आईएचसीएल ने पृथ्वी दिवस पर दायित्वपूर्ण संसाधन प्रबंधन के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई
एवीएस न्यूज. मुंबई
अर्थ डे (पृथ्वी दिवस) के मौके पर, भारत की सबसे बड़ी हॉस्पिटैलिटी कंपनी, इंडियन होटल्स कंपनी (आईएचसीएल) ने अपने पोर्टफोलियो में ज़िम्मेदारी के साथ रिसोर्स मैनेजमेंट (संसाधन प्रबंधन) हेतु अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। अपने ईएसजी प्लस फ्रेमवर्क ’पथ्य’ के मार्गदर्शन में आईएचसीएल अपने परिचालन की मूल में संवहनीयता (सस्टेनेबिलिटी) को शामिल करना जारी रखे हुए है, जिससे पर्यावरण प्रबंधन पुख्ता होगा और दीर्घकालिक मज़बूती को सहयोग मिलेगा।
आईएचसीएल के मानव संसाधन के कार्यकारी उपाध्यक्ष गौरव पोखरियाल ने कहा, “आज, सस्टेनेबिलिटी महज़ चंद पहलकदमियों का समूह भर नहीं रह गई है बल्कि उससे बढ़कर कारोबार चलाने का एक मुख्य अनुशासन बन गई है जो यह तय करती है कि वक्त साथ आगे बढ़ते हुए कोई उद्योग किस प्रकार मूल्य रचना करता है। जिस तरह से विभिन्न स्थानों पर हमारे पोर्टफोलियो का विस्तार हो रहा है उसे देखते हुए हमारे दैनिक परिचालन में संवहनीय विधियों को शामिल करना दायित्वपूर्ण वृद्धि के लिए आवश्यक हो गया है।
पथ्य के अनुसार कार्य करते आईएचसीएल ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण और कचरा प्रबंधन को मज़बूत करने पर फोकस कर रहा है, यह सुनिश्चित करते हुए कि पर्यावरण की ज़िम्मेदारी हमारे काम करने के तरीके में शामिल हो।”
2016 से, आईएचसीएल ने अपनी ऊर्जा खपत को 18 प्रतिशत, उत्सर्जन की मात्रा को 35 प्रतिशत, पेयजल के इस्तेमाल को 34 प्रतिशत और लैंडफिल में कचरे की मात्रा को 46 प्रतिशत कम किया है, जो परिचालन में ऊर्जा दक्षता को मजबूत बनाने के निरंतर फोकस को दर्शाता है। 100 अर्थचैक-सर्टिफाइड होटलों की उपलब्धि इस कोशिश की निरंतरता को दिखाती है।
आईएचसीएल की पहलों में नवीकरणीय ऊर्जा को ज्यादा अपनाना, उन्नत ऊर्जा प्रबंधन और चिलर ऑप्टिमाइज़ेशन सिस्टम का इस्तेमाल, कुशल और जीवाश्म ईंधन-मुक्त लॉन्ड्री ऑपरेशन में बदलाव, ऑर्गेनिक वेस्ट प्रोसेसिंग और कम्पोस्टिंग के तरीकों को मज़बूत करना, पैकेज्ड पानी पर निर्भरता कम करने के लिए इन-हाउस वॉटर बॉटलिंग, और सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का ईस्तेमाल बंद करना शामिल है, ये सब मिलकर ब्रांड के जिम्मेदार पर्यटन की प्रतिबद्धता को मज़बूत करते हैं।

