AI से भारतीय SMBs को नए ग्राहकों तक पहुंचने और कारोबार बढ़ाने में मदद: Amazon Ads
एवीएस न्यूज . बेंगलुरु
अमेज़न एड्स की एक नई स्टडी के मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारत के छोटे और मध्यम कारोबारों (SMBs) के लिए विज्ञापन की दुनिया को तेजी से बदल रहा है। AI टूल्स की मदद से छोटे कारोबार अब कम लागत और कम संसाधनों में बड़े प्लेटफॉर्म्स, नए दर्शकों और अलग-अलग विज्ञापन फॉर्मेट्स तक पहुंच बना पा रहे हैं।
अध्ययन के अनुसार, 87% SMBs का कहना है कि AI टूल्स ने उन्हें ऐसे प्लेटफॉर्म, ऑडियंस और फॉर्मेट्स तक पहुंचने में मदद की है, जो पहले उनकी पहुंच से बाहर लगते थे। इनमें स्ट्रीमिंग टीवी पर वीडियो विज्ञापन भी शामिल हैं। वहीं, 75% कारोबारियों का मानना है कि AI-सक्षम विज्ञापन से उनके बिजनेस की ग्रोथ में मदद मिली है।
AI से विज्ञापन में बढ़ी क्रिएटिविटी
अमेज़न एड्स के मुताबिक, भारत में AI टूल्स इस्तेमाल करने वाले Amazon Advertisers की संख्या में साल-दर-साल 77% की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, 2026 की पहली तिमाही में SMBs ने पिछले साल की समान अवधि की तुलना में AI की मदद से 62% ज्यादा विज्ञापन तैयार किए।
Amazon Ads India के डायरेक्टर कपिल शर्मा ने कहा कि भारतीय SMBs आज विज्ञापन को लेकर पहले से ज्यादा आत्मविश्वास दिखा रहे हैं। उनके मुताबिक, AI टूल्स ने स्ट्रीमिंग टीवी जैसे बड़े विज्ञापन प्लेटफॉर्म्स को भी छोटे कारोबारों के लिए अधिक सुलभ बनाया है।
अध्ययन में 68% कारोबारियों ने कहा कि आसान AI टूल्स की उपलब्धता से वे अपने विज्ञापनों को पहले की तुलना में ज्यादा क्रिएटिव बना पा रहे हैं।
स्ट्रीमिंग टीवी तक आसान पहुंच
तीन साल पहले सिर्फ 56% SMBs स्ट्रीमिंग टीवी को विज्ञापन के लिए उपयुक्त माध्यम मानते थे। उस समय इसे अपनी पहुंच से बाहर मानने वालों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां थीं—महंगा खर्च (48%), शुरुआती निवेश की जरूरत (39%) और विज्ञापन प्लान करने या खरीदने की जटिलता (36%)।
अब तस्वीर बदल रही है। टीवी या स्ट्रीमिंग टीवी पर विज्ञापन देने के इच्छुक कारोबारियों में 62% का कहना है कि इससे उन्हें नए ग्राहकों तक पहुंचने में मदद मिलती है। वहीं, 59% का मानना है कि इससे ब्रांड पहचान बढ़ती है और 48% के मुताबिक इससे ग्राहकों के बीच ब्रांड की विश्वसनीयता मजबूत होती है।
विदेशी बाजारों में विस्तार में भी AI मददगार
AI का असर सिर्फ घरेलू विज्ञापन तक सीमित नहीं है। अध्ययन के अनुसार, भारत में 56% कारोबारी, जिन्हें तीन साल पहले विदेशी बाजारों में विज्ञापन चलाना मुश्किल लगता था, अब इसे पहले की तुलना में काफी आसान मानते हैं।
Amazon का Seller Assistant भी AI की मदद से कारोबारियों को विदेशी बाजारों में विस्तार के अवसर तलाशने में मदद कर रहा है। यह टूल संभावित उत्पादों और बाजार की मांग की जानकारी देने के साथ अलग-अलग देशों की कानूनी औपचारिकताओं को समझने में भी सहायता करता है।
अध्ययन में 59% SMBs ने कहा कि AI ने उन्हें नए देशों में विस्तार करने में मदद की, जबकि 58% का कहना है कि AI की मदद से वे नई उत्पाद श्रेणियां बाजार में उतार पाए हैं।
AI से विज्ञापन बनाने और चलाने में फायदा
करीब 88% कारोबारियों का कहना है कि वे विज्ञापन कंटेंट तैयार करने के लिए AI का इस्तेमाल कर सकते हैं। वहीं, 85% विशेष रूप से स्ट्रीमिंग टीवी विज्ञापन बनाने के लिए AI की मदद लेने की बात कहते हैं।
विज्ञापन अभियान चलाने में भी AI के फायदे सामने आए हैं। 65% कारोबारियों के मुताबिक AI विज्ञापनों में तुरंत सुधार करने में मदद करता है। 62% का मानना है कि AI सीमित बजट में सही ग्राहकों तक तेजी से पहुंचने में मदद करता है, जबकि 55% कारोबारियों को लगता है कि इससे वे बड़े बजट वाले ब्रांड्स को भी चुनौती दे सकते हैं।
फैसले में इंसान की भूमिका अभी भी अहम
स्टडी से यह भी पता चलता है कि SMBs पूरी तरह AI पर निर्भर नहीं हैं। विज्ञापन से जुड़े अंतिम फैसले लेने के 40% मामलों में बिजनेस मालिक खुद निर्णय लेते हैं। वहीं, 32% लोग AI की सलाह लेने के बाद इंसानी समीक्षा करते हैं और 19% मामलों में मार्केटिंग हेड अंतिम फैसला लेते हैं।
सिर्फ 2% कारोबारियों ने बताया कि वे बिना किसी मानवीय जांच के फैसले पूरी तरह AI पर छोड़ देते हैं। इससे संकेत मिलता है कि SMBs फिलहाल ‘ह्यूमन-लेड, AI-सपोर्टेड’ मॉडल अपना रहे हैं।
भविष्य के लिए AI को मान रहे हैं जरूरी
अध्ययन में 92% SMBs ने माना कि भविष्य की प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए AI बेहद महत्वपूर्ण होगा। कारोबार विज्ञापन कंटेंट तैयार करने (64%), रणनीतिक योजना (58%) और प्रतिस्पर्धियों के विश्लेषण (53%) जैसे कामों में भी AI का इस्तेमाल कर रहे हैं।
Amazon Ads लगातार ऐसे AI टूल्स विकसित कर रहा है, जिनका उद्देश्य विज्ञापन तैयार करने, अभियान सेट करने और उसे बेहतर बनाने की प्रक्रिया को छोटे कारोबारों के लिए आसान बनाना है। कंपनी के अनुसार, इससे SMBs का मैन्युअल काम कम हो रहा है और वे कारोबार के विस्तार पर ज्यादा ध्यान दे पा रहे हैं।
AI वीडियो विज्ञापन से 3 गुना बिक्री बढ़ने का दावा
महिलाओं के पारंपरिक परिधानों के ब्रांड क्लोसिया के फाउंडर विशाल सिंह सिसौदिया ने बताया कि Amazon Ads के AI टूल ने उनकी एक स्टेटिक प्रोडक्ट लिस्टिंग को वीडियो विज्ञापन में बदलने में मदद की।
उन्होंने दावा किया कि स्मार्ट स्ट्रीमिंग टीवी कैंपेन में इस AI वीडियो को चलाने पर विज्ञापन से पहुंचे 80% ग्राहक ब्रांड के लिए नए थे। इसके अलावा, सर्च एड्स के साथ कैंपेन को मिलाकर चलाने पर कंपनी की बिक्री में 3 गुना बढ़ोतरी देखने को मिली।
कुल मिलाकर, Amazon Ads की स्टडी बताती है कि AI छोटे और मध्यम कारोबारों के लिए विज्ञापन को ज्यादा सुलभ, क्रिएटिव और स्केलेबल बना रहा है। हालांकि, अंतिम रणनीतिक और कारोबारी फैसलों में इंसानी भूमिका अभी भी महत्वपूर्ण बनी हुई है।


