ऑल इंडिया नोटबुक मैन्युफैक्चरर्स एसो.ने कहा - जीरो कस्टम ड्यूटी भारतीय नोटबुक उद्योग के लिए होगी विनाशकारी साबित
मुंबई । ऑल इंडिया नोटबुक मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री और भारत सरकार का जीएसटी 2.0 सुधारों के तहत कर प्रणाली को सरल बनाने और आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने के लिए उठाए गए साहसिक कदमों के लिए आभार जताया है। लेकिन एसोसिएशन ने वाणिज्य मंत्री पियूष गोयल तथा जीएसटी परिषद को पत्र भेजकर नोटबुक की कीमतों में जीएसटी घटाने और कच्चे माल पर जीएसटी बढ़ाने के मुद्दे को लेकर इस समस्या के तत्काल समाधान की अपील की है।
एसोसिएशन ने पहले भी सीबीआईसी प्रमुख संजय कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में फाइनेंस भवन, नई दिल्ली में सुश्री तन्वी सोनी को एक ज्ञापन भी सौंप चुका है।
ऑल इंडिया नोटबुक मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने भारत सरकार से अपील की है कि जीएसटी परिवर्तन के मद्देनजर पेपर मिलों की मूल्य निर्धारण नीतियों की जांच करें। नोटबुक के आयात पर प्रतिबंध लगाया जाए, क्योंकि देश में पर्याप्त उत्पादन क्षमता मौजूद है। एशियन देशों से आयातित नोटबुक, अभ्यास पुस्तकों पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाई जाए।
जीरो फीसदी जीएसटी की जगह एक नाममात्र (न्यूनतम) जीएसटी दर को लागू करने पर विचार किया जाए, जिससे इनपुट टैक्स क्रेडिट का असंतुलन समाप्त किया जा सके। एसोसिएशन भारत सरकार का ध्यान इस गंभीर स्थिति की ओर आकर्षित करते हुए घरेलू नोटबुक उद्योग को बचाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग करती है।

