मंडी में सोयाबीन समर्थन मूल्य से 2100 रुपए तक नीचे भाव पर नीलाम
एवीएस न्यूज.भोपाल
बेमौसम बारिश से कृषि उपजों में नमी आ गई है, जिससे उपज की गुणवत्ता कमजोर पड़ गई है।। जिससे स्थानीय करोंद मंडी सहित मध्यप्रदेश की कृषि उपज मंडियों में कम भाव किसानों को उपज के लिए बेचने मजबूर होना पड़ा रहा है। बेमौसम बारिश से किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
स्थानीय करोंद स्थित पंडित लक्ष्मीनारायण कृषि उपज मंडी स्थित अनाज कारोबारी और ग्रेन मचेंट एंड ऑयल सीड्स एसोसिएशन के प्रवक्ता संजीव जैन ने बताया कि मंडी पहुंच रही कृषि उपज में नमी होने से नीलाम प्रांगण में व्यापारी बढ़-चढ़कर बोली नहीं लगा रहे हैं। उपज की खरीदी कम दाम पर हो रही है। अनाज कारोबारी संजीव जैन ने बताया कि मंडी प्रांगण सोयाबीन समर्थन मूल्य से 2100 रुपए कम भाव में बिक रहा है।
सोयाबीन क्वालिटीनुसार 3200 से 4200 रुपए क्विंटल के भाव बिक रहा है। सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5325 रुपए क्विंटल है। संजीव जैन ने बताया कि सरकार के निर्देश पर सरकारी नोडल एजेंसी किसानों भावांतर योजना के तहत सोयाबीन की खरीदी 24 अक्टूबर से शुरू कर दी है, लेकिन भावांतर का मॉडल रेट 7 नवंबर को घोषित होने से सोयाबीन उत्पादक किसान उलझन में हैं।
अनाज व्यापारी संजीव जैन ने बताया कि गुरूवार को स्थानीय गल्ला मंडी में सोयाबीन की आवक 5 हजार बोरे की रही है। मक्का की आवक 400 बोरा की, जो कि 1200 से 1800 रुपए क्विंटल क्वालिटीनुसार बिका। जबकि सभी किस्म के गेहूं की आवक 1500 बोरे की रही है। मंडी में मालवा शक्ति गेहूं 2450 से 2650 रुपए, 1544 किस्म का गेहूं 2600 से 2800 रुपए, मिल क्वालिटी गेहूं 2500 से 2500 रुपए, लोकवन गेहूं 2600 से 2800 रुपए और शरबती गेहूं 3200 से 3300 रुपए क्विंटल के भाव तक नीलाम हुआ।

- करोंद मंडी में 1500 बोरा पूसा बासमती धान में आवक
संजीव जैन ने बताया कि मंडी बासमती पूसा किस्म धान की आवक गुरूवार को 1500 बोरी की रही, जो कि 1800 से 2600 रुपए क्विंटल के भाव बिका। किसानों द्वारा लाई जा रही धान में काफी नमी है जिसके चलते उत्पादकों को उनकी उपज का भाव कम मिल रहा है। उन्होंने कि पिछले साल पूसा बासमती धान 3000 से 3200 रुपए क्विंटल के भाव बिकी थी जो मौजूदा समय में मौसम बदलाव के चलते क्वालिटीनुसार 1200 रुपए प्रति क्विंटल नीचे भाव पर बिक रही है।
बेमौसम बारिश के कारण मक्का में नमी, गुणवत्ता प्रभावित मंडी सचिव प्रवीण वर्मा और भोपाल ग्रेन मर्चेंट एंड ऑयल सीड्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश ज्ञानचंदानी के अनुसार मौसम का मिजाज गड़बड़ाने से अनाज सुखाने के पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए मंडी में नमीयुक्त मक्का पहुंच रहा है और कम भाव पर नीलाम हो रहा है।

