टाटा मोटर्स के एकीकृत ग्राम विकास में चंद्रकांत बने ‘लखपति किसान’
एवीएस न्यूज. नई दिल्ली
टाटा मोटर्स के एकीकृत ग्राम विकास कार्यक्रम इंटीग्रेटेड विलेज डेवलपमेंट प्रोग्राम ने चंद्रकांत के जीवन में बदलाव की नई उम्मीद जगाई। यह कार्यक्रम स्थानीय जरूरतों के अनुरूप तैयार किए गए एक बहु-स्तरीय और टिकाऊ विकास ढांचे पर आधारित है, जिसमें सरकारी योजनाओं के प्रभावी समन्वय को केंद्र में रखा गया है।
टाटा मोटर्स ने विभिन्न सरकारी योजनाओं को जोड़ते हुए चंद्रकांत की आजीविका को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई। उनके खेत में पानी संचयन के लिए फार्म पॉन्ड का निर्माण किया गया, सीमित जल संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए ड्रिप सिंचाई प्रणाली स्थापित की गई और ईंधन खर्च कम करने के उद्देश्य से बायोगैस यूनिट लगाई गई।
इसके साथ ही आय बढ़ाने और जोखिम को कम करने के लिए एग्रो-फॉरेस्ट्री, मछली पालन, सोलर पैनल की स्थापना, बांस की खेती और उच्च मूल्य वाली फसलों की नर्सरी जैसी विविध गतिविधियों को अपनाने में भी सहायता की गई। इन प्रयासों के परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे। सुनिश्चित सिंचाई व्यवस्था, बेहतर कृषि तकनीकों और आय के नए स्रोतों के चलते चंद्रकांत की खेती की उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और उनकी वार्षिक आमदनी दोगुने से भी अधिक हो गई। उन्होंने अपनी भूमि पर एक अतिरिक्त घर का निर्माण भी किया है, जिससे उनका सफर ‘लखपति किसान’ बनने तक पहुंच सका।

