इन्दौर सहकारी दुग्ध संघ में बनाया 30 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाला हाईटेक दूध पाउडर प्लांट

भोपाल।

इन्दौर सहकारी दुग्ध संघ के 30 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाले दूध पाउडर प्लांट का मुख्यमंत्री मोदी ने शनिवार को वर्चुअल उद्घाटन कृषि विज्ञान परिसर, पूसा, नई दिल्ली से किया। इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चैहान, मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, एमपीसीडीएफ भोपाल के प्रबंध संचालक डाॅ. संजय गोवाणी ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर इंदौर से प्रधानमंत्री द्वारा पीएम धन धान्य योजना के उद्घाटन कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। इस कार्यक्रम में पशुपालन एवं डेयरी विभाग के मंत्री लखन पटेल, इंदौर सहकारी दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बलवीर शर्मा सहित विभागीय अधिकारी के अलावा करीब 700 पशुपालक, दुग्ध उत्पादक किसान भी उपस्थित रहे।

 

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की सौगात

प्रधानमंत्री मोदी की वर्चुअल उपस्थित में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का शुभारंभ किया गया। एआईएफ के अंतर्गत 1068 परियोजनाएं, पशुपालन क्षेत्र के अंतर्गत 18 परियोजनाएं, मत्स्य पालन क्षेत्र के अंतर्गत 09 परियोजनाएं, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के अंतर्गत 16 परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया। पशुपालन क्षेत्र के अंतर्गत 1 परियोजना, मत्स्य पालन क्षेत्र के अंतर्गत 7 परियोजनाएं, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के अंतर्गत 1 परियोजना का शिलान्यास किया।

 

76.50 करोड़ की लागत से बना है संयंत्र

भारत सरकार की नेशनल प्रोग्राम फार डेयरी डेवलपमेंट योजना के घटकसहकारी समितियों के माध्यम से डेयरीके अंतर्गतदूध पाउडर प्लांटपरियोजना की कुल लागत 76.50 करोड रुपए है, जिसमें 29.50 करोड रुपए एनडीडीबी के माध्यम से एनपीडीडी काॅमपोनेन्ट-बी, डीटीसी-जापान इंटरनेशनल काॅर्पोरेशन एजेन्सी, भारत सरकार की योजना के द्वारा सहायता प्रदान की गई तथा शेष राशि इन्दौर सहकारी दुग्ध संघ के स्वयं के स्त्रोत से की गई है। संयंत्र की स्थापना का कार्य भारत सरकार की कंपनी मेसर्स हिंदुस्तान मशीन टूल्स से कराया गया। इस संयंत्र के माध्यम से होल मिल्क पाउडर, स्किम मिल्क पाउडर तथा डेरी व्हाईटनर इत्यादि निर्मित किए जाएंगे।

 

स्काडा स्वचलित आधुनिक संयंत्र

यह दूध पाउडर संयंत्र, स्काडा (प्लांट पर्यवेक्षी नियंत्रण और डेटा अधिग्रहण) स्वचलित है, यह कंप्यूटर आधारित प्रणाली है, जिसका उपयोग औद्योगिक उपकरणों और प्रक्रियाओं की निगरानी करने, डेटा एकत्र करने और उन्हें नियंत्रित करने के लिए किया जाता है, जिसमें प्रतिदिन 3 लाख लीटर दूध से लगभग 30 मीट्रिक टन प्रतिदिन दुग्ध पाउडर का निर्माण किया जाएगा। फ्लश सीजन में प्रतिदिन अतिशेष रहने वाले दूध का पूर्ण उपयोग किया जाएगा। इससे अधिक से अधिक मात्रा में किसानों से दूध खरीदा जाएगा तथा अतिशेष दूध का निस्तारण किया जाएगा, जिससे दुग्ध उत्पादक किसानों की आय में अच्छी वृद्धि होगी।