मप्र सरकार के साथ सेवलाइफ फाउंडेशन का समझौता
भोपाल। सेवलाइफ फाउंडेशन ने मध्य प्रदेश सरकार (लोक निर्माण विभाग) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता ज्ञापन राज्य के महत्वपूर्ण जिलों पर केंद्रित विभिन्न सडक़ सुरक्षा कार्यक्रमों में तकनीकी भागीदार के रूप में सहयोग करेगा। इस समझौता ज्ञापन पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।
सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के साथ मिलकर चलाए जा रहे शून्य-मृत्यु जिला कार्यक्रम के तहत, भारत के शीर्ष 100 सबसे संवेदनशील जिलों की पहचान की गई है और इनमें से 6 जिले मध्य प्रदेश के हैं धार, सागर, सतना, रीवा, जबलपुर और खरगोन जो अब इस कार्यक्रम का हिस्सा हैं। सेवलाइवफफाउंडेशन ने इन जिलों में विस्तृत विश्लेषण किया है और आंकड़ों पर आधारित जिला सडक़ सुरक्षा कार्य योजनाएं विकसित की हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन साक्ष्य-आधारित निर्णय ले सके और जवाबदेही मजबूत हो सके।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, मोहन यादव ने कहाकि मध्य प्रदेश सरकार शून्य मृत्यु दर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस मिशन में सहयोग के लिए विशेषज्ञों के साथ सहयोग कर रही है। यह साझेदारी हमारे संकल्प को और मजबूत करती है, और मुझे उम्मीद है कि बहुत जल्द मध्य प्रदेश देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में से एक बन जाएगा। सेवलाइफ फाउंडेशन की कार्यक्रम प्रमुख डॉ. ईलिया जाफर ने कहाकि यह सहयोग, शून्य मृत्यु दर कार्यक्रम के तहत, सिद्ध सडक़ सुरक्षा रणनीतियों को जमीनी स्तर पर स्थायी प्रभाव में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मध्य प्रदेश सरकार के साथ मिलकर काम करके, हमारा लक्ष्य स्थानीय क्षमता निर्माण, डेटा-आधारित समाधान लागू करना और ऐसे मॉडल तैयार करना है जो सडक़ दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को काफ़ी कम कर सकें।

