एआईसी बिमटेक के “जेन-नेक्स्ट फाउंडर कनेक्ट” में 70+ स्टार्टअप्स और ₹1,000+ करोड़ निवेशक जुड़े एक ही मंच पर
ग्रेटर नोएडा : प्रारम्भ के शुभारंभ के बाद देश के सबसे बड़े इनक्यूबेशन कोहॉर्ट एआईसी बिमटेक, जो बिमटेक का ही अहम हिस्सा है, ने जेन-नेक्स्ट फाउंडर कनेक्ट 2025 कार्यक्रम का आयोजन किया। इस आयोजन में 70+ एआईसी-बिमटेक इनक्यूबेटेड स्टार्टअप संस्थापक और 1,000 करोड़ रुपये से अधिक फंड का प्रबंधन करने वाले निवेशक एक ही छत के नीचे जुटे, जिससे कुल मिलाकर लगभग 100 प्रतिभागियों की मौजूदगी रही।
एआईसी बिमटेक में आयोजित इस कार्यक्रम को एआईएम नीति आयोग और स्टार्ट इन यूपी का सहयोग मिला। पूरे आयोजन ने “ब्रंच, बूस्ट एंड बिल्ड” थीम के तहत यह मंच स्टार्टअप संस्थापकों और निवेशकों के बीच सीधे और सार्थक जुड़ाव को बढ़ावा देने के साथ एक मजबूत प्लेटफॉर्म बनकर उभरा।
कार्यक्रम में 10 से अधिक जाने-माने निवेशक मौजूद रहे, पैनल में शामिल थे—राजेश रंजन (O2 एंजल्स नेटवर्क), अमर दीक्षित (स्विफ्टसीड वेंचर्स), रितेश आनंद (एएच वेंचर्स), करण सैनी (RTAF), इशांत सचदेव (B and S वेंचर्स), पियूष गर्ग (एंजल निवेशक), क्षितिज आनंद (कारेकबा वेंचर्स), चंदन तिवारी (EDC इंडिया) और एआईसी बिमटेक के पूर्व छात्र-निवेशक इशु बंसल (ट्रक सुविधा) व अंकित और अतुल त्रिपाठी (Uneako)। शामिल रहे। सभी निवेशकों ने अपने निवेश के नजरिए, शोध प्रबंधों और संस्थापकों को मिलने वाली गैर-वित्तीय सहायता पर अपने एक्सपीरिएंस साझा करे, जिसे प्रतिभागियों ने काफी सराहा।
एआईसी बिमटेक के सीईओ श्री सूर्यकांत ने कहा कि इस पूरे आयोजन का मकसद संस्थापकों को निवेशकों की सही सोच और अनुभव से जोड़कर उनकी दुविधा दूर करना था, ताकि वे सही दिशा समझ सकें और ऐसे निवेशकों की पहचान कर सकें जो उनके सफर में लंबे समय तक साथ रह सकें। उन्होंने कहा, “देश के सबसे बड़े इनक्यूबेशन कोहॉर्ट प्रारम्भ की शुरुआत के बाद अब हम जुड़ाव के तरीके को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य एक ऐसा संस्थापक-केंद्रित माहौल तैयार करना है, जहां सही पहुंच, सही विकल्प और सही सशक्तिकरण से असली विकास को गति मिले—और यह विकास सीधे विकसित भारत और विकसित यूपी 2047 की राह को मजबूत करे।
डायरेक्टर बिमटेक डॉ. प्रबीना राजीब ने कहा, "जेन-नेक्स्ट फाउंडर कनेक्ट 2025 का फोकस केवल" इंस्टेंट फंडिंग "के बजाय निवेशकों और उद्यमियों के बीच एक वास्तविक संबंध विकसित करना था। किसी भी तत्काल वित्त पोषण सौदों की घोषणा करने के बजाय, यह अनुमान है कि भाग लेने वाली 20 से अधिक कंपनियों को अगले 3-6 महीनों के भीतर धन प्राप्त होगा; इनके अलावा, हेल्थटेक को निवेशकों के लिए सबसे आशाजनक उद्योग के रूप में पहचाना गया है। वर्तमान में, एआईसी बिमटेक ने अपने कार्यक्रम के माध्यम से 500 से अधिक स्टार्टअप व्यवसायों को उनकी पूरी क्षमता तक पहुंचने में सहायता की है और 2026 तक इसे 700 से अधिक तक बढ़ाने की उम्मीद है।
एआईसी बिमटेक छह महीनों में 100 से ज्यादा नए स्टार्टअप्स को जोड़ना एक रिकॉर्ड के सामान है, जिनमें से सिर्फ़ प्रारम्भ समूह में ही विचार स्तर से आगे बढ़ चुके 55 उद्यम शामिल हैं। केंद्र का कुल पोर्टफोलियो अब 500 से ऊपर स्टार्टअप्स तक पहुंच चुका है, जो मिलकर 5,000 से अधिक लोगों को रोजगार दे रहे हैं और 20 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में 125 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर रहे हैं। इसकी बढ़ती पहुँच को एमईआईटीवाई स्टार्टअप हब के जेनेसिस कार्यक्रम में निभाई जा रही है जो जमीनी स्तर पर नए विचारों और नवाचार को मजबूती देता है।
कॉन्क्लेव में नेटवर्किंग, रणनीतिक सवाल–जवाब पर फोकस के साथ स्टार्टअप्स को लेकर भविष्य की योजना पर रहा। स्टार्ट इन यूपी, एमईआईटीवाई, डीपीआईआईटी–स्टार्टअप इंडिया और एमएसएमई के सहयोग से एआईसी बिमटेक ऐसे उभरते विचारों को आगे बढ़ाकर उन्हें निवेश योग्य व्यवसाय के रूप में विकसित अर्थव्यवस्था की रफ्तार को और तेज करने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो रहा है।
जेन नेक्स्ट फाउंडर्स कनेक्ट ने पिच डेक से परे जाकर "ब्रंच बूस्ट एंड बिल्ड" विषय को सुलभ और प्रभावशाली बना दिया। स्टार्टअप्स स्पष्ट चर्चा, विस्तृत सवाल-जवाब और केंद्रित नेटवर्किंग में लगे हुए हैं, जिससे उन्हें त्वरित लिफ्ट पिच पर भरोसा करने के बजाय निवेशकों की अपेक्षाओं और दीर्घकालिक विकास मार्गों को समझने में मदद मिली
जेन नेक्स्ट फाउंडर्स कनेक्ट ने पिच डेक की औपचारिकता से ऊपर उठकर “ब्रंच, बूस्ट एंड बिल्ड” थीम को सहज, प्रभावशाली और सीधे संस्थापकों तक पहुँचाने वाला बना दिया। स्टार्टअप संस्थापको ने खुलकर चर्चा कि जिससे उन्हें लंबे समय तक चलने वाले विकास मार्ग को समझने में मदद मिली।

