सिग्निफाई द्वारा सुरक्षा और आजीविका बढ़ाने के लिए भारत-नेपाल सीमा के 100 गाँवों को रोशन किया जाएगा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी के मार्गदर्शन में चल रहे इस सहयोग से क्षेत्र में सुरक्षा, गतिशीलता और आजीविका बढ़ेगी
एवीएस न्यूज. नई दिल्ली
लाइटिंग में दुनिया की प्रमुख कंपनी, सिग्निफाई द्वारा अपने ‘#ब्राईटरलाईव्सबैटरवर्ल्ड’ के लक्ष्य के अंतर्गत, तर्क फाउंडेशन के सहयोग से भारत-नेपाल सीमा पर 100 गाँवों में स्ट्रीट LED लगाई जाएगी। यह परिवर्तनकारी पहल भारत के माननीय रक्षा मंत्री, राजनाथ सिंह जी के मार्गदर्शन में चलाई जा रही है, जिनका उद्देश्य सीमाओं पर ज्यादा सुरक्षित, सशक्त और कनेक्टेड समुदायों का निर्माण करना है।
1700 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा पर जीवंत समुदाय रहते हैं, जो दैनिक जीवन में अक्सर इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का सामना करते हैं। स्ट्रीट लाइट की कमी शाम होने के बाद उनके आवागमन, आर्थिक गतिविधियों और समुदाय की सुरक्षा को लंबे समय से प्रभावित करती आई है। इन गाँवों में एनर्जी-एफ़िशिएंट LED स्ट्रीटलाइट उनकी समस्याओं को दूर करने, शाम को उन्हें सुरक्षा प्रदान करने, स्थानीय आजीविका में सहयोग करने और मजबूत सामुदायिक नेटवर्क्स को बढ़ावा देने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
सिग्निफाई, ग्रेटर इंडिया के मार्केटिंग, स्ट्रेटेजी, गवर्नमेंट अफेयर्स और सीएसआर हेड, निखिल गुप्ता ने कहा, ‘‘सिग्निफाई में हम अपने ‘हर गाँव रोशन’ सीएसआर अभियान द्वारा भारतीय समुदायों को सर्वश्रेष्ठ इनोवेशन प्रदान करने में यकीन रखते हैं। हम अपने प्रोजेक्ट के माध्यम से सीमा पर रहने वाले समुदायों को सुरक्षा, सस्टेनेबिलिटी और आत्मविश्वास प्रदान करना चाहते हैं। इस साझेदारी से भारत में रोशनी के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने, सस्टेनेबल विकास को बढ़ावा देने और समुदायों को सशक्त बनाने की हमारी प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है।”
इसी लक्ष्य के आधार पर, यह प्रोजेक्ट जमीनी स्तर पर व्यवहारिक जरूरतों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। प्रोजेक्ट के लिए हर गाँव को वहाँ रहने वाले समुदाय के इनपुट, लोगों के आवागमन और विशेष सुरक्षा जरूरतों के आधार पर चुना गया।
तर्क फाउंडेशन के फाउंडिंग पार्टनर मनोविराज सिंह ने कहा, “असली विकास तब शुरू होता है जब इससे जुड़े लोगों की बात को सुना जाए। सीमा पर रहने वाले लोगों का जीवन अलग होता है, शाम के बाज़ार, स्कूल से घर तक लंबी दूरी पैदल तय करना, और महिलाओं द्वारा रोज का आवागमन, जिनकी सुरक्षा इस बात से तय होती है कि उनके आस-पास के वातावरण में कितनी अच्छी रोशनी है। हमारा यह प्रोजेक्ट उनके जीवन की इस जरूरत को पूरा करता है। इन गाँवों में, रोशनी केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि व्यवहारिक, सुरक्षा देने वाली और सशक्त बनाने वाली होती है।”
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित 100 गाँवों में LED स्ट्रीटलाइट ग्रामीण सुरक्षा और सामुदायिक कल्याण बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह साझेदारी सीमा पर रहने वाले समुदायों को मजबूत बनाने की हमारी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को बल देती है।

