Apple बनी दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी, Nvidia को पछाड़कर हासिल किया पहला स्थान
कैलिफ़ोर्निया: वैश्विक तकनीकी बाजार में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जहां आईफोन निर्माता कंपनी एप्पल ने दिग्गज चिपमेकर एनवीडिया को पछाड़कर एक बार फिर दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी होने का गौरव हासिल कर लिया है। हालिया कारोबारी सत्र के दौरान एप्पल के शेयरों में स्थिरता देखी गई, जिससे उसकी कुल बाजार हिस्सेदारी 4.88 लाख करोड़ डॉलर के स्तर पर पहुंच गई। दूसरी ओर, एनवीडिया के शेयरों में आई लगभग 3.5 प्रतिशत की गिरावट के चलते उसकी कुल वित्तीय वैल्यूएशन घटकर 4.86 लाख करोड़ डॉलर रह गई। बाजार में आया यह बदलाव यह संकेत देता है कि निवेशक अब केवल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की लहर पर सवार कंपनियों से इतर तकनीकी क्षेत्र के अन्य बड़े खिलाड़ियों पर भी भरोसा जता रहे हैं।
एप्पल ने एक साल बाद हासिल किया शीर्ष स्थान
एप्पल ने पिछले वर्ष की शुरुआत के बाद पहली बार इस सर्वोच्च मुकाम पर अपनी वापसी दर्ज की है। गौरतलब है कि एनवीडिया पिछले करीब एक साल से वैश्विक स्तर पर सबसे मूल्यवान कंपनी के पद पर मजबूती से काबिज थी। एनवीडिया ने वर्ष 2025 के मध्य में सॉफ्टवेयर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट को पछाड़ते हुए यह शीर्ष स्थान अपने नाम किया था। इसके तुरंत बाद, उसी वर्ष के अंत में एनवीडिया 5 लाख करोड़ डॉलर के ऐतिहासिक मार्केट कैप को छूने वाली दुनिया की इकलौती कंपनी बन गई थी, जिसने कॉरपोरेट जगत में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया था।
प्रतिद्वंद्विता और भविष्य के बाजार समीकरण
शीर्ष स्थान से एनवीडिया के मामूली रूप से पीछे खिसकने का यह कतई मतलब नहीं है कि वैश्विक टेक उद्योग की रैंकिंग में यह कोई स्थायी बदलाव है। एनवीडिया वर्तमान में एआई (AI) बुनियादी ढांचे पर होने वाले भारी-भरकम वैश्विक खर्चों का सबसे बड़ा लाभार्थी बना हुआ है, और निवेशकों के दृष्टिकोण में थोड़ा सा भी बदलाव उसे दोबारा शीर्ष पर ला सकता है। हालांकि, एप्पल के सामने भी अपनी चुनौतियां कम नहीं हैं, क्योंकि कंपनी इस समय परिचालन लागत में हो रही बढ़ोतरी से निपटने के लिए संघर्ष कर रही है, जिसका असर उसकी भावी रणनीतियों पर पड़ सकता है।
मूल्य वृद्धि और शेयर बाजार में प्रदर्शन
लागत को नियंत्रित करने और अपने मुनाफे को बनाए रखने के लिए एप्पल ने हाल ही में वैश्विक स्तर पर अपने प्रीमियम उपकरणों जैसे मैकबुक और आईपैड की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत तक का भारी इजाफा किया है। इस मूल्य वृद्धि का असर आने वाले समय में उपभोक्ताओं की मांग पर देखने को मिल सकता है। इसके बावजूद, शेयर बाजार में एप्पल का प्रदर्शन शानदार रहा है और इस साल अब तक उसके शेयरों में 22 से 23 फीसदी की जबरदस्त तेजी आई है, जबकि इसके मुकाबले एनवीडिया के शेयरों में इस अवधि के दौरान केवल 7 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।






