वीआईटी भोपाल विवि में जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के सहयोग से हेल्थ हैक 2026
एवीएस न्यूज.भोपाल
वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय ने जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटीअमेरिका के सहयोग से हेल्थ हैक 2026 सभी के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में सुधार नामक एक अंतरराष्ट्रीय हैकाथॉन की घोषणा की है। यह हैकाथॉन 10 से 12 फरवरी 2026 के दौरान आयोजित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य विशेष रूप से ग्रामीण एवं वंचित समुदायों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को सुदृढ़ बनाने के लिए व्यावहारिक और तकनीक-आधारित समाधानों को गति देना है। यह घोषणा फरवरी 2025 में आयोजित हेल्थ हैक 2025 की उल्लेखनीय सफलता के बाद की गई है। पिछले संस्करण में शोधकर्ताओं, चिकित्सकों, तकनीकी विशेषज्ञों और छात्रों ने मिलकर डेटा-आधारित एवं एआई-सक्षम नवाचारों के माध्यम से वास्तविक स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान प्रस्तुत किए थे।
चांसलर डॉ. जी. विश्वनाथन, वाइस प्रेसिडेंट शंकर विश्वनाथन, ट्रस्टी श्रीमती रमणी बालासुंदरम, असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट श्रीमती कादंबरी एस. विश्वनाथन, के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य भाषण, तकनीकी सत्र, कार्यशालाएँ और प्रतिस्पर्धी समस्या-समाधान गतिविधियाँ शामिल रहीं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप कई संभावनाशील स्वास्थ्य-तकनीक प्रोटोटाइप विकसित हुए, जिससे अनुप्रयुक्त स्वास्थ्य अनुसंधान तथा उद्योग-शिक्षा सहयोग के क्षेत्र में वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय की सशक्त पहचान और अधिक मजबूत हुई। हेल्थ हैक 2026 इन्हीं शोध-आधारित सहयोगी प्रयासों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पिछले संस्करण में आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी, सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों की सक्रिय भागीदारी को देखते हुए, हेल्थ हैक 2026 में भारत एवं विदेशों से डेटा वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, स्वास्थ्य पेशेवरों, नवाचारकर्ताओं और छात्रों की और व्यापक सहभागिता की अपेक्षा है। प्रतिभागी अधिकतम छह सदस्यों की बहु-विषयक टीमों (संयुक्त टीमें) में कार्य करेंगे और टेलीमेडिसिन के माध्यम से समान स्वास्थ्य पहुँच, निवारक देखभाल के लिए पूर्वानुमान विश्लेषण, एआई-आधारित दीर्घकालिक रोग प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता तथा अन्य स्वास्थ्य-तकनीक से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों पर समाधान विकसित करेंगे।
हेल्थ हैक 2026 वास्तविक और विस्तार योग्य (स्केलेबल) प्रोटोटाइप के विकास पर केंद्रित रहेगा। प्रतिभागियों को मज़बूत डेटासेट, एपीआई तथा उद्योग एवं अनुसंधान साझेदारों जैसे इंटेलेहेल्थ और गुप्ता-क्लिन्स्की इंडिया इंस्टीट्यूट से विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्राप्त होगा। वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय के 300 अधिक एकड़ में फैले अत्याधुनिक परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम प्रारंभिक रोग पहचान, व्यक्तिगत चिकित्सा, सुरक्षित स्वास्थ्य डेटा प्रणालियाँ और नैतिक एआई ढाँचों जैसे समाधानों को प्रोत्साहित करेगा, विशेष रूप से उन समुदायों पर ध्यान केंद्रित करते हुए जो स्वास्थ्य सेवाओं में संरचनात्मक बाधाओं का सामना करते हैं। प्रतिभागियों को बहु-विषयक सहयोग का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा। वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय और जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के व्हाइटिंग स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग,जो विश्व के शीर्ष बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कार्यक्रमों में से एक है—के वैश्विक विशेषज्ञों के साथ नेटवर्किंग का अवसर मिलेगा। विजेता टीमों को प्रथम पुरस्कार 1,00,000 रुपए, द्वितीय पुरस्कार 50,000 रुपए और तृतीय पुरस्कार 25,000 रुपए की नकद राशि प्रदान की जाएगी।

