एवीएस न्यूज.ई दिल्ली 
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव, देवेश चतुर्वेदी ने उद्योग से आग्रह किया कि वे किसान उत्पादक संगठनों के साथ व्यवस्थित और दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करें। उन्होंने कहा कि ऐसी साझेदारियां उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पादों की स्थायी और विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य हैं एफपीओ-हॉस्पिटैलिटी एंड फार्मर्स’ बेनिफिट समिट 2025 में जिसका आयोजन फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशंस ऑफ इंडिया ने किया था।  चतुर्वेदी ने कहा कि एफपीओ और होटल उद्योग के बीच सीधे संबंध मजबूत “विन-विन मॉडल” तैयार कर सकते हैं जिससे किसानों की आय बढ़ेगी और होटलों को रसायन-मुक्त, उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की सुनिश्चित आपूर्ति मिल सकेगी।

  भारत में अब लगभग 40 हजार एफपीओ सक्रिय 
उन्होंने बताया कि भारत में अब लगभग 40,000 एफपीओ सक्रिय हैं, जिनमें से कई स्वाभाविक रूप से स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ कृषि उत्पाद उपलब्ध कराते हैं। यह होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर की बढ़ती मांग के अनुरूप है। उन्होंने यह भी कहा कि किसान आज विपरीत मूल्य प्रणाली से जूझ रहे हैं जहां वे उप्ताद खुदरा दरों पर खरीदते हैं, लेकिन उत्पादन थोक भाव पर बेचते हैं। उन्होंने कहा कि यह असंतुलन केवल होटलों द्वारा सीधे खरीद से सुधर सकता है।

ऐसी साझेदारी से बिचौलियों की भूमिका कम होगी, आपूर्ति श्रृंखलाएं मजबूत होंगी
प्रधानमंत्री की कृषि -उद्योग साझेदारी की अपील को लेकर उन्होंने कहा कि ऐसी साझेदारी से बिचौलियों की भूमिका कम होगी, आपूर्ति श्रृंखलाएं मजबूत होंगी, किसानों की आय बढ़ेगी और आतिथ्य उद्योग के जीडीपी योगदान व रोजगार सृजन दोनों में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि सरकार जैविक खेती, जीआई -टैग वाले उत्पादों और जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा दे रही है।

 समिट में पर्यटन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और महानिदेशक  सुमन बिल्ला ने कहा कि  भारत को एक तेज, संगठित और संरचित किसान-होटल साझेदारी ढांचे की जरूरत है। इससे सरकार की दृष्टि तेजी से पूरी होगी, ग्रामीण आजीविका मजबूत होगी और पर्यटन-आधारित मूल्य श्रृंखला को बड़ी मजबूती मिलेगी।
एफएचआरएआई के अध्यक्ष  सुरेंद्र कुमार जायसवाल ने कहा कि होटल उद्योग एफपीओ से सीधे कृषि उत्पाद खरीदने के लिए तैयार है, बशर्ते आपूर्ति नियमित और गुणवत्ता-आधारित हो।

होटल उद्योग को इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा देने की पुरानी मांग दोहराई

होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव एमपी बेजबरुआ ने भी होटल उद्योग को इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा देने की पुरानी मांग दोहराई, जिससे इस क्षेत्र के लिए नए विकास अवसर खुलेंगे। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों रहूल मैकारियस (विंडहैम होटल्स एंड रिजॉर्ट्स), विश्वप्रीत सिंह चीमा (लेमन ट्री होटल्स) और अंकिता जायसवाल ने अपनी राय साझा की। उन्होंने विशेष रूप से कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव, मनिंदर कौर द्विवेदी का आभार जताया, जिनकी रणनीतिक सोच, नेतृत्व और मंत्रालयों के बीच समन्वय ने इस समिट की थीम और सहयोग को संभव बनाया।