भोपाल उत्सव मेला मे में उत्साह और खरीदारी का दिखा अलग-अलग रंग
एवीएस न्यूज.भोपाल
टीटी नगर दशहरा मैदान में 33 वें भोपाल उत्सव मेला इस वर्ष एक बार फिर अपने पूरे शबाब पर है। संस्कृति और परंपराओं से सजे मेले में इस बार विभिन्न राज्यों के स्टॉल सबसे बड़ी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। स्थानीय सहित प्रदेश और दूर-दराज से आए मेला देखने और खरीदने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। मेले सजावटी लैम्प से लेकर हाथ से बने जूट बैग, हाथकरघा के परिधान और धातु कला की वस्तुओं तक सब कुछ उपलब्ध है।

मीना बाजार और शृंगार के सामान की दुकानों पर महिलाओं की भीड़
मेले में घूमने आए दर्शनार्थियों का कहना है कि आधुनिकता और मशीनों के जमाने में हाथ से बनी चीज़ों का अपना अलग ही आकर्षण है। यहां लोग न केवल खरीदारी कर रहे हैं। मेले में महिलाओं की उपस्थिति भी मेले में विशेष रूप से दिख रही है। मीना बाजार और शृंगार के सामान की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ दिनभर बनी रहती है। मेले में 50 से अधिक घरेलू और शृंगार सामग्री की दुकानें लगायी गयी हैं, जहां दोपहर से ही भीड़ जुटने लगती है। ग्रामीण इलाकों से पहुंचने वाली महिलाएं आगामी लगन को ध्यान में रखते हुए शृंगार और गिफ्ट के सामान खरीद रही हैं।
जनसैलाब ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भारतीय संस्कृति में मेला का अपना एक अलग महत्व है: सुनील जैनाविन
मेला समिति के महामंत्री सुनील जैनाविन ने बताया कि मेले में आएं हर चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था। यह जनसैलाब ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भारतीय संस्कृति में मेला का अपना एक अलग महत्व है। यह मेला केवल मनोरंजन के साधन नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक और एकजुटता के प्रतीक हैं। मेले का परिभ्रमण कर मेले का आनंद उठाते हैं। मेला मैदान में लगे झूले बच्चों और युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहे। विभिन्न स्टॉलों पर लोगों का जमावड़ा देखा गया। देर शाम तक लोगों ने मेला मैदान पर सजी दुकानों से जमकर खरीदारी की। इस बार मेले में साफ सफाई की व्यवस्था और सुरक्षा उच्च श्रेणी की है।

लोगों ने गारडू, जलेबी, छोला-भटूरे और अन्य व्यंजनों का लुत्फ उठा रहे: अशोक गुप्ता
मेला समिति के कोषाध्यक्ष अशोक गुप्ता ने बताया कि शाम चार बजे के बाद शहर के लोग भी बड़ी संख्या में मेले में पहुंचे और देर रात तक खरीदारी करते रहे। शाम होते ही मेला क्षेत्र लाइटों की रोशनी से जगमगा उठा। लोगों ने गारडू, जलेबी, छोला-भटूरे और अन्य व्यंजनों का लुत्फ उठाया। हर माल 10 और 25 रुपए की दुकानों पर विशेष भीड़ देखी गई। मेले में आधुनिक झूले और चकरी प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहे। युवक-युवतियों, बच्चों और महिलाओं ने विभिन्न झूलों का लुत्फ उठाया। कई लोगों ने गगनचुंबी और नाव झूलों का आनंद लिया, वहीं युवाओं ने फुग्गे फोड़कर निशानेबाजी में हाथ आजमाए। मेले में चाट, खिलौने, बर्तन, क्रॉकरी, रेडीमेड वस्त्र, जूते-चप्पल, कृत्रिम फूल, चूडिय़ां, नकली ज्वेलरी, सौंदर्य प्रसाधन और घरेलू उपयोग के सामानों की अच्छी बिक्री हुई।

