एवीएस न्यूज. भोपाल


जबलपुर हाई कोर्ट (उच्च न्यायालय) द्वारा स्टे ऑर्डर (स्थगन आदेश/यथास्थिति) दिए जाने के बावजूद जिला मानपुर नगर परिषद,  जिला उमरिया के अध्यक्ष पति सतीष सोनी और परिषद के अधिकारी अनैतिक रूप से  पट्टेदार श्रीमती सूरज देवी पत्नि सुभाष चंद्र सोनी,निवासी ग्राम खुटार तहसील मानपुर, जिला उमरिया की खसरा आराजी नंबर 1838/2, रकवा 2.023 हेक्टेयर भूमि पर दीवार (बाउंड्री) सहित अन्य अवैध निर्माण कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। 

 


आवेदक और भूमि स्वामी सूरज देवी पत्नि सुभाष चंद्र सोनी ने बताया कि नगर परिषद मानपुर अध्यक्ष पति सतीष सोनी हार्टकोर्ट की आदेश को हशिए के नोंक में रखते हुए अपने बाहुबल और दंबगई दिखाते हुए जबरदस्त नगर परिषद के अधिकारियों से सांठगांठ कर पट्टेदार महिला श्रीमती सूरज देवी की भूमि को हड़पने और हड़पाने में जुटा हुआ। 


 सतीष सोनी के पिता धर्मदास सोनी ने क्षेत्र में कई जगहों पर कर रखा है सरकारी भूमि का अधिग्रहण 
 

सूरज देवी ने बताया कि सतीष सोनी के पिता धर्मदास सोनी जो कि खुद पटवारी और कानूनगों रह चुके हैं। इनके पिता ने मानपुर क्षेत्र में अवैधानिक तरीके से कई जगहों पर सरकारी भूमि का अधिग्रहण किया और अपने सरकारी मुलाजिम होने का फायदा उठाकर सरकारी भूमि के बगचे का सहित कईयों एकड़ भूमि का खुद और अपने बच्चों को भू स्वामी बनाया। 


 पत्नि नगर परिषद अध्यक्ष , लेकिन पति सतीष सोनी कर रहा  कार्रवाही में दखलंदाजी


बताया जा रहा है कि नगर परिषद मानपुर अध्यक्ष सतीष सोनी पुत्र धर्मदास सोनी की पत्नि है, लेकिन पत्नि के स्थान पर खुद सतीष सोनी की नगर परिषद मानपुर की समस्त कार्रवाही में दखलंदाजी है। जबकि नगर परिषद अध्यक्ष (महिला) की कार्यवाही या आधिकारिक कार्यों में उनके पति द्वारा हस्तक्षेप करना कानूनी रूप से अवैध है। निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार केवल निर्वाचित प्रतिनिधि (पत्नी) को ही निर्णय लेने और हस्ताक्षर करने का अधिकार है। पति की दखलअंदाजी को प्रॉक्सी माना जाता है और यह नियमों का उल्लंघन है। 
 

पूर्व में ही कराई जा चुकी है हाईकोर्ट स्टे ऑर्डर की कॉपी नगर परिषद को 
 भूमि स्वामी श्रीमती सूरज देवी पत्नि सुभाष चंद्र सोनी ने बताया कि जबलपुर हाईकोर्ट स्टे ऑर्डर की कॉपी नगर परिषद मानपुर , तहसील सहित पूर्व एसडीएम को उपलब्ध कराई जा चुकी है। इसके अलावा स्थानीय पुलिस थाना मानपुर में भी इसकी सूचना दी गई है। बावजूद नगर परिषद अधिकारी अदालत के आदेश की अवहेलना कर अवैध निर्माण दीवार बनाने का कार्य जारी रखे हुए है।