एवीएस न्यूज.भोपाल

ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेडरेशन (एआईबीओसी) मध्यप्रदेश स्टेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। जिसमें बैंकिंग क्षेत्र के ज्वलंत मुद्दों पर व्यापक चर्चा करते हुए आगामी आंदोलन की रणनीति तय की गई। बैठक में प्रदेश के पदाधिकारियों ने भाग लिया और संगठन की एकजुटता को और सशक्त करने का संकल्प लिया। बैठक में प्रदेश के विभिन्न बैंकों के पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से एसबीआई, इंडियन बैंक, यूको बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक एवं पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, बीओबी एवं अन्य बैंकों के प्रतिनिधि शामिल रहे।

बैठक के दौरान परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) के माध्यम से अधिकारियों के बीच विभाजन पैदा करने के प्रयासों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। साथ ही फाइव-डे बैंकिंग को अत्यंत आवश्यक मांग बताते हुए इसे प्राथमिकता के साथ लागू करने पर जोर दिया गया। 


अधिकारियों की एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है : सुबीन
अध्यक्ष सुबीन सिंहा ने कहा कि अधिकारियों की एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है और किसी भी प्रकार के विभाजनकारी प्रयासों को हम सफल नहीं होने देंगे। यूएफबीयू  के आह्वान पर हर आंदोलन को पूरी ताकत के साथ सफल बनाया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि पीएलआई जैसी नीतियां अधिकारियों के बीच भेदभाव पैदा कर रही हैं, जिसे संगठन पूरी मजबूती से विरोध करेगा। 

 

फाइव-डे बैंकिंग केवल मांग नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुकी है: दिनेश झा 
सचिव दिनेश झा ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में फाइव-डे बैंकिंग केवल मांग नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुकी है। अधिकारियों के स्वास्थ्य और कार्य-जीवन संतुलन के लिए इसे शीघ्र लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि “यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होता है, तो यूएफबीयू के आह्वान पर व्यापक आंदोलन एवं हड़ताल के लिए सभी अधिकारी तैयार हैं। 


 हम सभी को मिलकर संगठन को और मजबूत करना होगा : श्रीवास्तव 
एसबीआईओए  के अध्यक्ष अनिल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि संगठन की एकजुटता ही हमारी असली शक्ति है और हम सभी को मिलकर इसे और मजबूत करना होगा। उन्होंने आगे कहा कि अधिकारियों के हितों एवं सम्मान की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रहेगा और किसी भी प्रकार के अन्याय को स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आने वाले दिनों में यूएफबीयू  के आह्वान पर प्रदर्शन एवं हड़ताल जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। डीएफएस   की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा गया कि अधिकारियों में फूट डालने के प्रयासों का संगठन एकजुट होकर विरोध करेगा। बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि संगठन की एकता को बनाए रखते हुए हर आंदोलन को ऐतिहासिक सफलता दिलाई जाएगी।


दो दिन की बैंक हड़ताल का ऐलान,  एसबीआई की बैंकिंग सेवाओं पर पड़ेगा असर  
 भोपाल। भारतीय स्टेट बैंक के कर्मचारियों ने 25 और 26 मई 2026 को राजधानी भोपाल सहित देशभर में दो दिन की हड़ताल का ऐलान किया है, जिससे बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ सकता है। यह हड़ताल ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन द्वारा बुलाई गई है।

यूनियन का कहना है कि यह कदम कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा, बेहतर कार्य परिस्थितियों और स्टाफ व ग्राहकों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है। एसबीआई के वर्कमैन श्रेणी के सभी कर्मचारी, जो फेडरेशन से जुड़े हैं, इन दो दिनों में काम बंद रखेंगे। नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि 25 या 26 मई को किसी कारणवश छुट्टी पड़ती है, तो हड़ताल 27 मई 2026 तक बढ़ाई जा सकती है। कर्मचारियों की बड़ी भागीदारी को देखते हुए एसबीआई की शाखाओं और कई बैंकिंग सेवाओं पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है।