एवीएस न्यूज. नई दिल्ली


जैसे-जैसे ए.आई वर्कफोर्स रणनीति का मुख्य आधार बनता जा रहा है, भारतीय नियोक्ता अब सामान्य उद्योगों और तकनीकी क्षेत्र, दोनों में किताबी ज्ञान के बजाय व्यावहारिक और ए.आई-रेडी'कौशल को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। यह खुलासा इनडीड-नैसकॉम की ताजा रिपोर्ट, इंडियाज़ ए.आई टैलेंट इन्फ्लेक्शन पॉइंट: फ्रॉम स्किल गैप्स टू कॉम्पिटिटिव एडवांटेज में हुआ है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 86प्रतिशत नियोक्ताओं ने माना है कि ए.आई के आने से कामकाज के तरीकों और जिम्मेदारियों में बदलाव आया है, जबकि 35प्रतिशत का मानना है कि उनकी कार्यप्रणाली पूरी तरह बदल चुकी है। लगभग सभी संस्थान अपनी 2026 की रणनीति को ए.आई-केंद्रित या ए.आई-समर्थित भूमिकाओं के इर्द-गिर्द देख रहे हैं, जिनमें से 40प्रतिशत बड़े बदलाव की तैयारी में हैं।


इनडीड इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर, शशि कुमार ने कहा ए.आई अब केवल तकनीकी विशेषज्ञों तक सीमित नहीं रह गया है। यह हर उद्योग में काम के डिज़ाइन को बदल रहा है। नियोक्ता अब डिग्री के बजाय ठोस कौशल, सर्टिफिकेशन और काम करने की व्यावहारिक क्षमता को देखकर भर्तियां कर रहे हैं।

भारत के पास अवसर सिर्फ ए.आई टैलेंट बनाने का नहीं, बल्कि उसे कार्यस्थल की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप ढालने का है। नौकरी की तलाश करने वालों के लिए संदेश साफ है: 2026 में निरंतर सीखने और ए.आई के साथ तालमेल बिठाने की क्षमता ही सफलता की कुंजी होगी।


नैसकॉम रिसर्च एंड इनसाइट्स की हेड, केतकी कार्णिक ने अपनी बात रखते हुए कहा यह रिपोर्ट भारतीय टैलेंट इकोसिस्टम में आ रहे एक ऐतिहासिक मोड़ को दर्शाती है। जैसे-जैसे ए.आई हर इंडस्ट्री में अपनी जगह बना रहा है, हमारा ध्यान एक ऐसे कार्यबल को तैयार करने पर होना चाहिए जो भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो। स्किल गैप को ताकत में बदलने के लिए हमें व्यावहारिक ए.आई कौशलों को प्राथमिकता देनी ही होगी।


विभिन्न उद्योगों में सबसे ज्यादा मांग वाले कौशल : इंडस्ट्रीज अब ऐसे प्रोफेशल्स को ढूंढ रही हैं जो ए.आई के क्रियान्वयन और बिजनेस इंटीग्रेशन में माहिर हों। इस दिशा में सबसे अधिक मांग वाले प्रमुख कौशल हैं: क्लाउड और इंफ्रास्ट्रक्चर एकीकरण, जेनरेटिव ए.आई और एलएलएम, जिसमें प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग शामिल है, एमएलऑप्स और डिप्लॉयमेंट, डेटा एनालिटिक्स और विज़ुअलाइज़ेशन इस रिपोर्ट के मुताबिक उद्योगों के 63प्रतिशत नियोक्ताओं ने ए.आई-संबंधित भूमिकाओं के लिए नियुक्तियों में साल-दर-साल वृद्धि देखी है, जिसमें बीएफएसआई और दूरसंचार इस बदलाव में सबसे आगे हैं।