आईएचसीएल के सीईओ चटवाल ​​ने कहा भारत का कार्यबल इसकी सबसे बड़ी संपत्ति 
 एवीएस न्यूज.भोपाल
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एचआर सम्मेलन के 15वें संस्करण में इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) के प्रबंध निदेशक और सीईओ पुनीत चटवाल ​​ने भारत की विकास गाथा की पुनर्कल्पना, राष्ट्र निर्माता के रूप में मानव संसाधन शीर्षक से एक प्रभावशाली मुख्य भाषण दिया। उन्होंने देश के विकास के अगले चरण की नींव के रूप में भारत की मानव पूंजी को बदलने के लिए साहसिक और तत्काल कार्रवाई का आह्वान किया।
 चटवाल ने कहाकि मानव संसाधन एक सहायक कार्य से आगे बढ़कर भारत के भविष्य का निर्माता बन गया है, जो संस्कृति, क्षमताओं और प्रतिस्पर्धी लाभ को आकार दे रहा है। उन्होंने आगाह किया कि भारत का 10 ट्रिलियन डॉलर से 30 ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य पूरी तरह से अपने लोगों की पूरी क्षमता को उजागर करने पर निर्भर करता है। 
चटवाल ने कहाकि मानव संसाधन अब केवल एक कार्य नहीं रह गया है, यह राष्ट्र निर्माता है। उन्होंने कहा कि मानव संसाधन को इस नए आख्यान की रूपरेखा तैयार करनी चाहिए और उसका नेतृत्व करना चाहिए। उन्होंने इंफोसिस और टीसीएस जैसी भारतीय आईटी कंपनियों का उदाहरण दिया, जिन्होंने टियर 2 और टियर 3 शहरों में कौशल निर्माण में निवेश करके एक वैश्विक प्रतिभा पूल का निर्माण किया। 
चटवाल ने अमेजन की 1.2 अरब डॉलर की अपस्किलिंग पहल जैसे कार्यक्रमों की प्रशंसा की और सीआईआई के साथ साझेदारी में 2030 तक 1,00,000 लोगों को प्रशिक्षित करने की आईएचसीएल की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रतिभा हानि के वास्तविक खतरे को रोकने के लिए, भारत के जनसांख्यिकीय लाभ के साथ-साथ कौशल विकास में निरंतर निवेश भी आवश्यक है, खासकर ऐसे समय में जब विकसित देश सक्रिय रूप से कुशल भारतीय पेशेवरों की तलाश कर रहे हैं।
 सीआईआई की नेतृत्व एवं मानव संसाधन समिति के अध्यक्ष और अडाणी सीमेंट के सीओओ एवं संयुक्त अध्यक्ष, संजय बहल ने कहा कि यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब व्यावसायिक मॉडल और नेतृत्व संबंधी अपेक्षाएं तेजी से बदल रही हैं। इस वर्ष का विषय, द नेक्स्ट होराइजन, मानव संसाधन को एक सक्षमकारी भूमिका से संगठनात्मक प्रतिस्पर्धा के लिए एक रणनीतिक इंजन की ओर ले जाने की दिशा में एक कदम है।
 
बहल ने कहा कि दो दिवसीय मंच तीन क्षेत्रों पर करेगा चर्चा
 भविष्य के लिए तैयार दृष्टिकोण से नेतृत्व करना, नए संगठनात्मक और कार्यबल मॉडल के साथ काम करना और कर्मचारी अनुभव को बेहतर बनाना। उन्होंने कहा कि नेतृत्व की परीक्षा हो रही है, कौशल तेजी से अप्रचलित हो रहे हैं और कर्मचारी ऐसे कार्यस्थलों की अपेक्षा कर रहे हैं जो अर्थ और विकास प्रदान करें। उन्होंने 2026 के लिए उभरती प्राथमिकताओं की पहचान के लिए राष्ट्रीय सीआईआई मानव संसाधन पेशेवर सर्वेक्षण के शुभारंभ की भी घोषणा की।