मानपुर नगर परिषद में बढ़ा विवाद अध्यक्ष भारती सोनी को पद से हटाने की मांग, राजपत्र अधिसूचना बिना अध्यक्ष पद संचालन का आरोप
मप्र नगर पालिका अधिनियम 1961 के उल्लंघन का आरोप, अध्यक्ष पद से पदच्युत करने की मांग , अध्यक्ष भारती सोनी पर अवैध रूप से पद संचालन के आरोप
जनप्रतिनिधियों ने की कार्रवाई की मांग, अध्यक्ष के वित्तीय अधिकारों पर रोक लगाने की मांग तेज
एवीएस न्यूज . भोपाल
उमरिया जिला के नगर परिषद मानपुर में अध्यक्ष पद को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। नगर परिषद की वर्तमान अध्यक्ष श्रीमति भारती सोनी पर आरोप लगाया गया है कि राज्य शासन द्वारा अध्यक्ष निर्वाचन की राजपत्र अधिसूचना प्रकाशित किए बिना ही वे अध्यक्ष पद पर बनी हुई हैं तथा प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकारों का प्रयोग कर रही हैं।
शिकायतकर्ताओं ने इसे मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 के प्रावधानों के विरुद्ध बताते हुए तत्काल पद से हटाने और वित्तीय अधिकारों पर रोक लगाने की मांग की है। मामले को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों में आक्रोश व्याप्त है।
इस मामले की शिकायत करते हुए शिकायत कर्ता और क्षेत्रीय रहवासियों ने प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग भोपाल, आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग भोपाल और कलेक्टर जिला उमरिया से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर तत्काल प्रभाव से श्रीमती भारती सोनी के वित्तीय अधिकारों पर रोक लगाई जाए तथा उन्हें अध्यक्ष पद से पदच्युत कर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अधिसूचना के अभाव में अध्यक्ष को विधिवत निर्वाचित नहीं माना जा सकता
शिकायत में कहा गया है कि मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 20(3)(1) एवं धारा 45 के तहत नगर परिषद अध्यक्ष के निर्वाचन की अधिसूचना का राज्य शासन द्वारा राजपत्र में प्रकाशन अनिवार्य है।
आरोप है कि आज दिनांक तक ऐसी कोई अधिसूचना प्रकाशित नहीं की गई है। ऐसे में अधिसूचना के अभाव में अध्यक्ष को विधिवत निर्वाचित नहीं माना जा सकता और उन्हें पद के दायित्वों तथा वित्तीय अधिकारों के प्रयोग का अधिकार प्राप्त नहीं होता।
हाईकोर्ट ने ऐसे कई मामलों में अध्यक्षों के वित्तीय अधिकारों पर रोक लगाने के किए है आदेश जारी
मामले में यह भी उल्लेख किया गया है कि मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा पूर्व में ऐसे कई मामलों में अध्यक्षों के वित्तीय अधिकारों पर रोक लगाने के आदेश जारी किए जा चुके हैं। इनमें श्योपुर नगर पालिका, जावरा नगर पालिका, नागदा नगर पालिका एवं पानसेमल नगर परिषद से जुड़े प्रकरण शामिल बताए गए हैं।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उच्च न्यायालय ने अपने आदेशों में स्पष्ट किया है कि राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित हुए बिना कोई भी व्यक्ति अध्यक्ष पद के दायित्वों का निर्वहन अथवा वित्तीय अधिकारों का उपयोग नहीं कर सकता। ऐसे आदेश अन्य समान मामलों में भी मार्गदर्शी माने जाने चाहिए।
प्रशासनिक व्यवस्था एवं निकाय निधि को गंभीर क्षति
आरोप लगाया गया है कि अधिकारिता विहीन होकर अध्यक्ष पद का संचालन किए जाने से नगर परिषद मानपुर की प्रशासनिक व्यवस्था एवं निकाय निधि को गंभीर क्षति पहुंचने की आशंका है। इस संबंध में शासन एवं संबंधित विभाग से मांग की गई है कि श्रीमति भारती सोनी के वित्तीय अधिकारों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए तथा उन्हें अध्यक्ष पद से पदच्युत कर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
वित्तीय अधिकारों का प्रयोग कर कथित अनियमितताओं में लिप्त
स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर तत्काल प्रभाव से अध्यक्ष पद के वित्तीय अधिकारों पर रोक लगाने और कथित अनियमितताओं में लिप्त भारती सोनी को पद से पृथक करने की मांग की है। साथ ही यह भी मांग की गई है कि नगर परिषद के कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए,ताकि शासकीय धनराशि के दुरुपयोग की आशंका समाप्त हो सके।
लोकतांत्रिक व्यवस्था एवं प्रशासनिक नियमों के विपरीत
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि बिना वैधानिक प्रक्रिया के कोई व्यक्ति अध्यक्ष पद का संचालन करता है तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था एवं प्रशासनिक नियमों के विपरीत है। अब सभी की नजर जिला प्रशासन एवं नगरीय प्रशासन विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

उपरोक्त ऐसे ही मामले में हाईकोर्ट ने दिए आदेश
- सिविल रिवीजन सी.आर. संख्या 175/2024 अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार पर रोक आदेश । आदेश दिनांक 08/10/2025 श्योपुर नगर पालिका
- रिट याचिका डब्लू.पी. संख्या 9863/2026 अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार पर रोक आदेश । आदेश दिनांक 20/03/2026 जावरा नगर पालिका
- रिट याचिका डब्लू.पी. 9866/2026 अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार पर रोक आदेश । आदेश दिनांक 20/03/2026 नागदा नगर पालिका
- रिट याचिका डब्लू.पी. 10957/2024 अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार पर रोक आदेश । आदेश दिनांक 02/05/2026 पानसेमल नगर परिषद
उक्त प्रकरणों में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेशों में मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 के प्रावधानों के तहत अध्यक्ष के निर्वाचन की अधिसूचना का राजपत्र में प्रकाशन की अनिवार्यता की पुष्टि करते हुए अभिनिर्धारित किया गया है कि अधिसूचना का प्रकाशन हुए बिना कोई भी व्यक्ति अध्यक्ष पद के दायित्वों का निर्वहन एवं वित्तीय अधिकारों का प्रयोग नही कर सकता है। वह विधिवत निर्वाचित नहीं माना जा सकता है। उच्च न्यायालय द्वारा पारित उपरोक्त आदेश मार्गदर्शी है। उनका पालन अन्य समान प्रकरणों में किया जाना न्यायोचित एवं आवश्यक है।
भारती सोनी निकाय निधि को गंभीर अपूरर्णीय क्षति पहुंचा रही
शिकायत कर्ता के अनुसार उपरोक्त अधिकारिता विहीन व्यक्ति श्रीमति भारती सोनी द्वारा नगर परिषद. मानपुर जिला उमरिया के अध्यक्ष पद के प्रशासनिक दायित्वों एवं वित्तीय अधिकारों का प्रयोग कर शासन एवं निकाय निधि को गंभीर अपूरर्णीय क्षति पहुंचाई जा रही है। जो कि प्रथम दृष्ट्या अवैध एवं शून्य होने से तत्काल प्रभाव से रोके जाने योग्य है।

मांग: अध्यक्ष पद से शीघ्र पदच्युत कर वैधानिक कार्यवाही की जाए
शिकायतकर्ता और क्षेत्रीय रहवासियों ने मांग की है कि मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 के प्रावधानों एवं उच्च न्यायालय द्वारा पारित उपरोक्त मार्गीदर्शी आदेशों के परिपालन में नगर परिषद मानपुर जिला उमरिया के अध्यक्ष भारती सोनी के वित्तीय अधिकारों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाएं और अध्यक्ष पद से शीघ्र पदच्युत कर वैधानिक कार्यवाही की जावे।

