भोपाल : मल्टी-एसेट इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की अग्रणी कंपनी दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड (DBL) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने ऑडिटेड वित्तीय परिणामों की घोषणा कर दी है। कंपनी ने अपनी 'DBL 2.0' रणनीति के तहत एक महत्वपूर्ण परिवर्तन दर्ज किया है, जहाँ अब राजस्व का प्रवाह केवल सड़क निर्माण (EPC) तक सीमित न रहकर माइनिंग और दीर्घकालिक इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

वित्तीय स्थिरता और राजस्व विविधीकरण कंपनी ने स्टैंडअलोन आधार पर ₹7,005 करोड़ का परिचालन राजस्व और ₹842 करोड़ का कर पश्चात लाभ (PAT) अर्जित किया है। माइनिंग व्यवसाय अब कंपनी के लिए एक प्रमुख स्तंभ बनकर उभरा है, जिससे इस वित्त वर्ष में ₹1,692 करोड़ की आय हुई। चेयरमैन दिलीप सूर्यवंशी के अनुसार, कंपनी का लक्ष्य अब ऐसे प्रोजेक्ट्स पर है जो अगले 25 से 50 वर्षों तक स्थिर कैश फ्लो सुनिश्चित कर सकें, जिससे वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव का असर कम हो सके।

रिकॉर्ड ऑर्डर बुक और भविष्य की राह 31 मार्च 2026 तक कंपनी की कुल ऑर्डर बुक ₹28,830 करोड़ तक पहुँच गई है, जो इसके इतिहास का सबसे उच्चतम स्तर है। हालांकि, चौथी तिमाही में इनपुट लागत बढ़ने और एसेट उपयोग में कमी के कारण मार्जिन पर आंशिक दबाव देखा गया, लेकिन सीईओ देवेंद्र जैन ने इसे 'अस्थायी' बताते हुए भविष्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण साझा किया। कंपनी अब अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए अनुशासित पूंजी आवंटन पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

ऋण मुक्त होने का लक्ष्य कंपनी के कार्यकारी रोशन सूर्यवंशी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में कंसोलिडेटेड नेट डेट ₹7,244 करोड़ है, जो मुख्य रूप से एसेट और प्रोजेक्ट से जुड़ा है। डीबीएल का रणनीतिक विजन मध्यम अवधि में पूरी तरह से 'नेट डेट फ्री' (शुद्ध ऋण मुक्त) बनना है। इसके लिए कंपनी अपने इनविट (InvIT) पोर्टफोलियो के विस्तार और माइनिंग ऑपरेशंस से मिलने वाली नकदी का प्रभावी उपयोग करेगी।


प्रमुख वित्तीय आंकड़े (एक नज़र में):

विवरण (कंसोलिडेटेड) चौथी तिमाही (FY 26) पूरे वर्ष के लिए (FY 26)
कुल राजस्व ₹2,300 करोड़ ₹8,984 करोड़
एबिटडा (EBITDA) ₹392 करोड़ ₹1,766 करोड़
शुद्ध लाभ (PAT) ₹124 करोड़ ₹1,398 करोड़
नेट डेट (Net Debt) -- ₹7,244 करोड़