एवीएस न्यूज.उमरिया/ भोपाल 


मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के निर्देशों के परिपालन में जिला प्रशासन उमरिया ने जनसुनवाई कार्यक्रम को अधिक प्रभावी और परिणाममुखी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
कलेक्टर उमरिया श्रीमती राखी सहाय ने बताया कि जिले में प्रत्येक मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनसुनवाई आयोजित की जाती है। उन्होंने कहा कि कई बार विभाग प्रमुखों के स्थान पर अन्य सहायक अधिकारी उपस्थित रहते हैं, जिससे शिकायतों के त्वरित निराकरण में कठिनाई आती है। इस स्थिति को देखते हुए सभी विभाग प्रमुखों एवं संबंधित अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

निर्देशों के अनुसार अब प्रत्येक मंगलवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित जनसुनवाई में सभी विभाग प्रमुखों को उपस्थित रहना होगा। इसके साथ ही अनुभाग स्तर पर भी जनसुनवाई का नियमित आयोजन किया जाएगा, जिसमें अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी अपने-अपने मुख्यालय पर उपस्थित रहकर आवेदकों की समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करेंगे।

कलेक्टर ने यह भी बताया कि जिला स्तरीय जनसुनवाई में प्राप्त कई शिकायतों का समाधान स्थानीय स्तर पर ही किया जा सकता है। इसी कारण आगामी जनसुनवाई से विकासखंड स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला मुख्यालय से जुड़ेंगे। इसके लिए ई-गवर्नेंस शाखा को आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं

जनसुनवाई के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। असाध्य रोगों से पीड़ित, दिव्यांग तथा अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त आवेदकों की सहायता के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को चिकित्सा अधिकारी एवं पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी आवश्यक उपकरण एवं दवाइयों सहित लगाने को कहा गया है। साथ ही आयुष विभाग को भी आयुर्वेदिक टीम की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

भीषण गर्मी को देखते हुए आवेदकों के लिए पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु मुख्य नगरपालिका अधिकारी को प्याऊ एवं वॉटर स्टॉल लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आवेदन तैयार करने में असमर्थ नागरिकों की सहायता के लिए दो कंप्यूटर दक्ष कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी, जो मौके पर ही आवेदन टाइप करने में मदद करेंगे। इन कर्मचारियों को लैपटॉप सहित कलेक्ट्रेट सभाकक्ष के बाहर तैनात रहने के निर्देश भी दिए गए हैं।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनसुनवाई को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-हितैषी बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।