16 साल के सफर में कई उतार-चढ़ाव आए, फिर वह आखिरी दिन आया जब मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री खट्टर ने मेट्रो को हरीझंडी दिखाकर रवाना किया

'शिवनारायण सोनी
भोपाल। राजधानी में शनिवार का दिन भोपाल वासियों के लिए बड़ा गर्व का रहा। सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन पर जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भोपाल मेट्रो को हरी झंडी दिखाकर इसकी शुरुआत की। इसके बाद दोनों नेताओं ने सुभाष नगर से एम्स तक मेट्रो में सफर किया।। इस दौरान सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन अतिथ, अधिकारियों, राजनेताओं और मीडिया कर्मचारियों से खचा-खच भरा रहा। इसके साथ ही स्थानीय रहवासियों में भी मेट्रो के शुरू होने को लेकर काफी उत्साह देखा गया। मेट्रो का यह पहला चरण सुभाष नगर से एम्स तक 6.22 किलोमीटर लंबा है, जिसमें कुल 8 स्टेशन शामिल हैं। उद्घाटन से पहले सभी स्टेशनों पर रातभर तैयारियां चलीं और स्टेशनों को फूलों से सजाया गया। भोपाल मेट्रो सेवा आम यात्रियों के लिए रविवार 21 दिसंबर से शुरू होगी। इससे शहर के सार्वजनिक परिवहन को नई गति मिलेगी उल्लेखनीय है कि राजधानी में मेट्रो का काम 2009 से शुरू हुआ था। इसके बाद मेड्रों को पटरी पर दौड़ाने के लिए अधिकारी, मंत्री, राजनेता और बड़ी संख्या में कर्मचारी दिनरात लगे रहे। इस बीच मेट्रो को कई उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। तब जाकर आज शनिवार को मेट्रा का सुभाष नगर स्टेशन पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मेट्रो को हरी झंडी दिखाई।
आप को बता दें कि राजधानी भोपाल में मेट्रो प्रोजेक्ट की परिकल्पना 2009 में की गई थी। 2011 में डीपीआर बनाने के आदेश हुए और 2018 में पहला वर्क ऑर्डर हुआ। करीब आठ साल बाद भोपाल मेट्रो की सौगात जनता को मिलने जा रही है, जबकि एमपी मेट्रो कॉरपोरेशन ने भोपाल और इंदौर में एक साथ मेट्रो प्रोजेक्ट का काम शुरू किया, लेकिन यहां भी इंदौर ने पहले ही बाजी मारी। करीब सात महीने पहले इंदौर में मेट्रो का लोकार्पण हो चुका है। प्रोजेक्ट के उतार-चढ़ाव की बाते हम आपको बता रहे हैं, क्या-क्या दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

कोविड के समय 2019 में काम रुका
राजधानी भोपाल में मेट्रो का काम ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कारिडोर के साथ चल रहा था। जिसे 2022 में पूरा किया जाना था, लेकिन कोविड-2019 के कारण प्रोजेक्ट का काम पूरी तरह ठप रहा। ऐसा ही कुछ हाल 2021 का रहा, लेकिन साल के अंत में प्रोजेक्ट का काम दोबारा शुरू किया गया, लेकिन उस समय मेट्रा के काम में तेजी लाने के लिए लेबर के नहीं मिले, जिसके कारण काम लगातार पिछड़ता गया।

समय पर नहीं पहुंची मशीन
2022 में  प्रोजेक्ट के काम ने रफ्तार पकड़ी। हालांकि, इस बीच कभी मशीनों की दिक्कत तो कभी लेबर की, लेकिन काभी समस्याएं आईं। इस दौरान पिलर खड़े हो गए थे। गर्डर रखे जा चुके थे। पटरियों को बिछाने का काम चला। कुल मिलाकर सुभाष नगर से लेकर रानी कमलापति मेट्रो रेलवे स्टेशन तक एलिवेटेड कारिडोर का काफी काम हो चुका था।

2023 में शिवराज ने पहला ट्रायल रन लिया
भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट का मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के प्रेशर को भी झेलना पड़ा। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव से पहले 3 अक्टूबर 2023 को पहला मेट्रो का ट्रायल रन लिया। इस दौरान उन्होंने सुभाष नगर से लेकर रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में बैठकर सफर किया। तब मुख्यमंत्री ने इसको अप्रैल-मई 2024 तक शुरू करने की बात कही थी।

प्रायोरिटी कारिडोर की 3.4 किमी बढ़ाई लंबाई
तत्कालीन मुख्यमंत्री के सफर करने के बाद प्रायोरिटी कारिडोर की लंबाई बढ़ाई गई। पहले मेट्रो सुभाष नगर से लेकर रानी कमलापति मेट्रो स्टेशन तक करीब 4 किलोमीटर चलाई जानी थी, लेकिन बाद में प्रोजेक्ट की लंबाई को एम्स मेट्रो स्टेशन तक 3.4 किलोमीटर तक और बढ़ा दिया गया। इस वजह से इस प्रायोरिटी कारिडोर की लंबाई 7.4 किलोमीटर है।

स्टील ब्रिज बनाने के काम की रफ्तार रही सुस्त
 रेलवे लाइन के ऊपर स्टील ब्रिज रखा जाना था। यह काम रेलवे द्वारा किया जाना था। रेलवे ने इस स्टील ब्रिज को रखने में सालभर से अधिक समय लगा दिया। इस बीच मेट्रो ने एम्स से एलिवेटेड कारिडोर बनाने का काम जारी रखा। स्टील ब्रिज रखने के बाद एलिवेटेड कारिडोर से ब्रिज को जोड़ा गया।