एम्वे इंडिया ने आयुर्वेद में बढ़ाया कदम, न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद के तहत 9 नए उत्पाद लॉन्च
एवीएस न्यूज.नई दिल्ली
हेल्थ और वेलनेस कंपनी एम्वे इंडिया ने आयुर्वेद के क्षेत्र में अपने विस्तार की घोषणा करते हुए न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद के तहत नौ नए उत्पाद पेश किए हैं। कंपनी ने इस श्रेणी को अगले दो वर्षों में 100 करोड़ रुपये का कारोबार बनाने का लक्ष्य रखा है।
कंपनी के अनुसार, यह पहल ‘विकसित भारत 2047’ और ‘मेक इन इंडिया’ की दिशा से जुड़ी है। उत्पादों में इस्तेमाल होने वाली आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों की जिम्मेदारी से सोर्सिंग ऑर्गेनिक खेती करने वाले न्यूट्रीसर्ट प्रमाणित खेतों से की जाती है, जबकि उत्पादों का निर्माण तमिलनाडु स्थित एम्वे की आधुनिक फैक्ट्री में किया जाता है।
एम्वे इंडिया के मुताबिक, न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद के जरिए कंपनी जड़ी-बूटियों की सोर्सिंग से लेकर स्थानीय खेती, मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च, इनोवेशन और रोजगार तक आयुर्वेद से जुड़ी पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। कंपनी आयुर्वेद के पारंपरिक ज्ञान को न्यूट्रिलाइट के 90 साल से अधिक पुराने बॉटनिकल साइंस और आधुनिक वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के साथ जोड़ने का दावा करती है।
वैज्ञानिक गुणवत्ता और ट्रेसेबिलिटी पर जोर
एम्वे इंडिया के प्रबंध निदेशक रजनीश चोपड़ा ने कहा कि आयुर्वेद देश में लोगों की रोजमर्रा की सेहत और वेलनेस का हिस्सा बन रहा है। उनके अनुसार, उपभोक्ता अब उत्पादों की पारदर्शिता, गुणवत्ता, प्रभावशीलता और सामग्री की प्रामाणिकता को लेकर भी अधिक जागरूक हैं।
उन्होंने कहा कि न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद में जड़ी-बूटियों की गुणवत्ता और ट्रेसेबिलिटी पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि उपभोक्ताओं को उत्पादों की प्रामाणिकता पर भरोसा मिल सके। कंपनी ने आयुर्वेद में अपनी विस्तार योजना के तहत अगले दो वर्षों में इस कारोबार को 100 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
कंपनी के अनुसार, उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए डीएनए फिंगरप्रिंटिंग, एक्टिव इंग्रेडिएंट टेस्टिंग और सीड-टू-सप्लीमेंट ट्रेसेबिलिटी जैसी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा दूषित तत्वों, भारी धातुओं, माइक्रोबायोलॉजिकल सुरक्षा और प्रमुख मार्कर कंपाउंड्स की एकरूपता की भी कई स्तरों पर जांच की जाती है।
पहले चरण में तीन फॉर्मूलेशन
न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद के पहले चरण में तीन फॉर्मूलेशन बाजार में पेश किए जा रहे हैं। कंपनी के अनुसार, कालमेघ लिवर के बेहतर कामकाज में मदद करता है, शिग्रु (मोरिंगा) शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा होने और सूजन को कम करने में मदद करता है, जबकि वृक्षाम्ल (गार्सिनिया) मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने और पेट भरे रहने का अहसास बनाए रखने में मदद करता है।
कंपनी ने बताया कि नई श्रृंखला में आयुष पंजीकृत फॉर्मूलेशन भी शामिल हैं। एम्वे के अनुसार, इससे संबंधित नियामकीय ढांचे के अनुरूप उत्पाद तैयार करने की उसकी प्रतिबद्धता को मजबूती मिलती है।
8 सितंबर से बिक्री
न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद का यह विस्तार कंपनी द्वारा पहले पेश किए गए न्यूट्रिलाइट च्यवनप्राश के अनुभव के बाद किया गया है। कंपनी का कहना है कि नई रेंज में पारंपरिक आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन को वैज्ञानिक गुणवत्ता प्रक्रियाओं के साथ विकसित किया गया है।
कालमेघ की एमआरपी 449 रुपये, शिग्रु की 651 रुपये और वृक्षाम्ल की 449 रुपये रखी गई है। ये उत्पाद 8 सितंबर 2026 से एम्वे के अधिकृत चैनलों, एम्वे बिजनेस ओनर्स/डिस्ट्रीब्यूटर्स, एम्वे स्टोर्स और कंपनी की ऑनलाइन बिक्री वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे।


