भीषण गर्मी में मानपुर बेहाल: भर्ती विवाद और पानी संकट ने बढ़ाई परेशानी”

 एवीएस  न्यूज. भोपाल


भीषण गर्मी के इस दौर में मानपुर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल केवल प्रशासनिक मुद्दा नहीं, बल्कि आम लोगों के दैनिक जीवन से जुड़ी गंभीर चिंता बन चुके हैं। क्योंकि“भीषण गर्मी में मानपुर बेहाल होने के साथ परिषद पर भर्ती विवाद  और पानी संकट ने बढ़ाई परेशानी बढ़ा रखी है। 


गौरतलब है कि नगर परिषद में हाल ही में हुई भर्तियों को लेकर पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चयन प्रक्रिया स्पष्ट नहीं रही और योग्यता के बजाय पक्षपात को प्राथमिकता दी गई। यदि ऐसा है, तो यह न केवल योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय है बल्कि संस्था की विश्वसनीयता पर भी सीधा असर डालता है। प्रशासन को चाहिए कि पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक करे और यदि आवश्यक हो तो स्वतंत्र जांच कराए।


- वार्ड 5, 6 और 7 में पानी का संकट:
भीषण गर्मी के बीच इन वार्डों में पानी की कमी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। कई इलाकों में नियमित जल आपूर्ति नहीं हो पा रही, जिससे लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है या महंगे दामों पर टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। यह समस्या स्वास्थ्य और स्वच्छता दोनों के लिए खतरा बन सकती है।

इस संबंध में जल विभाग के अधिकारी गोस्वामी ने बताया कि “मिस्त्री व्यस्त है और मजदूर शादी-ब्याह के कारण उपलब्ध नहीं हैं, जैसे ही मिलेंगे काम कराया जाएगा।” यह बयान नगर परिषद की तैयारियों और प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा करता है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर परिषद अध्यक्ष भारती सोनी और सीएमओ राजेंद्र कुशवाहा द्वारा भर्ती प्रक्रिया में अपने परिचितों को प्राथमिकता दी गई, जबकि नगर की मूलभूत आवश्यकताओं को नजरअंदाज किया गया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जानकारी के अनुसार, वर्तमान में नगर परिषद में केवल एक ही मिस्त्री कार्यरत है, जिसकी नियुक्ति पंचायतकाल में हुई थी। पूर्व में इस तरह के कर्मचारियों को मान्यता नहीं दी गई थी, जिसके चलते उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। न्यायालय के आदेश के बाद ही वे कार्य कर रहे हैं।

अब सवाल यह उठता है कि जब नगर परिषद में इतनी बड़ी संख्या में भर्तियां की जा सकती हैं, तो पेयजल संकट जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तकनीकी कर्मचारियों की नियुक्ति क्यों नहीं की गई। भीषण गर्मी में पानी के लिए परेशान नागरिकों ने नगर परिषद से तत्काल टैंकरों के माध्यम से जल आपूर्ति शुरू करने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।

जनता की बढ़ती नाराजगी 
लगातार समस्याओं की शिकायत रहवासियों द्वारा नगर परिषद मानपुर के जिम्मेदारों से करने के बाद भी जिम्मेदारों द्वारा समस्या का समाधान नहीं किए जाने से क्षेत्रीय रहवासियों में  आक्रोश बढ़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि परिषद के अध्यक्ष की जगह अध्यक्ष पति का पूरे सिस्टम में दखल होने के इनकी उदासीनता और मनमानी पूर्ण रवैए की बदौलत क्षेत्र में न तो पानी की व्यवस्था सुधरी और न ही भर्ती विवाद पर कोई स्पष्ट जवाब मिल पा रहा है। 
  
स्थानीय लोगों के अनुसार, इन वार्डों में आज भी पंचायतकालीन पुरानी टंकी से जल आपूर्ति की जा रही है। मुख्य मार्ग पर नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन केवल एक तरफ ही बिछाई गई है, जबकि दूसरी ओर पाइपलाइन विस्तार को लेकर लंबे समय से “टेंडर हो चुका है” का आश्वासन दिया जा रहा है। हालांकि जमीनी हकीकत यह है कि अब तक काम शुरू भी नहीं हुआ है।