आदमपुर खंती में 10 लाख मैट्रिक टन लेगेसी वेस्ट खत्म करने मशीनें उतारीं
— अब नहीं दिखेगा कचरे का पहाड़, एनटीपीसी को देना शुरू किया सूखा कचरा
— 220 करोड़ की लगात से 15 एकड़ में लगा है प्लांट
एवीएस न्यूज, भोपाल।
आदमपुर खंती में अब कचरे का पहाड़ नजर नहीं आएगा। यहां से 10 लाख मीट्रिक टन लेगेसी वेस्ट को खत्म करने के लिए मशीनें उतारी गई हैं। इस काम के लिए सौराष्ट्र कंपनी ने मशीनें लगाना शुरू कर दी हैं। एक मशीन से एक घंटे में 250 टन लैगेसी वेस्ट को इनर्ट वेस्ट, आरडीएफ में बदला जा रहा है।
जानकारी के अनुसार 12 अक्टूबर साल 2021 में नगर निगम और एनटीपीसी (नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन) के बीच अनुबंध हुआ था। इसके तहत दो साल में प्लांट बनकर तैयार होना था, लेकिन इसे तैयार होने में पांच साल लग गए। इस प्लांट का निगम कमिश्नर ने कई बार दौरा किया और एनटीपीसी के अधिकारियों से लगातार चर्चा की। अब इस प्लांट ने काम करना शुरू कर दिया है। निगम के वाहनों से प्लांट में सूखा कचरा पहुंचना शुरू हो गया है। यह कचरा शहर के अलग-अलग इलाकों के ट्रांसफर स्टेशनों से सीधे पहुंच रहा है।
15 एकड में 220 करोड़ की लागत से लगा है प्लांट
आदमपुर छावनी में एनटीपीसी का प्लांट 15 एकड़ में लगाया गया है। यह पीपीपी मोड पर स्थापित किया गया है। प्लांट के लिए निगम ने सिर्फ जगह उपलब्ध करवाई है, जबकि प्लांट बनाने का खर्च कंपनी ने उठाया है। यह पूरा प्रोजेक्ट लगभग 220 करोड़ रुपए का है।
सूखे कचरे के प्रोसेस का खर्च बचेगा, लेगेसी वेस्ट नहीं हो पाएगा तैयार
प्लांट के संचालन से निगम को सूखे कचरे के निष्पादन पर होने वाले खर्च की बचत होगी। वहीं नया लेगसी वेस्ट भी तैयार नहीं हो पाएगा। बनारस के बाद शहर में देश का दूसरा ऐसा शहर है, जिसने टोरिफाइड चारकोल प्लांट के लिए अनुबंध किया है। यह प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश में अपने किस्म का पहला प्रोजेक्ट है।
33 एकड़ एरिया खाली करके देगी कंपनी
आदमपुर खंती में 10 लाख मैट्रिक टन लेगेसी वेस्ट को खत्म करने का काम निगम ने सौराष्ट्र कंपनी को दिया है। करीब 55 करोड़ रुपए में कंपनी को करीब 33 एकड़ एरिया खाली करके देना होगा। इसके लिए कंपनी ने अपनी पहली मशीन स्थापित कर दी है। एक घंटे में एक मशीन 250 टन लेगेसी वेस्ट को खत्म कर आरडीएफ, इनर्ट वेस्ट और दूसरे उपयोगी वेस्ट में बदल देगी।






