मप्र के लिए गर्व का क्षण : इंदौर की बेटी ‘क्रांति’ को राष्ट्रीय सम्मान, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने किया सम्मानित
एवीएस न्यूज ..भोपाल
मध्य प्रदेश के इंदौर की सामाजिक कार्यकर्ता क्रांति को प्रतिष्ठित सीआईआई फाउंडेशन वुमन एक्जेम्पलर अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें भारत सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नई दिल्ली में आयोजित सीआईआई वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान प्रदान किया। क्रांति को यह राष्ट्रीय सम्मान उनके गरिमा अभियान के तहत किए गए जमीनी सामाजिक कार्यों के लिए मिला।
उन्होंने समाज के वंचित वर्गों के बीच काम करते हुए 32 गांवों के 230 परिवारों में हाथ से मैला ढोने की अमानवीय प्रथा को समाप्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही उन्होंने महिलाओं को उनके अधिकारों, गरिमा और पुनर्वास के प्रति जागरूक करने का व्यापक अभियान चलाया।
40 हजार से अधिक महिलाओं तक पहुंच
पिछले कुछ वर्षों में क्रांति ने प्रशिक्षण, जागरूकता और परामर्श कार्यक्रमों के माध्यम से 40,000 से अधिक महिलाओं तक पहुंच बनाई। उन्होंने हिंसा और भेदभाव का सामना कर रही 3,400 से ज्यादा महिलाओं को कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई। क्रांति के प्रयासों से एक लाख से अधिक लोगों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और श्रम अधिकारों तक पहुंच मिली। इसके अलावा सामाजिक समावेशन और जागरूकता अभियानों के जरिए करीब 6,000 युवाओं को भी संगठित किया गया।
शिक्षा मंत्री ने की सराहना
कार्यक्रम में संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देश में जमीनी स्तर पर काम करने वाली महिला नेता समाज में वास्तविक बदलाव ला रही हैं और समावेशी विकास को नई दिशा दे रही हैं। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन महिलाओं को दिया जाता है जो वंचित समुदायों के बीच नेतृत्व और सामाजिक कार्यों के माध्यम से उल्लेखनीय परिवर्तन ला रही हैं।
पुरस्कार के तहत विजेताओं को ट्रॉफी, नकद राशि और संस्थागत सहयोग प्रदान किया जाता है। साथ ही वे देशभर की महिला परिवर्तनकर्ताओं के नेटवर्क का हिस्सा बनती हैं।
मध्य प्रदेश का बढ़ा मान
राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस पहचान ने न केवल इंदौर बल्कि पूरे मध्य प्रदेश को गौरवान्वित किया है। क्रांति की उपलब्धि ने महिला सशक्तिकरण, जातिगत भेदभाव उन्मूलन और सामुदायिक नेतृत्व के क्षेत्र में राज्य की मजबूत भागीदारी को देशभर में नई पहचान दिलाई है।

