रंग-गुलाल के साथ मिठाई, ड्राईफ्रूट, रोजमर्रा के सामान की खूब खरीदारी  
एवीएस न्यूज.भोपाल
राजधानी भोपाल में चौतरफा होली का बाजार सतरंगी रंग में रंगा हुआ है। रंग, गुलाल, पिचकारी सहित मिठाई, ड्राईफ्रूट, रोजमर्रा के सामान की खरीदारी जोर-शोर से चल रही है। पुराने भोपाल के आजाद मार्केट, हनुमानगंज, जुमेराती, घोड़ा निक्कास, बैरागढ़ सहित  न्यू मार्केट, 10 नंबर मार्केट सहित शहर सभी प्रमुख बाजारों और हाट बाजारों में होली की खरीदारी का रंग चढ़ा हुआ है। थोक रंग व्यवसायियों सौरभ साहू और पंकज जैन के अनुसार केमिकल रंगों की मांग घटी है। बच्चों की त्वचा और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए लोग टेसू फूल से बने रंग, हर्बल गुलाल और सुरक्षित उत्पाद ज्यादा खरीदी रहे हैं। सुरक्षित रंगों की बिक्री में 30-40 फीसदी तक वृद्धि दर्ज की गई है। 

सबसे ज्यादा बिकने वाली वस्तुओं में 

पुराने भोपाल के घोड़ा निक्कास स्थित कुंदन नमकीन सेंटर के संचालक प्रेमनारायण यादव के अनुसार होली पर सबसे ज्यादा हर्बल रंग-गुलाल , पिचकारियां (स्पाइडरमैन/छोटा भीम) पानी के गुब्बारे, के अलावा गुझिया, मठरी कचौरी और ठंडाई की बहुत अधिक मांग है।

इसके अलावा  सूखे मेवे (मेवे की माला) मिठाइयां, पारंपरिक व्यंजन (पापड़/नमकीन), सफेद कपड़े और पूजा सामग्री , ड्राईफ्रूट, गिफ्ट आइटम और रोजमर्रा के सामान की भी खूब खरीदारी हो रही है। खासतौर पर सफेद टी-शर्ट, कुर्ता-पायजामा, सलवार-सूट और हैप्पी होली लिखी टी-शर्ट, मुखौटे रंगीन चश्मे और अन्य मस्ती से संबंधित सामान की खरीदी जोरों पर है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार भोपाल संभाग में होली से रंग पंचमी तक करीब 200 करोड़ रुपए  के कारोबार का अनुमान है। व्यापारियों का कहना है कि त्योहार के दौरान सबसे अधिक लाभ किराना, डेयरी, मिठाई और फुटकर व्यापारियों को मिलता है।
 

    
 
एक नजर कारोबार पर  


रंग-गुलाल: 30-40 करोड़
पिचकारी-खिलौने: 10-12 करोड़
मिठाई-नमकीन: 22-25 करोड़
कपड़े: 10-15 करोड़
भांग-ठंडाई: 10-15 करोड़
डीजे-टेंट: 10-15 करोड़
किराना-डेयरी: 30-40 करोड़
पूजा सामग्री: 10-20 करोड़


 बाजार रेट (प्रति नग/पैक)


लोकल गुलाल (100 ग्राम):  15-25
हर्बल गुलाल (100 ग्राम):  50-120
छोटी पिचकारी:  20-40
टैंक पिचकारी:  350-700
कलर स्प्रे:  80-150
स्नो स्प्रे:  120-220
होली टी-शर्ट:  120-350