खाद्य एवं औषधि विभाग के दो अधिकारी पर गंभीर आरोप,  कार्रवाई करने विभाग के वरिष्ठों से शिकायत 

एवीएस न्यूज.भोपाल

 
खाद्य सुरक्षा विभाग और खाद्य एवं औषधि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजे गए एक शिकायत पत्र में सागर जिले में पदस्थ दो अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि संबंधित अधिकारी पिछले दो वर्षों से विभागीय कार्य नहीं कर रहे हैं, इसके बावजूद शासन से नियमित वेतन ले रहे हैं।


शिकायत के अनुसार अरविंद पथरोल और सुषमा पथरोल पर आरोप है कि उन्होंने लंबे समय से कोई सक्रिय विभागीय जिम्मेदारी नहीं निभाई, फिर भी उन्हें लगातार वेतन का भुगतान किया जा रहा है। मामले को लेकर विभागीय कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।

शिकायतकर्ताओं ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो शासन को हुए आर्थिक नुकसान की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।


 इन वरिष्ठ अधिकारियों को कराया अवगत
शिकायतकर्ता ने खाद्य सुरक्षा विभाग के आयुक्त अशोक वर्णवाल, खाद्य एवं औषधि विभाग के नियंत्रक दिनेश श्रीवास्तव, संयुक्त नियंत्रक टीना यादव तथा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के राज्यमंत्री के विशेष सहायक अमित मालाकार को  सागर में पदस्थ दोनों अधिकारियों के अनियमितताओं और कारनामों से पत्र भेजकर अवगत कराया और सख्त कार्रवाई की मांग की । 

 पदस्थ सागर में और रह रहे भोपाल में 
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि दोनों अधिकारी सागर जिले में पदस्थ होने के बावजूद भोपाल में रह रहे हैं और पिछले दो वर्षों में सागर जिले में किसी प्रकार का प्रशासनिक निरीक्षण, नमूना कार्य या विभागीय कार्रवाई नहीं की गई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि अगस्त 2022 से फरवरी 2023 तक बिना विभागाध्यक्ष और सामान्य प्रशासन विभाग  की अनुमति के सात माह का वेतन आहरित किया गया।


 पूर्व में भी की शिकायतें पर कोई ठोस कार्रवाई नही
पत्र में दावा किया गया है कि इस संबंध में पूर्व में भी शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता के अनुसार दोनों अधिकारियों पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र, फर्जी अवकाश वेतन, फर्जी सीआर और विभागीय जांच से जुड़े गंभीर आरोप हैं, जिनमें से कई बिंदु शिकायतों के आधार पर सिद्ध होने का दावा किया गया है।

शिकायतकर्ता ने विभागीय अधिकारियों से 15 दिनों के भीतर मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं हुई तो लोकायुक्त और उच्च न्यायालय की शरण ली जाएगी।   


  इन दोनों अधिकारियों पर यह है आरोप 
 अरविंद पथरोल और सुषमा पथरोल दोनों  पिछले दो वर्षो से सागर जिले में पदस्थ , लेकिन भोपाल में रह रहे हैं।  

पिछले 2 वर्षो में कोई विभागीय कार्य नही किया और हर माह 3 लाख रुपए तक की सैलरी ले रहे है। सागर कलेक्टर ने इनके विरुद्ध कार्यवाही के लिए लिखा चुके हैं।

 ट्रांसफर के बाद भी बिना और विभागध्यक्ष तथा जीएडी की अनुमति के बैगर अगस्त 2022 से फरवरी 2023 तक का कुल 7 माह का वेतन भी आहरित किया।

 

जिसकी शिकायत भी हुई, परंतु कोई कार्यवाही नही की गई। विगत 2 वर्ष में सागर जिले का कोई प्रशासनिक और विभागीय निरिक्षण, नमूना कार्य नही किया गया है,जिसकी जानकारी विभाग को है। 

 

 वरिष्ठों से इन बिंदुओं पर जांच की मांग की 
  शिकायतकर्ता ने कहा कि वरिष्ठों को पत्र के मार्फत बताया कि विभाग के ही अधिकारियों द्वारा इनको संरक्षण देकर बचाया जा रहा है कई शिकायती आवेदन विगत 2 वर्ष से  दिए गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता ने  इन दोनों पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी करने का आरोप लगाते हुए मांग की है कि फर्जी अवकाश वेतन, फर्जी एवं घ श्रेणी की सीआर सहित 16 गंभीर बिंदुओं पर विभागीय जांच की जाए।   


 इन बिंदुओं पर विभाग ने नहीं की विगत दो साल से जांच  
 

दो वर्ष पूर्व आरोप पत्र जारी परंतु कोई जांच शुरू नही, आरोपी 2 साल से साक्ष्यों को प्रभावित कर रहा है।

 अगस्त 2022 में सागर ट्रांसफर होने के बाद 7 महीने बाद ज्वॉइन किया। वेतन बिना सक्षम अनुमति के आहरित कर लिया।  

दोनों ने विगत 2.5 वर्षो में कोई सैंपल, निरीक्षण नही किया और न ही कोई विभागीय कार्य या सागर जिले की कोई बैठक अटेंड की।

सुषमा पिथरोल की एसटी होने के जाति प्रमाण पत्र को उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने फर्जी घोषित किया।  

विभाग के अधिकारियों ने इनके किए गए भ्रष्टाचार की अनदेखी की जा रही है। 
 

जिनके अंडर में उनके कार्रवाई की जानकारी मांगी है 
 शिकायर्ता द्वारा की गई शिकायत के बाद  ये दोनों जिसके अंडर में कार्यरत हैं उनसे जानकारी मांगी है कि अगर काम नहीं कर रहे हैं तो इन दोनों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।  
                                                                                                    टीना यादव 

                                                                      ज्वॉइंट कंट्रोलर, खाद्य एवं औषधि सुरक्षा प्रशासन