शहर में मिक्स्ड लैंड यूज का विधेयक लाए सरकार: आवासीय इलाकों में कारोबार को मिले कानूनी रास्ता: विकास शर्मा
एवीएस न्यूज .भोपाल
राजधानी में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और बदलती जरूरतों के बीच अब शहरवासियों ने राज्य सरकार से मिक्स्ड लैंड यूज को लेकर अलग विधेयक लाने की मांग उठाई है। व्यापारियों और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ डेवपलपर्स का कहना है कि भोपाल के कई आवासीय इलाकों में समय के साथ घरों के आसपास दुकानें, छोटे कार्यालय, क्लीनिक और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां शुरू हो गई हैं। ऐसे में मौजूदा नियमों और जमीनी जरूरतों के बीच अंतर को खत्म करने के लिए सरकार को स्पष्ट कानून बनाना चाहिए।
घर और कारोबार दोनों के लिए स्पष्ट नियम की जरूरत
आराध्यय भूमिका कंस्ट्रक्शन के विकास शर्मा ने कहा कि शहर के कई इलाकों में आवासीय भवनों का उपयोग छोटे कारोबार के लिए किया जा रहा है। लोगों का तर्क है कि हर गतिविधि को अवैध मानने के बजाय मिक्स्ड लैंड यूज के तहत किन क्षेत्रों में कौन-कौन से कारोबार संचालित किए जा सकेंगे, इसकी स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए।
शहरवासियों का कहना है कि यदि किसी आवासीय क्षेत्र में वर्षों से बाजार जैसी गतिविधियां विकसित हो चुकी हैं तो वहां के लिए अलग नीति बनाई जा सकती है। इससे रहवासियों, दुकानदारों और प्रशासन के बीच लगातार होने वाले विवादों को कम किया जा सकेगा।
पार्किंग और ट्रैफिक की समस्या का भी समाधान जरूरी
विकास शर्मा का कहना है कि मिक्स्ड लैंड यूज को मंजूरी देते समय केवल कारोबार की अनुमति देना पर्याप्त नहीं होगा। इसके साथ पार्किंग, ट्रैफिक, फायर सेफ्टी, सीवेज और सडक़ की क्षमता जैसे मुद्दों के लिए भी स्पष्ट मानक तय करने होंगे। ऐसे क्षेत्रों में स्कूल, अस्पताल, होटल या बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों जैसी अधिक भीड़ वाली गतिविधियों और छोटे स्तर के कारोबार के लिए अलग-अलग नियम बनाए जा सकते हैं।
मास्टर प्लान में भी मिले जगह
उन्होंने शहर के व्यापारियों ने मांग की है कि सरकार प्रस्तावित विधेयक को मास्टर प्लान और स्थानीय जरूरतों से जोडक़र तैयार करे। जिन इलाकों में मिश्रित उपयोग व्यावहारिक है, उन्हें चिन्हित कर वहां नियमों के तहत आवासीय और व्यावसायिक उपयोग की अनुमति दी जाए।
स्पष्ट कानून बनने से अवैध निर्माण और मनमाने व्यावसायिक उपयोग पर भी अंकुश लगेगा और नागरिकों को वैध तरीके से अपना छोटा कारोबार चलाने का अवसर मिलेगा।


