जीएसटी कटौती से 10 फीसदी गिरे दाम को सरफ्लस करने की फिराक में सीमेंट कंपनियां
फैलाई जा रही अफवाह कि जनवरी 2026 में बढ़ेंगे दाम
एवीएस न्यूज.भोपाल
जीएसटी कांउसिल परिषद द्वारा सीमेंट में लागू 28 फीसदी की जीएसटी दर में 10 फीसदी की कटौती करते हुए सीमेंट को 18 फीसदी जीएसटी के दर में लाया गया। जिसके चलते बाजार सीमेंट के दाम 10 फीसदी नीचे आने चाहिए थे। स्थानीय लोहा-सीमेंट कारोबारियों के अनुसार बाजार में सीमेंट जो पहले 330 रुपए 340 रुपए प्रति बोरी थी वह 10 फीसदी जीएसटी कटौती के बाद 297 रुपए और 306 रुपए प्रति बोरी होने चाहिए थी।
ज्ञात को सरकार ने भी सीमेंट कंपनियों को जीएसटी कटौती का लाभ उपभोक्ताओं देने की हिदायत दी थी। इसके बावजूद सीमेंट कंपनियों उपभोक्ताओं को जीएसटी कटौती को पूरा लाभ नहीं दी है। स्थानीय राजधानी के बाजारों में सीमेंट 315 से 320 रुपए प्रति बोरी के दाम पर बिक रही है। खबर है कि सीमेंट कंपनियों सिंडीकेट बनाकर सरकार द्वारा जीएसटी कटौती के बाद घटे दाम को सरफ्लस करने के लिए यह अफवाह फैला रही है कि सीमेंट की मांग बढ़ी है और कंपनियां जनवरी 2026 में सीमेंट के दाम में मूल्य वृदि्ध संभव है।
भोपाल लोहा व्यापारी एवं निर्माता संघ अध्यक्ष वलदेव खेमानी सहित अन्य सीमेंट कारोबारियों से इस पूरे मामले में चर्चा की तो उन्होंने कहाकि केंद्र सरकार द्वारा सीमेंट के दाम में 10 फीसदी की कटौती जीएसटी दर में की गई थी, उस कटौती का पूरा-पूरा लाभ भी उपभोक्ताओं ने नहीं मिला रहा है। कंपनियों के जो रेट पहले थी वह अभी भी है। स्थानीय बाजार में सीमेंट के दाम 315 रुपए प्रति बोरी बोली जा रही है। विक्रेताओं के कहना है कि रही बात मांग की तो अभी कोई ज्यादा फर्क बाजार में दिखाई नहीं दे रहा है।
बाजार जानकारों का कहना है कि सीमेंट कंपनियों सिंडीकेट बनाकर मुनाफाखोरी करने सीमेंट के दाम बढ़ने की अफवाहें फैला रहे है ताकि उपभोक्ताओं में घबराहट उत्पन्न हो और वे सीमेंट खरीदी कर स्टॉक जमा करें। बाजार जानकारों कहना है कि सीमेंट कंपनियां अब इस फिराक में जुटने लग गई है कि जीएसटी कटौती से घटे दाम को किस प्रकार से सरफ्लस किया जाए।

