गोदरेज जर्सी ने ‘गोदरेज जर्सी इंडिया लैक्टोग्राफ फाइंडिंग्स वित्त वर्ष 25–26’ नाम से एक स्टडी जारी की है। इसमें बताया गया है कि भारत में लोग अब दूध किस तरह से और क्यों पी रहे हैं, और उनके दूध पीने का तरीका कैसे बदल रहा है। यह रिसर्च आठ बड़े शहरों में हुई है, जिससे पता चलता है कि दूध लोगों की लाइफस्टाइल के हिसाब से उनकी रोज़ाना की ज़िंदगी में कैसे फिट हो रहा है।

उत्तरी भारत में दूध आज भी रोज़मर्रा की आरामदायक आदतों और रूटीन का अहम हिस्सा बना हुआ है। यहां 84% लोग चाय या कॉफी को अपना प्रमुख पौष्टिक पेय मानते हैं, जो गर्म पेय की इस आदत में दूध की अपरिहार्यता को मज़बूती से दर्शाता है। 81% उत्तर भारतीय नाश्ते में दूध का सेवन करते हैं, जिससे सुबह का समय सबसे स्थिर खपत का पल बन जाता है। दूध दिनभर भी प्रासंगिक रहता है—64% लोग बताते हैं कि उन्हें शाम के नाश्ते में भी दूध पसंद है, यानी यह उनके दिन की शुरुआत और अंत – दोनों का हिस्सा है। मौसम भी यहां खपत को प्रभावित करता है। सर्दियों में फ्लेवर्ड दूध की खपत सबसे ज़्यादा (करीब 50%) होती है, जो इसे गर्माहट, सुकून और पुरानी यादों से गहरे जुड़ाव का संकेत देती है।

पूरे देश की बात करें तो, स्टडी बताती है कि माता-पिता अपने बच्चों की डाइट में दूध की जगह को लेकर चिंतित हैं। 54% पेरेंट्स को लगता है कि उनके बच्चे की ग्रोथ उनके बचपन के मुकाबले कम है, और 64% को कम दूध पीने से हड्डियों के कमज़ोर होने का डर है। इसी के साथ, प्रोटीन पर ज़्यादा ध्यान दिया जा रहा है— 62% माता-पिता प्रोटीन और दिन भर की एनर्जी के लिए दूध पर भरोसा करते हैं।

गोदरेज जर्सी के मार्केटिंग हेड, शांतनु राज ने कहा, “यह स्टडी बताती है कि दूध कहीं नहीं जा रहा है, बस उसका पीने का तरीका बदल रहा है।“ डेटा पुरानी आदतों और नए बदलावों दोनों को दिखाता है: 67% भारतीय आज भी सबसे ज़्यादा दूध चाय के ज़रिए ही लेते हैं, जो हमारी संस्कृति का हिस्सा है, वहीं 44% लोग अब प्रोटीन शेक के रूप में दूध को अपनी दिनचर्या में ला रहे हैं, जो फिटनेस पर बढ़ते फोकस का संकेत है।

ड्रिंक्स के अलावा भी, डेयरी प्रॉडक्ट्स घरों में खूब इस्तेमाल होते हैं, जैसे दही (80%), पनीर (76%) और मक्खन (74%)। इन नतीजों के साथ, गोदरेज जर्सी अच्छी क्वालिटी, पोषण से भरपूर नए-नए प्रॉडक्ट्स और बदलती लाइफस्टाइल के लिए चीज़ें बनाकर डेयरी के फ्यूचर को बेहतर बनाने की अपनी कोशिश को जारी रखेगा।