बढ़ती हीटवेव से बचाव के लिए इशराए ने जारी की प्रैक्टिकल गाइडलाइंस
एवीएस न्यूज.भोपाल
देशभर में बढ़ती गर्मी और लगातार गंभीर होती हीटवेव की चुनौतियों के बीच इंडियन सोसाइटी ऑफ़ हीटिंग, रेफ्रिजरेटिंग एंड एयर कंडीशनिंग इंजीनियर्स (इशराए) ने हीट स्ट्रेस के प्रबंधन और थर्मल कम्फर्ट को बढ़ाने के लिए अपना नवीनतम ‘पोज़िशन डॉक्यूमेंट’ जारी किया है। यह दस्तावेज़ लोगों, समुदायों, संस्थानों और नीति-निर्माताओं को अत्यधिक गर्मी के दौरान सुरक्षित और आरामदायक रहने के लिए वैज्ञानिक आधार पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करता है।
इशराए टेक्निकल कमेटी (आईटीसी) के सोसाइटी चेयर K. Raghavan ने कहा कि हीटवेव अब केवल मौसमी घटना नहीं रह गई है, बल्कि यह शहरों, इमारतों और समुदायों के लिए लगातार सामने आने वाली चुनौती बन चुकी है। उन्होंने कहा कि इस दस्तावेज़ का उद्देश्य लोगों को ऐसे सरल और प्रभावी उपायों की जानकारी देना है, जिनसे वे भीषण गर्मी के दौरान खुद को सुरक्षित रख सकें।
उन्होंने बताया कि एयर कंडीशनर के साथ सीलिंग फैन का उपयोग, कूल रूफ (ठंडी छतें) अपनाना, छायादार स्थान विकसित करना और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जैसे उपाय गर्मी के तनाव को कम करने के साथ-साथ ऊर्जा दक्षता बढ़ाने में भी मददगार साबित हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इशराए का भोपाल चैप्टर थर्मल कम्फर्ट, सस्टेनेबल कूलिंग और जलवायु-अनुकूल भवन निर्माण संबंधी जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
रिपोर्ट में घरों, कार्यस्थलों, सार्वजनिक स्थलों और भवनों में थर्मल कम्फर्ट को बेहतर बनाने तथा गर्मी से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए विस्तृत सुझाव दिए गए हैं। इशराए के हेल्थकेयर, थर्मल कम्फर्ट, पैसिव कूलिंग, इवैपोरेटिव कूलिंग और सेफ्टी से जुड़े तकनीकी समूहों द्वारा तैयार इस दस्तावेज़ में ऐसे व्यावहारिक और टिकाऊ उपायों की सिफारिश की गई है जिन्हें तुरंत लागू किया जा सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, लोगों को दोपहर के समय सीधी धूप में जाने से बचना चाहिए, पर्याप्त पानी पीना चाहिए, हल्के रंग और ढीले कपड़े पहनने चाहिए तथा एयर कंडीशनर को 25 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तापमान पर सीलिंग फैन के साथ संचालित करना चाहिए।
संस्थानों और भवन मालिकों के लिए रिपोर्ट में कूल रूफ तकनीक, वृक्षारोपण, छायादार सार्वजनिक स्थानों का निर्माण, बेहतर वेंटिलेशन, परावर्तक बाहरी सतहों और कमजोर वर्गों के लिए विशेष कूलिंग रूम विकसित करने की सिफारिश की गई है।
देशभर में 25,000 से अधिक पेशेवरों और विद्यार्थियों के नेटवर्क के साथ इशराए का मानना है कि यह रिपोर्ट शहरों, उद्योगों और समुदायों को जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न गर्मी की चुनौतियों का सामना करने के लिए दीर्घकालिक रणनीतियां विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।






