बीएचईएल कर्मचारियों के इंसेंटिव के लिए ऐबू का संघर्ष तेज
13 जुलाई को होने वाली समीक्षा बैठक से पहले कार्यकारी निदेशक से मिला प्रतिनिधिमंडल, सौंपा मांगपत्र
एवीएस न्यूज, भोपाल।
ऑल इंडिया बीएचईएल एम्प्लॉईज यूनियन (ऐबू)- निफ्टू ने कर्मचारियों के इंसेंटिव (रिवार्ड) से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष तेज कर दिया है। बीएचईएल कॉर्पोरेट, नई दिल्ली में वरिष्ठ प्रबंधन के समक्ष रिवार्ड स्कीम-2024 के व्यापक पुनरीक्षण की मांग पुरजोर तरीके से उठाई।
13 जुलाई 2026 को प्रस्तावित रिवार्ड स्कीम समीक्षा उप-समिति की बैठक से पूर्व यूनियन का प्रतिनिधिमंडल महासचिव रामनारायण गिरी के नेतृत्व में बीएचईएल के कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) एम. श्रीधर से मिला। इस अवसर पर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) अगस्टीन खाखा एवं अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) प्रवीण चौधरी भी उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने रिवार्ड योजना-2024 के पुनरीक्षण के संबंध में विस्तृत मांगपत्र सौंपकर विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल में यूनियन के कार्यवाहक अध्यक्ष आशीष सोनी, कोषाध्यक्ष विशाल वाणी तथा सह-कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार भी शामिल रहे।
एरियर का शीघ्र भुगतान की मांग
बैठक में यूनियन ने सबसे पहले रिवार्ड योजना-2024 के भाग-2 की राशि की गणना में हुई त्रुटि के कारण वर्ष 2024 से सहायक कर्मचारियों को हुए आर्थिक नुकसान का मुद्दा उठाते हुए एरियर का शीघ्र भुगतान किए जाने की मांग रखी। इस विषय पर कॉर्पोरेट प्रबंधन के साथ विस्तृत चर्चा हुई, जिस पर प्रबंधन ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए मामले पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
रिवार्ड योजना के भाग-2 की राशि का समान वितरण हो
यूनियन ने यह भी मांग की कि रिवार्ड योजना के भाग-2 की राशि का समान वितरण किया जाए तथा जिन विभागों का पीपी इंडेक्स 105 प्रतिशत से अधिक हो, उन्हें उसी अनुपात में अतिरिक्त इंसेंटिव दिया जाए। साथ ही मशीन ब्रेकडाउन की स्थिति में कर्मचारियों को पिछले तीन माह की औसत प्रोत्साहन राशि, ड्यूटी के दौरान अथवा ड्यूटी पर आते-जाते समय दुर्घटनाग्रस्त कर्मचारियों को कार्य पर लौटने तक औसत इंसेंटिव का भुगतान करने की मांग की।






