एवीएस न्यूज.मुंबई 
भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई अगले पांच वर्षों में रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बड़े बदलाव के दौर से गुजर सकती है। सीआईआई रियल एस्टेट समिट 2026 में जारी सीआईआई-सीबीआरई इंडिया मिड-ईयर मार्केट आउटलुक वित्त वर्ष 2027 के अनुसार, मुंबई के ऑफिस रियल एस्टेट मार्केट में 2027 से 2030 के बीच रैली 12-15 फीसदी की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर दर्ज होने का अनुमान है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, नए बिजनेस डिस्ट्रिक्ट, पुनर्विकास और बेहतर कनेक्टिविटी मुंबई के रियल एस्टेट बाजार की दिशा तय करेंगे।  


ऑफिस स्टॉक 2030 तक 1.3 गुना होने का अनुमान
रिपोर्ट के मुताबिक 2022 से 2026 के अनुमानित दौर में मुंबई में औसतन करीब 11.8 मिलियन वर्गफुट सालाना ऑफिस लीजिंग हुई। 2030 तक शहर का कुल ऑफिस स्टॉक मौजूदा स्तर के मुकाबले करीब 1.3 गुना होने का अनुमान है। H1 2026 तक देश के कुल ऑफिस इन्वेंटरी में मुंबई की हिस्सेदारी करीब 16फीसदी रही।

 रिपोर्ट में मुंबई के आवासीय बाजार में 2027-30 के दौरान 6-8फीसदी सीएजीआर  से बिक्री बढ़ने का अनुमान लगाया गया है। 2030 तक रेजिडेंशियल स्टॉक करीब 1.5 गुना बढ़ सकता है।

इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास, प्रीमियम हाउसिंग और एमएमआर में नए आवासीय कॉरिडोर इसके प्रमुख आधार होंगे। वहीं रिटेल सेक्टर में सबसे तेज वृद्धि की संभावना जताई गई है। रिटेल डिमांड में 14-17फीसदी सीएजीआर  की वृद्धि और 2030 तक स्टॉक में करीब 1.6 गुना विस्तार का अनुमान है।  


इंडस्ट्रियल-लॉजिस्टिक्स और डेटा सेंटर भी बनेंगे ग्रोथ इंजन
मुंबई के इंडस्ट्रियल एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में 2027 से 2030 के बीच 5-8 फीसदी सीएजीआर की वृद्धि का अनुमान है। ई-कॉमर्स, थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड और संस्थागत इंडस्ट्रियल पार्कों से इस क्षेत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है। डेटा सेंटर के मामले में भी मुंबई की स्थिति मजबूत बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक शहर की डेटा सेंटर क्षमता 2.1 गुना तक बढ़ सकती है। एच1 2026 में देश के प्रमुख बाजारों की कुल क्षमता में मुंबई की हिस्सेदारी करीब 52 फीसदी थी, जो 2030 तक बढ़कर अनुमानित 68 फीसदी हो सकती है।  

सम्मेलन में एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी और  एचडीएफसी कैपिटल एडवाइजर्सके चेयरमैन दीपक पारेख ने कहा कि मुंबई की आवासीय जरूरतों को पूरा करने के लिए तेज, स्मार्ट और किफायती निर्माण पर जोर देना होगा।  


सीआईआई वेस्टर्न रीजन की विरासत एवं ब्लू स्टार के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर वीर एस. अडवाणी ने कहा कि मुंबई के विकास में पुनर्विकास और ग्रीनफील्ड डेवलपमेंट दोनों की भूमिका है। बेहतर कनेक्टिविटी, एकीकृत योजना, नीतिगत स्पष्टता और टिकाऊ विकास के जरिए शहर को अधिक प्रतिस्पर्धी और भविष्य के लिए तैयार किया जा सकता है।

सीबीआरई के चेयरमैन एवं सीईओ अंशुमान मैगजीन ने कहा कि 2030 तक मुंबई दुनिया के प्रमुख आर्थिक केंद्रों में शामिल होने की क्षमता रखता है।  
फीनिक्स मिल्स के चेयरमैन अतुल रुइया ने कहा कि मुंबई को 2030 तक एक बड़ा और वैश्विक शहर बनाने के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, मेट्रो कनेक्टिविटी और नए विकास अवसरों का लाभ उठाना होगा।  सम्मेलन में सीआईआई पश्चिमी क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अल्पा अंतानी सहित रियल एस्टेट और कॉरपोरेट जगत के प्रमुख प्रतिनिधि मौजूद रहे।

सम्मेलन में जारी रिपोर्ट ने संकेत दिया कि मुंबई 2030 तक सिर्फ रियल एस्टेट विस्तार ही नहीं, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, वित्तीय सेवाओं और नए कारोबारी केंद्रों के विकास के जरिए एक और मजबूत वैश्विक आर्थिक केंद्र के रूप में उभर सकती है।


प्रमुख क्षेत्रों की अनुमानित वृद्धि
क्षेत्र    2027-30 अनुमानित सीएजीआर      2030 तक स्टॉक
ऑफिस    12-15 फीसदी    1.3 गुना
रेजिडेंशियल बिक्री    6-8 फीसदी    1.5 गुना
इंडस्ट्रियल एवं लॉजिस्टिक्स    5-8  फीसदी    1.3 गुना
रिटेल    14-17 फीसदी     1.6 गुना