दिल्ली से कभी भी पहुंच सकती हैं सर्वे के लिए टीमें, कमिश्नर कर रहीं मानिटरिंग- कहा गंदगी दिखी तो दरोगा और एएचओ पर कार्रवाई तय
स्वच्छता सर्वेक्षण-सिटीजन फीड बैक- 2025-26
हुजूर, मध्य और दक्षिण-पश्चिम विधानसभा के जोनों की टीमों के साथ सर्वेक्षण को लेकर बैठक
शहर के मुख्य बाजारों में सफाई, रंगाई-पुताई, वाल पेटिंग जैसे काम में तेजी
बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रिहायशी इलाकों में गेम जोन
एवीएस न्यूज, भोपाल।
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की टीमें अब राजधानी में सर्वे करने के लिए कभी भी आ सकती हैं। इसे लेकर निगम प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। सफाई व्यवस्था की कमान निगम आयुक्त ने खुद संभाल ली है। शनिवार को हुजूर, मध्य और दक्षिण-पश्चिम विधानसभा के जोनों की टीमों के साथ सर्वेक्षण को लेकर बैठक ली और समस्याओं के बारे में भी पूछा। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि अगर कहीं भी गंदगी दिखी तो दरोगा और एएचओ पर कार्रवाई होगी। वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक स्थलों, बाजारों में रंगाई-पुताई और वाल पेंटिंग जैसे काम तेज हो गए हैं। आवासीय इलाकों में इस बार गेम जोन बनाए गए हैं, जो बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गए हैं।
निगम कमिश्नर ने बैठक के दौरान अधिकारियों से सुझाव भी मांगे और सफाई के दौरान आने वाली समस्याओं के बारे में भी पूछा। बैठक से पहले उन्होंने शहर के अलग-अलग इलाकों की सफाई व्यवस्था देखी। उन्होंने सभी 21 जोन में सफाई व्यवस्था में कसावट लाने को कहा। उन्होंने कहा बीते एक सप्ताह से शहर की सफाई व्यवस्था में खासा बदलाव देखा जा रहा है। निगम की मैदानी टीमें बेहतर काम कर रही हैं। शहर की सडक़ों की सफाई संभाल रहे कर्मचारी सुबह से नजर आ रहे हैं। सुबह 8 बजे के बाद तेज धूप में भी काम चल रहा है।
अच्छा काम करने वाले एएचओ होंगे पुरस्कृत
निगम कमिश्नर ने कहा कि फील्ड में मेहनत से अच्छा काम करने वाले एएचओ को पुरस्कृत किया जाएगा। इसके अलावा कर्मचारियों को भी पुरस्कृत करेंगे, जिनके जिम्मे शहर की सफाई व्यवस्था होती है और वे उसे निभा रहे हैं।
रिहायशी इलाकों में बनाए गेम जोन
शहर के रिहायशी इलाकों ईदगाह हिल्स, ओल्ड सुभाष नगर आदि क्षेत्रों में आवासों के पास गेम जोन बनाए गए हैं। दरअसल रास्ते और खाली जगह पर लूडो-सांप साढी जैसी आक्रति की पेंटिंग करवाई गई है। यह बच्चों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, जबकि सुलभ कांम्प्लेक्स, दीवारों पर स्वच्छता का संदेश देती चित्रकारी की गई है।
तीन स्तर पर मूल्यांकन करेंगी टीमें
स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए केंद्र सरकार की टीमें मुख्य रूप से केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से आती हैं। यह सर्वेक्षण मंत्रालय के अंतर्गत संचालित स्वच्छ भारत मिशन के तहत कराया जाता है। देशभर के शहरों की रैंकिंग, सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, नागरिक फीडबैक और ग्राउंड निरीक्षण के आधार पर तय की जाती है। इस दौरान आमतौर पर टीमें तीन स्तर पर मूल्यांकन करती हैं जिनमें फील्ड विजिट और ऑन-ग्राउंड निरीक्षण, सिटीजन फीडबैक, दस्तावेज और सेवा रिकॉर्ड की जांच भी शामिल रहती है।
बिना सूचना दिए भी टीमें निरीक्षण करने पहुंचती हैं
मंत्रालय द्वारा अधिकृत एजेंसियों और सर्वे के लिए आने वाली टीमें कई बार गुप्त रूप से निरीक्षण करने पहुंच जाती हैं। कई बार टीम पहले से सूचना दिए बिना बाजार, सार्वजनिक शौचालय, कचरा ट्रांसफर स्टेशन, डंपिंग साइट और वार्डों का निरीक्षण करती हैं।

