वीआईटी भोपाल यूनिवर्सिटी में प्रथम IEEE अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 'इंटेलिजेंट इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्प्यूटेशनल सिस्टम्स (IECS 2026)' का सफल आयोजन
सीहोर : वीआईटी भोपाल यूनिवर्सिटी में 17–18 जुलाई 2026 को IEEE इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इंटेलिजेंट इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्प्यूटेशनल सिस्टम्स (IECS 2026) के प्रथम संस्करण का सफल आयोजन किया गया। इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत सहित विभिन्न देशों के प्रतिष्ठित शोधकर्ता, शिक्षाविद्, उद्योग विशेषज्ञ एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता कर इंटेलिजेंट इलेक्ट्रॉनिक्स, कम्प्यूटेशनल सिस्टम्स तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में नवीनतम अनुसंधानों एवं नवाचारों पर विचार-विमर्श किया।
स्कूल ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (SEEE) द्वारा IEEE स्टूडेंट ब्रांच के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन को वैश्विक शोध समुदाय से अभूतपूर्व प्रतिक्रिया प्राप्त हुई | IEEE कॉन्फ्रेंस मैनेजमेंट टूलकिट (CMT) के माध्यम से 2,300 से अधिक शोध-पत्र प्राप्त हुए। समीक्षा (Peer Review) प्रक्रिया के उपरांत 232 शोध-पत्रों का चयन नौ तकनीकी सत्रों में मौखिक प्रस्तुति हेतु किया गया। लगभग 10 प्रतिशत की स्वीकृति दर इस सम्मेलन की उच्च अकादमिक गुणवत्ता एवं चयन प्रक्रिया की उत्कृष्टता को दर्शाती है।
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में प्रो. राजीव दीक्षित, वाइस चेयरमैन, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान, भोपाल (मध्य प्रदेश) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ प्रो. जी. एस. तोमर, अध्यक्ष, IEEE मध्य प्रदेश सेक्शन; डॉ. मनीष दीक्षित, चेयर-इलेक्ट, IEEE मध्य प्रदेश सेक्शन; डॉ. जितेन्द्र अग्रवाल, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV); तथा प्रो. एम. पी. एस. चावला, सचिव, IEEE मध्य प्रदेश सेक्शन ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर वीआईटी भोपाल यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ अधिकारी, फैकल्टी मेंबर्स, शोधकर्ता एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान शोधकर्ताओं ने डेटा साइंस एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), VLSI डिज़ाइन एवं सर्किट्स, RF एवं एंटीना डिज़ाइन, कम्युनिकेशन एवं नेटवर्क, इलेक्ट्रिकल एवं पावर सिस्टम, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), क्लाउड एवं साइबर सुरक्षा, सिग्नल एवं इमेज प्रोसेसिंग, कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी तथा हेल्थकेयर एवं बायोटेक्नोलॉजी सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपने नवीनतम शोध प्रस्तुत किए। सम्मेलन ने अकादमिक जगत एवं उद्योग के मध्य अंतःविषय सहयोग तथा ज्ञान के आदान-प्रदान को सुदृढ़ करने के साथ-साथ युवा शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों को वैश्विक विशेषज्ञों के साथ संवाद स्थापित करने और अपने अनुसंधान कार्य प्रस्तुत करने का प्रभावी मंच प्रदान किया। सम्मेलन में देश के प्रमुख शिक्षण एवं शोध संस्थानों, जिनमें आईआईटी इंदौर, मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT), भोपाल, आईआईटी जम्मू, एनआईटी पुडुचेरी, आईआईटीआरएएम अहमदाबाद, आईईटी-डीएवीवी इंदौर, बेनेट विश्वविद्यालय, बिट्स पिलानी तथा राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) शामिल हैं, से शोध-पत्र प्राप्त हुए। इसके अतिरिक्त फ्रांस, जर्मनी, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, चीन, बेल्जियम सहित अनेक देशों के शोधकर्ताओं ने भी सम्मेलन में सक्रिय सहभागिता की।
सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण VLSI Society of India के President डॉ. सत्य गुप्ता का Keynote Address रहा। उन्होंने VLSI Design के क्षेत्र में हो रही नवीनतम प्रगति पर प्रकाश डालते हुए Chips to Startup (C2S) Programme के अंतर्गत शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध विभिन्न अनुसंधान योजनाओं तथा वित्तीय सहायता (Funding Opportunities) की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने इस योजना के माध्यम से छात्र शोधकर्ताओं को प्रदान किए जा रहे सहयोग का उल्लेख करते हुए युवा शोधकर्ताओं को इन पहलों का अधिकतम लाभ उठाकर भारत के सेमीकंडक्टर अनुसंधान एवं नवाचार पारितंत्र (Semiconductor Research and Innovation Ecosystem) को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रेरित किया।
सम्मेलन के अंतर्गत "Building a Self-Reliant Semiconductor Ecosystem" विषय पर एक विशेष Panel Discussion का भी आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षाजगत, शासन एवं उद्योग क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भारत की सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, विनिर्माण पारितंत्र, प्रतिभा विकास तथा नीतिगत प्राथमिकताओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। सम्मेलन के दौरान डॉ. संतोष कुमार विश्वकर्मा, Chief Scientific Officer, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान (AIGGPA), भोपाल द्वारा Plenary Talk प्रस्तुत किया गया। वहीं डॉ. विवेक तिवारी, Associate Professor, ABV-IIITM ग्वालियर तथा डॉ. अंबिका पी. शाह, Associate Professor, IIT जम्मू द्वारा Invited Talks प्रस्तुत किए गए। इन व्याख्यानों ने तकनीकी विमर्श को और अधिक समृद्ध बनाया तथा विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं को शिक्षाजगत एवं उद्योग जगत के विविध दृष्टिकोणों से परिचित होने का अवसर प्रदान किया।
इस अवसर पर डॉ. एम. सुरेश, Dean, School of Electrical and Electronics Engineering (SEEE), तथा डॉ. अंकुर ब्यौहार, Branch Counsellor, IEEE Student Branch, ने कहा, " वीआईटी भोपाल यूनिवर्सिटी में IECS 2026 के प्रथम संस्करण के आयोजन का हमारा उद्देश्य एक ऐसा वैश्विक स्तर का शोध मंच विकसित करना था, जो सार्थक वैज्ञानिक संवाद तथा अंतःविषय सहयोग को प्रोत्साहित करे। विश्वभर के शोधकर्ताओं से प्राप्त उत्साहजनक सहभागिता हमारी इस परिकल्पना की सार्थकता का प्रमाण है। इस सम्मेलन ने शिक्षाजगत एवं उद्योग जगत के विविध विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर ज्ञान के आदान-प्रदान तथा दीर्घकालिक सहयोग के नए अवसर सृजित किए, जिनका प्रभाव सम्मेलन की अवधि से कहीं अधिक व्यापक होगा।"
IECS 2026 का सफल आयोजन उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान को प्रोत्साहित करने, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ बनाने तथा उभरती प्रौद्योगिकियों में नवाचार को बढ़ावा देने हेतु मंच उपलब्ध कराने के प्रति वीआईटी भोपाल यूनिवर्सिटी की प्रतिबद्धता को और अधिक सशक्त करता है। यह सम्मेलन शैक्षणिक सहयोग को नई दिशा प्रदान करने के साथ-साथ इंटेलिजेंट इलेक्ट्रॉनिक्स, कम्प्यूटेशनल सिस्टम्स तथा भारत के विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर पारितंत्र से संबंधित विमर्श को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।






