एवीएस न्यूज.भोपाल 
त्योहारी मौसम नजदीक आते ही अमेज़न इंडिया ने आज घोषणा की कि उसके विक्रेताओं की संख्या 20 लाख के मुकाम को पार कर गई है। मार्केटप्लेस से 3 लाख से ज्यादा नए विक्रेता जुड़े हैं, और यह विक्रेताओं की संख्या में साल दर साल की सबसे तेज बढ़त है। इस बढ़ते विक्रेता समुदाय में हर स्तर के कारोबार शामिल हैं। इनमें टियर 3 कस्बों के पहली पीढ़ी के उद्यमियों से लेकर हजारों स्टॉक कीपिंग यूनिट (एसकेयू) संभालने वाले स्थापित ब्रांड तक शामिल हैं। 
विक्रेता त्योहारी मौसम की तैयारी कर रहे हैं, और अमेज़न का ध्यान Amazon.in पर बिक्री को आसान और सबकी पहुंच में बनाने पर है। इसके लिए कंपनी टूल्स, तकनीक और बुनियादी ढांचे पर काम कर रही है। इनसे विक्रेता अपने उत्पादों का विज्ञापन कर सकेंगे, कारोबार संभाल सकेंगे और ग्राहकों को बेहतर सेवा दे सकेंगे। अमेज़न इंडिया में सेलिंग पार्टनर सर्विसेज की डायरेक्टर अरुणा दरयानानी ने कहा, "हमारी लगातार कोशिश यही है कि Amazon.in हर आकार के विक्रेता के लिए बेचने की सबसे अच्छी जगह बने। फीस घटाना हो, रोजमर्रा के काम आसान करने वाले एआई टूल्स बनाना हो, या विक्रेताओं को बेहतर फैसले लेने में मदद करने वाली, आंकड़ों पर आधारित जानकारी देना हो, हमारा ध्यान बिक्री को आसान और सबकी पहुंच में बनाने पर है। 
20 लाख विक्रेताओं तक पहुंचना साफ दिखाता है कि पूरे भारत के उद्यमी Amazon.in पर कितना भरोसा करते हैं। त्योहारी मौसम की ओर बढ़ते हुए हम ऐसे टूल्स, तकनीक और बुनियादी ढांचे में निवेश करते रहेंगे, जिनसे विक्रेता अपने कारोबार को तैयार कर सकें और ग्राहकों को बेहतर सेवा दे सकें।"  अमेज़न के विक्रेता आधार के इस विस्तार के पीछे कई बातें हैं: कम सेलिंग फीस, एआई आधारित टूल्स से बिक्री का सरल होना, क्रिएटिव विज्ञापन, और फुलफिलमेंट तथा डिलीवरी नेटवर्क में लगातार निवेश। इस साल की शुरुआत में फीस में हुए बदलाव के बाद 12.5 करोड़ से ज्यादा उत्पादों पर रेफरल फीस शून्य कर दी गई, जिससे देश भर के उद्यमियों के लिए बेचने की लागत घटी। 
अमेज़न एआई आधारित सुविधाएं और तरह-तरह के टूल्स विक्रेताओं तक लगातार ज्यादा पहुंचा रहा है। ये टूल्स लिस्टिंग बनाने और उसे बेहतर करने, नए उत्पादों के मौके पहचानने, विज्ञापन क्रिएटिव तैयार करने, इन्वेंट्री की योजना बनाने और आंकड़ों के आधार पर फैसले लेने जैसे कामों में मदद करते हैं। इन डिजिटल सुविधाओं के साथ अमेज़न का देशव्यापी ऑपरेशंस नेटवर्क भी है, जो विक्रेताओं को फुलफिलमेंट और डिलीवरी के कई विकल्प देता है, खासकर तब, जब वे त्योहारों की बढ़ी हुई मांग के लिए तैयारी कर रहे हों। Amazon.in पर सेलर असिस्टेंट इस्तेमाल करने वाले विक्रेताओं की संख्या हर छह महीने में दोगुनी हो रही है, और इस टूल के साथ विक्रेताओं का संवाद साल दर साल 7.5 गुना बढ़ा है। इसके अलावा एआई आधारित टूल्स का इस्तेमाल करने वाले अमेज़न विज्ञापनदाताओं का हिस्सा साल दर साल 77% बढ़ा है, और 2026 की पहली तिमाही में एसएमबी ने पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले इन टूल्स से 62% ज्यादा विज्ञापन क्रिएटिव तैयार किए। 
त्योहारी मौसम से पहले अमेज़न इन सुविधाओं को विक्रेताओं तक सीधे पहुंचा भी रहा है। कई शहरों में 20 से ज्यादा सेलर कनेक्ट और ऐड्स हाइव वर्कशॉप हो रहे हैं, जिनमें कैटलॉग ऑप्टिमाइजेशन, इन्वेंट्री प्लानिंग, फुलफिलमेंट और विज्ञापन जैसे विषयों पर टूल्स, जानकारी और रणनीतियां साझा की जा रही हैं। Amazon मध्य प्रदेश के 77 हज़ार से अधिक विक्रेताओं और 24 हज़ार से अधिक स्थानीय दुकानों के लिए Amazon.in पर बिक्री करना आसान बना रहा है, अमेज़न की त्योहारी तैयारी के केंद्र में है सेलर असिस्टेंट। 
यह 24x7 उपलब्ध बातचीत वाला एआई साथी है, जो अंग्रेज़ी और हिंग्लिश दोनों में काम करता है। इसी एक जगह से विक्रेता लिस्टिंग बनाने, इन्वेंट्री की योजना बनाने, फीस का अनुमान लगाने, कारोबार से जुड़ी जानकारी पाने और आगे बढ़ने के सुझाव लेने तक, सब कुछ कर सकते हैं। प्रोडक्ट अपॉर्च्युनिटी एक्सप्लोरर ऐसा ही एक टूल है। यह अमेज़न के ग्राहक मांग संबंधी आंकड़ों के आधार पर विक्रेताओं को ऐसे उत्पादों के मौके पहचानने में मदद करता है, जिनकी मांग है और जिनमें प्रतिस्पर्धा कम हो सकती है। इससे वे सोच-समझकर चुनाव के फैसले ले पाते हैं। 
आज भारत में 28,000 से ज्यादा विक्रेता इस टूल का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि इन्वेंट्री में पैसा लगाने से पहले संभावित मौकों को समझ सकें। अमेज़न के एआई आधारित लिस्टिंग टूल्स का इस्तेमाल 2 लाख से ज्यादा विक्रेता कर रहे हैं। इनसे कैटलॉग बनाना सरल होता है और उत्पाद ग्राहकों को ज्यादा आसानी से मिलते हैं। इन्वेंट्री और कीमत के लिए इस साल 69,000 से ज्यादा विक्रेताओं ने सेल इवेंट प्लानर का इस्तेमाल किया, ताकि बड़े शॉपिंग इवेंट की तैयारी कर सकें। जिन विक्रेताओं ने इसके एआई आधारित इन्वेंट्री सुझाव माने, उनके यहां स्टॉकआउट 35% कम रहे। और जिन्होंने इस टूल के जरिए सुझाई गई डील कीमतें लागू कीं, उनकी बिक्री में 2.5 गुना उछाल आया। 
अमेज़न का निजी सुझाव देने वाला ग्रोथ रेकमेंडेशन इंजन, समृद्धि, भी विक्रेताओं को उनके कारोबार से जुड़े कदम पहचानने में मदद कर रहा है। समृद्धि का उपयोग करने वाले विक्रेताओं की बिक्री आयोजनों के दौरान अपने बिक्री लक्ष्य को लगातार पार करने की संभावना 2.8 गुना अधिक होती है। जिन विक्रेताओं ने समृद्धि के सुझावों पर अमल किया, उनकी सालाना बिक्री में 174% की बढ़ोतरी हुई। अमेज़न ऐड्स सरल, सेल्फ-सर्व समाधानों और एआई आधारित टूल्स के जरिए विज्ञापन को विक्रेताओं के लिए ज्यादा सुलभ बना रहा है। क्रिएटिव एजेंट और क्रिएटिव स्टूडियो जैसे समाधानों से विक्रेता बहुत कम मेहनत में और बिना किसी अतिरिक्त खर्च के पेशेवर स्तर के क्रिएटिव बना सकते हैं, जिनमें वीडियो विज्ञापन भी शामिल हैं। अमेज़न ऐड्स क्रिएटर प्रोग्राम ब्रांड्स को 5 लाख से ज्यादा क्रिएटर्स के नेटवर्क से जोड़ता है। इससे विक्रेता अपने अभियानों में क्रिएटर के जरिए विज्ञापन का रास्ता भी आजमा सकते हैं।
 अमेज़न अपने देशव्यापी ऑपरेशंस ढांचे और मौसमी कर्मचारियों पर भी निवेश कर रहा है। आने वाले त्योहारी मौसम से पहले अमेज़न इंडिया ने अपने देशभर के ऑपरेशंस नेटवर्क में 1.6 लाख से ज्यादा मौसमी काम के अवसर बनाए हैं, जो उसके ईकॉमर्स और क्विक कॉमर्स दोनों कारोबार को सहारा देंगे। इनमें 400 शहरों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष, दोनों तरह के अवसर शामिल हैं, बड़े महानगरों से लेकर वाराणसी, कोच्चि, जालंधर, गाजियाबाद, रांची, सेलम और गोरखपुर जैसे टियर 2 और टियर 3 शहरों तक। ये नए एसोसिएट त्योहारों के दौरान ग्राहकों के ऑर्डर सुरक्षित और भरोसेमंद तरीके से उठाने, पैक करने, भेजने और पहुंचाने में मदद करेंगे। इनमें से ज्यादातर लोग जुड़ चुके हैं और मौसम की तैयारी के लिए जरूरी प्रशिक्षण लेना शुरू कर चुके हैं। अमेज़न अपने डिलीवरी नेटवर्क के ज़रिए भारत के हर पिन-कोड तक सामान पहुँचाता है।