बिना मांग के वितरकों पर  सुरक्षा होज, लाइटर, चायपत्ती सहित अन्य उत्पादों की बिक्री का दबाव
 एलपीजी वितरकों ने कहा- कमीशनखोरी के खेल  कपंनियों के अधिकारी जबरन थोप रहे उत्पाद  


 एवीएस न्यूज.भोपाल 
उपभोक्ता अपनी पसंद के अनुसार कहीं से भी आईएसआई मानक वाले गैस उपकरण और सुरक्षा उत्पाद खरीद सकते हैं, लेकिन सरकारी तेल कंपनियां इंडियन गैस, भारत गैस और हिंदुस्तान कार्पोरेशन गैस एजेंसियों पर चूल्हा, सुरक्षा ट्यूब, लाइटर और अन्य उत्पादों की बिक्री के लिए दबाव बना रही हैं।  यह आरोप एलपीजी वितरकों ने लगाए है। 


 गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि इंडियन गैस, भारत गैस और हिंदुस्तान कार्पोरेशन तीनों कंपनियों के अधिकारी कमीशनखोरी का खेल खेलते हुए मनमाने तरीके से वितरकों पर आर्थिक और व्यावसायिक दबाव डाल रहीं है।  उनकी मांग के बिना ही एनएफआर/एआरबी श्रेणी के उत्पाद, सुरक्षा होज, गैस लाइटर, चूल्हे तथा अन्य उत्पादों की बिक्री के लिए मजबूर किया जा रहा है। इतना ही नहीं निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं होने पर एजेंसियों पर विभिन्न प्रकार का कार्रवाई का डर दिखाए जाने के साथ दबाव  बनाया जाता है।  


  एनएफआर-एआरबी उत्पादों की जबरन बिक्री का दबाव
  एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के अनुसार, तेल कंपनियों द्वारा वितरकों पर नॉन-फ्यूल रिटेलिंग और अतिरिक्त राजस्व व्यवसाय के तहत उत्पादों को खरीदने और बेचने का भारी दबाव बनाया जा रहा है । बिना किसी मांग या पूर्व सहमति के वितरकों के कोटे में इन उत्पादों का बिल काटकर स्टॉक जबरन भेजा जा रहा है।  


 सुरक्षा होज, लाइटर, चूल्हे और अन्य उत्पादों की बाध्यता 
  यह शिकायत है कि उन्हें 'सुरक्षा' ब्रांड की एलपीजी होज, गैस चूल्हे, लाइटर और एप्रन जैसी अतिरिक्त सामग्री जबरन बेची जा रही है। उदाहरण के लिए, बाजार में सामान्य सुरक्षा होज लगभग 85 रुपए में उपलब्ध हैं, जबकि कंपनियों द्वारा वितरकों को इन्हें करीब 190 पर थोपा जा रहा है और उपभोक्ताओं को ऊंचे दामों पर बेचने का दबाव है। वितरकों का आरोप है कि इससे उनकी पूंजी अनावश्यक रूप से फंस जाती है और घरेलू एलपीजी की आवश्यक आपूर्ति प्रभावित होती है।


ऑयल कंपनियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, दबाव डालकर उत्पाद बिकवाने का आरोप
 राजधानी भोपाल सहित देशभर में तीनों प्रमुख ऑयल कंपनियों-इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के खिलाफ गैस वितरकों पर अतिरिक्त उत्पादों की बिक्री के लिए दबाव बनाने के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि गैस एजेंसी संचालकों पर गैस चूल्हा, सुरक्षा होज पाइप, ट्रॉली, लाइटर, चायपत्ती सहित कई अन्य उत्पादों की बिक्री का दबाव बनाया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, इन उत्पादों की बिक्री पर कंपनियों और संबंधित अधिकारियों द्वारा कथित रूप से कमीशन, ओआरसी (ऑफ रिटेल कमीशन) सहित अन्य शुल्क लिए जा रहे हैं, जिसका अप्रत्यक्ष भार आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक, 2700 रुपए के गैस चूल्हे पर करीब 400 रुपए और 190 रुपए की सुरक्षा होज पाइप पर लगभग 45 रुपए तक का कमीशन लिया जा रहा है। इसी तरह ट्रॉली, लाइटर, चायपत्ती और अन्य सामानों की बिक्री पर भी भारी कमीशन लिया जा रहा है।

 
 तेल कंपनियां एजेंसियों पर बिक्री के टारगेट को पूरा करने का दबाव बना रही 
 ग्राहकों को एलपीजी या पीएनजी कनेक्शन के साथ गैस चूल्हा, सुरक्षा ट्यूब, लाइटर या अन्य उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है। उपभोक्ता अपनी पसंद से कहीं से भी आईएसआई  मानक वाला सामान खरीद सकते हैं। इसके बावजूद तेल कंपनियां एजेंसियों पर बिक्री के टारगेट को पूरा करने का दबाव बना रही हैं। प्रत्येक गैस एजेंसी को पांच हजार सुरक्षा ट्यूब बेचने का लक्ष्य दिया गया है और ग्राहकों को ये सामान बेचने का दबाव बनाया जा रहा है। 
बीएस शर्मा 
राष्ट्रीय अध्यक्ष, एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन