एवीएस न्यूज.भोपाल


 युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर निर्माण क्षेत्र पर पड़ा है, जिससे सरिया और सीमेंट की कीमतों में भारी उछाल आया है। अत: यह महंगाई घर बनाने वालों के बजट को बिगाड़ रही है।

भोपाल लोहा व्यापारी एवं निर्माता संघ के अध्यक्ष बलदेव खेमानी के अनुसार बाजार में सरिया (स्टील रॉड) की कीमतें जहां पहले लगभग 55,000 रुपए प्रति टन थीं, वहीं अब बढ़कर करीब 63,000 रुपए प्रति टन तक पहुंच गई हैं। यानी प्रति टन करीब 8,000 रुपए की वृद्धि ने निर्माण लागत को काफी प्रभावित किया है। वहीं, सीमेंट की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। पहले 300 रुपए के दाम में मिलने वाली एक बोरी अब 330 रुपए तक पहुंच गई है। इस बढ़ोतरी ने आम उपभोक्ताओं से लेकर बिल्डर्स तक सभी को चिंता में डाल दिया है।

 उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों का असर अब आम लोगों की जेब पर भी साफ दिखाई देने लगा है। निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली प्रमुख सामग्री सरिया और सीमेंट के दामों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

 उन्होंने कहाकि युद्ध के कारण कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है और ट्रांसपोर्टेशन लागत भी बढ़ी है, जिसका सीधा असर निर्माण सामग्री की कीमतों पर पड़ रहा है। इस महंगाई के चलते जहां नए निर्माण कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ सकती है, वहीं पहले से चल रहे प्रोजेक्ट्स की लागत भी बढ़ने की संभावना है।

व्यसायी शैलेंद्र गुप्ता ने कहा कि  सीमेंट की बोरियां पेट्रोकेमिकल उत्पाद से बनती हैं, जिनका सीधा संबंध कच्चे तेल से है। तेल महंगा होने से बोरियां महंगी हो गई हैं।  कुछ ब्रांड्स के सरिया के दाम दो माह पहले के मुकाबले 8000 से 10 हजार रुपए प्रति टन महंगे हुए है। वहीं सीमेंट की खुदरा कीमतों में 25 से 30 रुपए प्रति बोरी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुल मिलाकर निर्माण सामग्री के महंगे होने से घर बनाना पहले की तुलना में करीब 20 से 25 फीसदी महंगा हो गया है।