सीपीए ऑस्ट्रेलिया के लघु उद्योग सर्वेक्षण: बढ़ती लागत के बावजूद भारतीय एमएसएमई का दमदार प्रदर्शन, 2026 को लेकर भी भरोसा मजबूत
एवीएस न्यूज. भोपाल
सीपीए ऑस्ट्रेलिया के लघु उद्योग सर्वेक्षण 2025-26 में भारतीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों का प्रदर्शन बेहद मजबूत सामने आया है। सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2025 में 80 प्रतिशत भारतीय लघु उद्योगों ने विकास दर्ज किया, जो एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 63 प्रतिशत औसत से काफी अधिक है। वहीं 87 प्रतिशत कारोबारियों ने 2026 में भी व्यवसाय बढऩे की उम्मीद जताई है।
सर्वेक्षण के मुताबिक, बेहतर ग्राहक सेवा, कुशल प्रबंधन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग ने भारतीय एमएसएमई क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि बढ़ती लागत, विशेषकर कच्चे माल और ऊर्जा कीमतों में वृद्धि, कारोबारियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है।
इस संदर्भ में अनिकेत तलाती ने कहा कि मजबूत घरेलू मांग, सरकार की विकासोन्मुख नीतियां और मुक्त व्यापार समझौतों ने भारतीय एमएसएमईको विस्तार में मदद की है। उन्होंने कहा कि नए निर्यात बाजारों तक पहुंच बढऩे और शुल्कों के प्रभाव में कमी से उद्योगों का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है। सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2025 में 52 प्रतिशत भारतीय लघु उद्योगों ने नई भर्तियां कीं, जबकि 69 प्रतिशत उद्योग 2026 में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि भारत के 56 प्रतिशत एमएसएमई मालिकों की उम्र 40 वर्ष से कम है, जो युवा उद्यमिता की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।भारतीय लघु उद्योग डिजिटल तकनीकों को तेजी से अपना रहे हैं। सर्वेक्षण के मुताबिक, 89 प्रतिशत भारतीय व्यवसायों ने अपनी आय का 10 प्रतिशत से अधिक हिस्सा डिजिटल भुगतान माध्यमों से प्राप्त किया, जो पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सबसे अधिक है।
एआई में निवेश बढ़ा, नवाचार को मिली रफ्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई ) में निवेश करने वाले भारतीय लघु उद्योगों का अनुपात 2024 के 26 प्रतिशत से बढक़र 2025 में 36 प्रतिशत हो गया। इसके अलावा 35 प्रतिशत उद्योगों ने क्लाउड कंप्यूटिंग और 30 प्रतिशत ने ग्राहक संबंध प्रबंधन प्रणालियों में निवेश किया। रिपोर्ट के अनुसार 41 प्रतिशत उद्योगों ने कारोबारी सलाह और निर्णय लेने में एआई टूल्स का इस्तेमाल किया।






