कैफे में शुद्ध घी की जलेबी, पनीर पकौड़े, समोसे और कचौड़ी जैसे पारंपरिक व्यंजन उपलब्ध होंगे 


 आत्माराम सोनी..भोपाल


राजधानी भोपाल में सांची दुग्ध संघ द्वारा अनोखे कैफे का निर्माण कराया गया है। यहां उपभोक्ताओं के बैठने के लिए हरियाली से भरपूर परिसर बनाया जा रहा है। इसका निर्माण विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन रानी कमलापति के प्लेटफार्म नंबर 5 की ओर सांची दुग्ध संघ के गेट क्रमांक 1 पर कराया जा रहा है। यहां ग्राहकों को बैठने के लिए मिनी पार्क में चेयर की व्यवस्था रहेगी। सांची सेल्फी पाइंट का निर्माण भी कराया जा रहा है, जिससे यहां आने वाले उपभोक्ता अपनी विजिट को यादगार बना सकें।

 


खास बात यह है कि इस कैफे का डिजाइन विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप की तर्ज पर तैयार गया है, जिससे यह शहर का एक अनोखा आकर्षण बनेगा। आधिकारिक जानकारी के अनुसार भोपाल सांची दुग्ध संघ इस आधुनिक कैफे का उद्घाटन चालू माह के अंत तक करने की तैयारी में है।

उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विशेष अतिथि के रूप में पशुपालन मंत्री लखन पटेल एवं विशिष्ठ अतिथि के रूप में मुख्य सचिव अनुराग जैन, प्रमुख सचिव पशुपालन डेयरी विभाग उमाकांत उमराव, कमिश्नर और कलेक्टर आदि मौजूद रहेंगे। 
 

 

 30 लाख रु. की लागत से खूबसूरती से सजाया जा रहा 

 सांची दुग्ध संघ के सीईओ प्रीतेश जोशी ने बताया कि इस जगह पर पहले भी एक सांची कैफे था, लेकिन 30 लाख रुपए की लागत से अब यहां अत्याधुनिक सांची कैफे का निर्माण कराया गया है।  कैफे की वास्तुकला में सांची स्तूप की झलक साफ दिखाई देगी। गोलाकार संरचना, पारंपरिक कलाकृतियां और शांत वातावरण इसे खास बनाएंगे। यहां आने वाले लोग न सिर्फ स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेंगे, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक माहौल का भी अनुभव कर सकेंगे।

 कैफे का निर्माण और साज-सज्जा इस तरह की जा रही है कि इसमें सांची स्तूप की झलक भी दिखाई दे। पारंपरिक डिजाइन और आधुनिक सुविधाओं का यह संगम भोपाल में एक नया फूड और कल्चरल हब बनने की ओर बढ़ रहा है।

 

शुद्धता और स्वाद का अनूठा अनुभव मिलेगा  
  यहां आने वाले ग्राहकों को शुद्धता और स्वाद का अनूठा अनुभव मिलेगा। कैफे में शुद्ध घी की जलेबी, पनीर पकौड़े, समोसे और कचौड़ी जैसे पारंपरिक व्यंजन उपलब्ध रहेंगे। इसके साथ ही सांची ब्रांड के दूध, दही, लस्सी, रबड़ी, आइसक्रीम, मिठाइयां और अन्य डेयरी उत्पाद भी परोसे जाएंगे।

इस पहल का उद्देश्य न सिर्फ लोगों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है, बल्कि स्थानीय कला और संस्कृति को भी बढ़ावा देना है। उम्मीद की जा रही है कि यह कैफे भोपालवासियों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। 
 

 ये होंगी खासियतें
 उत्पादों को सुरक्षित रखने के लिए कैफे में कोल्ड स्टोरेज रहेगा। किचन में हाइजीन का खास ख्याल रखा जाएगा। कैफे परिसर में सांची सेल्फी प्वाइंट भी होगा। कैफे में सेवाएं देने वाले कर्मियों को सांची की ड्रेस पहननी होगी। ग्राहकों को सुरक्षित, व्यवस्थित और फैमिली कैफे का एहसास होगा।  


 केवल सांची उत्पाद ही होंगे विक्रय
सांची डेयरी से निर्मित उत्पाद सांची पेड़ा, बृज पेड़ा, छेना खीर, मिल्क केक, सादा-मीठा दही, पनीर, टेबल वाटर, घी इत्यादि विक्रय होंगे। इसके आलावा विभिन्न प्रकार के ताजे दूध के सांची पैकेट्स उपलब्ध रहेंगे। जैसे -सांची दूध क्रीम से निर्मित कैंडी, कोन, फैमिली पैक आइसक्रीम उपलब्ध रहेगी। शुद्ध घी से निर्मित सांची कुकीज उपलब्ध रहेगी।
 

कैफे गुणवत्ता और विश्वास का नया केंद्र बनेगा  
इस सांची आधुनिक कैफे का उद्देश्य सिर्फ खानपान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों को भारतीय विरासत और स्वाद का अनूठा संगम भी प्रदान करेगा। ताकि लोगों को शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक खानपान उपलब्ध हो। आज के समय में जहां मिलावटी खाने की चिंता बढ़ती जा रही है, ऐसे में यह कैफे गुणवत्ता और विश्वास का नया केंद्र बन सकता है। माना जा रहा है कि इसके खुलने के बाद यह शहर के फूड लवर्स के बीच खासा लोकप्रिय हो सकता है।  
 

 कैफे भोपाल में एक नए फूड और कल्चरल हब के रूप में उभर
 सांची दुग्ध संघ के आधुनिक कैफे सिर्फ एक फूड स्पॉट नहीं, बल्कि संस्कृति, स्वाद और पर्यटन का अनोखा संगम होगा। राजधानी भोपाल में सांची दुग्ध संघ द्वारा तैयार किया गया यह कैफे विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप की तर्ज पर डिजाइन किया गया है। इसकी गोलाकार संरचना और पारंपरिक कलाकृतियां इसे एक अलग पहचान दे रही है।  कैफे में ग्राहकों को शुद्ध घी से बने पारंपरिक व्यंजनों जैसे जलेबी, पनीर पकौड़े, समोसे और कचौड़ी का स्वाद मिलेगा। इसके साथ ही सांची ब्रांड के दूध, दही, लस्सी, रबड़ी, आइसक्रीम और मिठाइयां भी उपलब्ध रहेंगी। यहां केवल सांची डेयरी के उत्पाद ही बेचे जाएंगे, जिनमें पेड़ा, छेना खीर, मिल्क केक, पनीर और घी जैसी चीजें शामिल हैं। कुल मिलाकर, सांची स्तूप की झलक वाला यह कैफे भोपाल में एक नए फूड और कल्चरल हब के रूप में उभर सकता है, जो स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा।
 प्रीतेश जोशी 
सीईओ, भोपाल सांची दुग्ध संघ