·    लास्ट-माइल मोबिलिटी की माँग तेज़ी से बढ़ रही है, लेकिन बड़े पैमाने पर असंगठित ई-रिक्शा सेगमेंट अब भी विश्वसनीयता, टिकाऊपन और सुरक्षा जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है।
·    बजाज ऑटो ने रिकी के माध्यम से 3-व्हीलर चालकों के साथ अपनी वर्षों पुरानी साझेदारी का विस्तार करते हुए 149 किमी की क्लास-लीडिंग रेंज, मोनोकोक चेसिस, हाइड्रोलिक ब्रेकिंग, इंडिपेंडेंट सस्पेंशन और फास्ट चार्जिंग जैसी सुविधाएँ पेश की हैं।
·    P40 सीरीज़ का पहला मॉडल रिकी P4005 है, जो 5.4 kWh बैटरी से संचालित होता है; इसकी कीमत रु. 1,90,890/- (एक्स-शोरूम) है।
·    रिकी C4005 में 164 किमी की सर्वाधिक प्रमाणित रेंज, बड़ा ट्रे और 28% ग्रेडेबिलिटी दी गई है, जिससे अधिक क्षमता और आरामदायक सफर सुनिश्चित होता है।
·    रिकी C4005 की कीमत रु. 2,00,876/- (एक्स-शोरूम) है।

एवीएस न्यूज. नई दिल्ली
दुनिया की सबसे मूल्यवान 2-व्हीलर और 3-व्हीलर कंपनी बजाज ऑटो लिमिटेड ने आज बजाज रिकी लॉन्च करते हुए ई-रिक्शा श्रेणी में अपना प्रवेश घोषित किया। 3-व्हीलर इकोसिस्टम में लंबे समय से भरोसेमंद मौजूदगी बनाने के बाद बजाज ऑटो अब अपनी ड्राइवर साझेदारी “भरोसे की भागीदारी” को भारत के तेज़ी से बढ़ते ई-रिक्शा सेगमेंट तक विस्तारित कर रहा है।

ई-रिक्शा श्रेणी ने कोविड के बाद तेज़ी से विस्तार किया है और हर महीने 45,000 से अधिक वाहन सड़क पर उतर रहे हैं। किफायती लास्ट-माइल मोबिलिटी की बढ़ती माँग इस वृद्धि का प्रमुख कारण है। मेट्रो, उपनगरीय रेल और शहर की बस सेवाओं को जोड़ने वाली लास्ट-माइल मोबिलिटी में ई-रिक्शे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए चालकों और यात्रियों दोनों के लिए विश्वसनीयता और सुरक्षा सबसे ज़रूरी पहलू बन जाते हैं।

हालाँकि यह एक बड़ा उद्योग है, बाज़ार में उपलब्ध अधिकांश विकल्प अब भी असंगठित हैं और कई चुनौतियों का सामना करते हैं:
·    वास्तविक उपयोग में कम रेंज
·    लीड-एसिड बैटरियों से होने वाले जंग और लीकेज के कारण कमजोर टिकाऊपन और कम वाहन-आयु
·    हाइड्रोलिक्स न होने से कठोर ब्रेकिंग
·    डिज़ाइन संतुलन और चेसिस के कारण अस्थिरता और पलटने का जोखिम
·    सीमित सर्विस नेटवर्क

इन चुनौतियों के कारण ड्राइवरों की आमदनी प्रभावित होती है और यात्रियों के अनुभव से समझौता होता है।

बजाज रिकी को ग्राहकों की आवश्यकताओं से मिली समझ के आधार पर डिजाइन किया गया है, इसे कड़ी परीक्षण प्रक्रिया से गुजारा गया है और यह बजाज ऑटो के व्यापक सर्विस नेटवर्क के समर्थन से सुसज्जित है। यह वह संयोजन है जिसकी इस श्रेणी को काफी समय से जरूरत थी। रिकी लगातार ज़्यादा समय तक चलने की क्षमता देता है, मेंटेनेंस कम करता है, संचालन को सुरक्षित बनाता है और रोज़मर्रा के हाई-ट्रैफिक फीडर रूट्स पर अधिक आरामदायक सफर प्रदान करता है। 

रिकी को शुरू में पटना, मुरादाबाद, गुवाहाटी और रायपुर में सीमित स्तर पर चलाया गया, और अब यह फेज़ 1 के तहत यूपी, बिहार, एमपी, छत्तीसगढ़ और असम के 100 से अधिक शहरों में विस्तार कर रहा है।

नई बढ़त की ओर : सेगमेंट में पहली बार दिए गए फीचर्स

भारत के सबसे चुनौतीपूर्ण लास्ट-माइल रूट्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया रिकी बेहतरीन इंजीनियरिंग और भरोसेमंद प्रदर्शन प्रदान करता है:
·    इस श्रेणी में सबसे अधिक रेंज – 149 किमी (P4005)
·    मोनोकोक चेसिस, जिससे अधिक वाहन-आयु, मज़बूती और स्थिरता मिलती है
·    इंडिपेंडेंट सस्पेंशन, जो आराम और स्थिरता बढ़ाता है और पलटने का जोखिम कम करता है
·    हाइड्रोलिक ब्रेक्स, जो घनी शहर यातायात स्थितियों में अधिक विश्वसनीय ब्रेकिंग देते हैं
·    फास्ट चार्जिंग – 4.5 घंटे
·    3 साल की बैटरी वारंटी और बजाज का देशव्यापी सपोर्ट नेटवर्क

P40 सीरीज़ का पहला मॉडल बजाज रिकी P4005 है, जिसमें P अक्षर यात्री वाहन को दर्शाता है। यह 5.4 kWh बैटरी के साथ आता है और इसकी कीमत रु. 1,90,890/- (एक्स-शोरूम) है।

कार्गो मॉडल रिकी C4005 में 164 किमी की सर्वाधिक प्रमाणित रेंज दी गई है। इसमें बड़ा ट्रे साइज़ है, जिससे मौजूदा विकल्पों की तुलना में अधिक कमाई की संभावना बनती है। इसमें 28% ग्रेडेबिलिटी भी है, जो ढलानों और फ्लाईओवर पर अधिक आरामदायक सफर सुनिश्चित करती है। C4005 की कीमत रु. 2,00,876/- (एक्स-शोरूम) रखी गई है।

  बजाज ऑटो लिमिटेड के इंट्रा-सिटी बिजनेस यूनिट के अध्यक्ष समरदीप सुबंध ने कहा, “रिकी ऐसे समय में इलेक्ट्रिक रिक्शा सेगमेंट में बजाज ऑटो की भरोसेमंद 3-व्हीलर इंजीनियरिंग और विश्वसनीयता लेकर आता है, जब चालकों और यात्रियों को भरोसेमंद समाधान की जरूरत है। हमने इंडस्ट्री के लिए सबसे बेहतर विकल्प पेश किया है, सबसे लंबी रेंज, मोनोकोक चेसिस, इंडिपेंडेंट सस्पेंशन और हाइड्रोलिक ब्रेक्स। रिकी को इस तरह तैयार किया गया है कि यह ड्राइवरों की कमाई बढ़ाए, यात्री सुरक्षा और आराम को बेहतर बनाए और वह भरोसा प्रदान करे जिसका भारत के लास्ट-माइल इकोसिस्टम को लंबे समय से इंतजार था।