए मजबूत आधार तैयार किया है। विश्वविद्यालय अब इस गति को आगे बढ़ाते हुए उन्नत तकनीकों में छात्र-नेतृत्व वाले नवाचार को और मजबूत करने की दिशा में काम करेगा।