एवीएस न्यूज. भोपाल
मध्य प्रदेश में कृषि विपणन व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए शुरू की गई ई-मंडी योजना अब प्रदेश की सभी 259 कृषि उपज मंडी समितियों में लागू हो चुकी है। यह योजना ई-अनुज्ञा प्रणाली का ही विस्तारित स्वरूप है, जिसके माध्यम से मंडी में होने वाली पूरी प्रक्रिया को रियल टाइम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया गया है।

 


 

मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक सह आयुक्त कुमार पुुरुषोत्तम ने मंडी बोर्ड की उपलब्धियों के बारे में कहते हैं कि ई-मंडी प्रणाली के तहत किसान के मंडी में प्रवेश से लेकर अनुबंध, तौल, बिक्री प्रमाणक और अनुज्ञा पत्र जारी करने तक की सभी प्रक्रियाएं डिजिटल रूप से दर्ज की जाती हैं। यह कार्य एंड्रॉयड और वेब आधारित एप्लिकेशन के माध्यम से किया जाता है, जिसमें पीओएस मशीन, टैबलेट और मोबाइल से रियल टाइम एंट्री की जाती है। इससे मंडियों का मैनुअल रिकॉर्ड संधारण धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है।

 


 

चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में लागू
ई-मंडी योजना की शुरुआत 5 अप्रैल 2021 को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में भोपाल, इंदौर, देवास, सागर, गुना, सतना, जबलपुर और हरदा की 8 मंडियों में की गई थी। इसके बाद इसे चरणबद्ध तरीके से विस्तारित किया गया। जनवरी 2024 में ए वर्ग की 39 मंडियों में योजना के शत-प्रतिशत आवेदकों के निर्देश दिए गए। इसके बाद 1 जनवरी 2025 से बी वर्ग की 41 मंडियों और 1 अप्रैल 2025 से सी और डी वर्ग की 176 मंडियों में इसे लागू कर दिया गया। इस प्रकार अब प्रदेश की सभी मंडियों में ई-मंडी प्रणाली संचालित हो रही है।


 51 लाख से अधिक किसानों का पंजीयन
अब तक इस योजना के तहत 51,98,738 किसानों का पंजीयन किया जा चुका है। वहीं भावांतर 2025 योजना सहित अन्य कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन में भी इसी डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है।


 उप मंडियों तक विस्तार
योजना का विस्तार 87 उप मंडियों तक किया गया है और शेष 211 उप मंडियों को भी इस प्रणाली से जोड़ा जा चुका है, जिससे पूरी कृषि विपणन व्यवस्था डिजिटल नेटवर्क से जुड़ गई है।

 


 राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान
ई-मंडी योजना को उनके प्रभावशाली वैज्ञानिक के लिए स्कॉच ग्रुप, नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2023 में स्कॉच ऑर्डर ऑफ मेरिट और वर्ष 2025 में स्कॉच गोल्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। सरकार का दावा है कि ई-मंडी योजना ने न केवल मंडी व्यवस्था को पारदर्शी और आधुनिक बनाया है, बल्कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।