वेदांता जयपुर के प्रतिष्ठित किले में ला रहे हैं जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल
जयपुर : दुनिया की अग्रणी क्रिटिकल मिनरल्स, एनर्जी ट्रांज़िशन, मैटल्स, ऑयल एंड गैस, पावर एंड टेक्नोलॉजी सदन वेदांता लिमिटेड 6-7 दिसम्बर को जयपुर के प्रतिष्ठित जयगढ़ किले में जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल 2025 के दूसरे संस्करण को पेश करने जा रही है। महामहिम महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह के सहयोग से आयोजित यह महोत्सव संगीत, कारीगरी एवं लोक परम्पराओं के माध्यम से राजस्थान की संस्कृति को जीवंत करेगा तथा विरासत एवं आधुनिक रचनात्मकता का जश्न मनाते हुए दर्शकों को गहन अनुभव प्रदान करेगा।
दो-दिवसीय जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल के दौरान वेदांता, कंपनी द्वारा समर्थित राजस्थान के रचनात्मक समुदायों, कारीगरी एवं कलाकारों के लिए हेरिटेज से जुड़े कौशल का प्रदर्शन करेगी। फेस्टिवल में आने वाले आगंतुकों को कारीगरों द्वारा की गई पारम्परिक कारीगरी, कढ़ाई, पैचवर्क तथा खड़ताल, मंगानियार एवं लांघा लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां देखने का मौका मिलेगा। उथोरी नुक्कड़ नाटक राजस्थान के महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दां पर रोशनी डालेगा। वहीं वेदांता के कौशल विकास एवं आजीविका प्रोग्रामों द्वारा समर्थित स्वयं सहायता समूह, जिनमें महिलाओं के नेतृत्व के उद्यम भी शामिल हैं, आगंतुकों को प्रदेश की कलात्मक परम्पराओं का प्रत्यक्ष अनुभव पाने का मौका देंगे।
इस फेस्टिवल के साथ वेदांता की साझेदारी पर बात करते हुए प्रिया अग्रवाल हेब्बर, नॉन-एक्ज़क्टिव डायरेक्टर, वेदांता लिमिटेड एवं चेयरपर्सन, हिंदुस्तान ज़िंक लिमिटेड ने कहा, ‘‘राजस्थान हमेशा से वेदांता के लिए घर की तरह है, प्रदेश की संस्कृति हमें बेहद प्रभावित करती है। हमारा मानना है कि हेरिटेज यानि विरासत को संरक्षित रखना भविष्य के निर्माण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल इसी भावना को खूबसूरती से प्रदर्शित करता है। यह कारीगरी, संगीत एवं कहानी-कथन का जीवंत जश्न है जो परम्पराओं को बनाए रखते हुए उन्हें सम्मान देता है। हमें ऐसे मंच को समर्थन प्रदान करते हुए गर्व का अनुभव हो रहा है जो पीढ़ियों को कनेक्ट करता है और हमें याद दिलाता है कि संस्कृति सिर्फ वह नहीं जिसे हम विरासत में पाते हैं बल्कि वह भी है जिसे हम आगे बढ़ाते हैं।’’
राजस्थान पिछले दो दशकों से वेदांता की विकास यात्रा का अभिन्न हिस्सा रहा है। रु 1 लाख करोड़ से अधिक निवेश के साथ कंपनी ने राज्य के संसाधनों से समृद्ध ज़िलों को पुनःजीवित किया है। वेदांता की हिंदुस्तान ज़िंक लिमिटेड दुनिया के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड ज़िंक उत्पादकों में से एक है तथा सर्वोच्च विश्वस्तरीय सिल्वर उत्पादकों में शामिल है। इसी तरह कैयर्न ऑयल एंड गैस भारत की सबसे बड़ी निजी तेल एवं गैस उत्पादक है जो देश के घरेलू कच्चे तेल में तकरीबन 25 फीसदी योगदान देती है। इन उद्यमों ने प्रदेश में आर्थिक नवीनीकरण को सशक्त बनाया है और चित्तौड़गढ़ के चंदेरिया ज़िले एवं बाड़मेर ज़िले में ओद्यौगिक क्षेत्र निर्मित किए हैं तथा रोज़गार के लाखों अवसर भी उत्पन्न किए हैं। इन प्रयासों के चलते राजस्थान मैटल्स, एनर्जी एवं सस्टेनेबल विकास के अग्रणी हब के रूप में उभरा है।’’
इस साल वेदांता ने लोगां को कंपनी द्वारा उत्पन्न किए गए धातुओं एवं संसाधनों का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करने के लिए अपनी तरह के पहले गहन गेमीफाईड अनुभव को भी पेश किया। यह इंटरैक्टिव ज़ोन एआर/वीआर एलीमेन्ट्स एवं हैण्ड्स-ऑन अवयवों का उपयोग कर दर्शाती है कि किस तरह ज़रूरी मिनरल्स एवं उर्जा के संसाधन आधुनिक जीवन को गति प्रदान करते हैं। उदाहरण के तौर पर ज़िंक का उपयोग नवीकरणीय उर्जा से लेकर हेल्थकेयर में, सिल्वर का उपयोग सोलर और इलेक्ट्रोनिक्स में ऑयल एंड गैस का उपयोग परिवहन एवं उद्योगों में, एलुमिनियम एवं कॉपर का उपयोग, विमानन, सुरक्षा एवं परिवहन में किया जाता है। छात्रों, परिवारों एवं हेरिटेज आगंतुकों के लिए डिज़ाइन कियागया यह अनुभव राजस्थान के प्राकृतिक संसाधनों की कहानी को भारत की तकनीकी एवं आर्थिक प्रगति के साथ जोड़ता है।
राजस्थान में वेदांता के प्रयासों ने ओद्यौगिक विकास के दायरे से बढ़कर प्रदेश के सामाजिक परिवेश को आयाम दिया है। कंपनी ने नंदघर के तहत राजस्थान के 30 ज़िलों में 7000 से अधिक आधुनिकीकृत आंगनवाड़ियों की स्थापना द्वारा बच्चों के विकास एवं महिला सशक्तीकरण को सुनिश्चित किया है तथा समुदाय के विकास में रु 2500 करोड़ से अधिक निवेश किया है।
वेदांता की राजस्थान की कहानी का महत्वपूर्ण अध्याय रहा है महिलाओं का सशक्तीकरण। भारत की पहली महिला अंडरग्राउंड माइनिंग इंजीनियरों की नियुक्ति से लेकर देश की पहली महिला खदान बचाव टीम तक, वेदांता ने सभी सेक्टरों में महिलाओं के नेतृत्व के मार्ग प्रशस्त किए हैं। ये वे सेक्टर हैं जिन्हें कभी महिलाओं के लिए अनुपयुक्त माना जाता है। अपने विभिन्न कारोबारों में कंपनी माइनिंग, मैटल्स, ऑयल एंड गैस में सबसे अधिक संख्या में महिलाओं को रोज़गार देती है। सामुदायिक उद्यमों और स्वयं सहायता समूहों जैसे सखी और जीजी बाई के माध्यम से वेदांता ने महिला कारीगरों एवं सूक्ष्म उद्यमियों को पारम्परिक कौशल का पैमाना बढ़ाने, उनके लिए आजीविका के अवसर सुलभ बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद की है।
जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल के अलावा वेदांता प्रदेश में कई सांस्कृतिक एवं खेल आयोजनों को समर्थन देती है जैसे जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल, जयपुर में वेदांता पिंक सिटी हाफ मैराथॉन, उदयपुर में वेदांता ज़िंक सिटी हाफ मैराथॉन और वेदांता उदयपुर म्युज़िक फेस्टिवल। हेरिटेज, समुदाय और इनोवेशन को एक मंच पर लाकर वेदांता ऐसे भविष्य की ओर अग्रसर है जहां राजस्थान भारत की सांस्कृतिक राजधानी, आर्थिक पावरहाउस तथा प्रत्यास्थता एवं अवसरों के विश्वस्तरीय प्रतीक के रूप में विकसित होगा, एक ऐसा भविष्य जिसके निर्माण के लिए कंपनी को गर्व का अनुभव होगा।

