महिला दिवस पर कलर्स की प्रमुख अभिनेत्रियां बता रही हैं सशक्तिकरण का अर्थ
एवीएस न्यूज .मुंबई
प्रियंका चाहर चौधरी, जो कलर्स के सुपरनैचुरल शो ‘नागिन’ में अनंता का किरदार निभा रही हैं, कहती हैं मैं चार बहनों वाले परिवार में पली-बढ़ी हूँ, इसलिए मज़बूती हमारे जीवन का स्वाभाविक तरीका था। हमें हमेशा यह सिखाया गया कि स्वतंत्र होना कोई विकल्प नहीं, बल्कि जरूरी है। मेरे पिता हमेशा कहते थे ‘अगर तुम दुनिया में कदम नहीं रखोगी, तो सीखोगी कैसे?’ मैंने देखा है कि महिलाओं पर लगाए गए कई प्रतिबंध उनकी क्षमता से नहीं, बल्कि सोच और परवरिश से आते हैं। मुझे यह अवसर मिलने का सौभाग्य है कि मैं नागिन में सर्प रानी अनंता का रूप लेकर शक्ति का प्रदर्शन कर सकूँ। हमारी संस्कृति में हम अक्सर देवी शक्ति और महादेव की बात करते हैं, और मुझे लगता है कि यह प्रतीकवाद यूँ ही नहीं है।
शक्ति और सौम्यता साथ-साथ रह सकती हैं। मेरी इच्छा है कि और महिलाएँ अपनी ‘सुपरपावर’ पहचानें -चाहे वह कोई हुनर हो, कोई कला हो या कोई जन्मजात गुण। हर महिला को महिला दिवस की शुभकामनाएँ, जो अपनी प्रखर और कोमल दोनों ही पक्षों को अपनाती है।
मानसी साल्वी, जो कलर्स के शो ‘महादेव एंड सन्स’ में भानु का किरदार निभा रही हैं, कहती हैं मुझे अच्छा लगता है क महिला दिवस लोगों को रुककर यह सोचने पर मजबूर करता है कि महिलाएँ रोज़ाना किन परिस्थितियों से गुजरती हैं। लेकिन यह ठहराव सिर्फ एक दिन का नहीं होना चाहिए, बल्कि पूरे साल हमारी सोच बदलनी चाहिए।
आज मुझे सबसे ज़्यादा उत्साहित करता है यह देखना कि महिलाएं कितनी मजबूती से एक-दूसरे के लिए खड़ी हो रही हैं। उस बहनापे में एक शांत शक्ति है सीमाएँ तय करने में, ‘ना’ कहने में और उसके लिए माफ़ी न माँगने में। भानु भी ऐसी ही महिला है। वह अपने विश्वासों पर अडिग रहती है, चाहे हालात कितने भी उलझे क्यों न हों। शो का नाम भले ही महादेव एंड सन्स है, लेकिन असल में कहानी को आगे बढ़ाने वाली और अपनी शक्ति गढऩे वाली महिलाएँ ही हैं। इस महिला दिवस पर मेरी आशा है कि और महिलाएँ अपनी आवाज़ पर भरोसा करें, जगह बनाएँ और खुद पर शक करना बंद करें।
कश्मीरा शाह, कलर्स के शो ‘लाफ्टर शेफ़्स अनलिमिटेड एंटरटेनमेंट’ से, कहती हैं कि मेरे लिए महिला दिवस बड़े-बड़े बयानों से कम और महिलाओं की रोज़मर्रा की ताक़त को स्वीकारने से ज़्यादा जुड़ा है। अब जब मैं दो बच्चों की माँ हूँ, तो मुझे एहसास हुआ है कि उदाहरण देकर नेतृत्व करना कितना महत्वपूर्ण है। मेरे बच्चे हमेशा देखते हैं कि मैं कैसे बोलती हूँ, दबाव को कैसे संभालती हूँ और अपने लिए कैसे खड़ी होती हूँ। मैं चाहती हूँ कि वे मज़बूत महिलाओं का सम्मान करें, उनसे डरें नहीं। मैं चाहती हूँ कि वे समझें कि आत्मविश्वास किसी महिला में सामान्य है।
मैंने कभी खुद को छोटा करने में विश्वास नहीं किया ताकि हालात दूसरों के लिए आसान हो जाएँ। अगर मेरी राय है, तो मैं कहूँगी। अगर मैं असहमत हूँ, तो मैं व्यक्त करूँगी। महिलाओं को बहुत सालों तक यह सिखाया गया है कि वे ‘एडजस्ट’ करें, नरम रहें और ‘बहुत ज़्यादा’ न हों। मैं चाहती हूँ कि मेरे बच्चे एक ऐसी महिला देखें जो ईमानदार है, मेहनती है और खुद के प्रति आश्वस्त है। लाफ्टर शेफ़्स पर मैं कोई किरदार नहीं निभाती, मैं बस खुद को दिखाती हूँ , ईमानदार, अभिव्यक्तिपूर्ण, कभी तेज और कभी भावुक। यही असली है। और मुझे लगता है कि महिलाओं के लिए सबसे बड़ा उपहार यही है अपनी प्रामाणिकता।
मैं हर महिला से कहूँगी ,दूसरों की सुविधा के लिए खुद को एडिट मत करो। सही लोग आपके साथ रहेंगे। महिला दिवस की शुभकामनाएं, हर उस महिला को जो अपनी राह खोज रही है। आप बिल्कुल ठीक कर रही हैं।

