चंद्रशेखर तिवारी श्री हिंदू उत्सव समिति के नए अध्यक्ष बने
सर्वाधिक 1679 मत प्राप्त कर विजयी हुए तिवारी
भोपाल। राजधानी की धार्मिक-सामाजिक संस्था श्री हिंदू उत्सव समिति के संपन्न हुए चुनाव के बाद घोषित परिणाम के अनुसार समिति के अध्यक्ष का ताज अब चंद्रशेखर तिवारी के सिर पर होगा। तिवारी ने सर्वाधिक 1679 मत प्राप्त कर विजय घोषित हुए। मुख्य चुनाव अधिकारी पी.सी. कोठारी ने बताया कि चंद्रशेखर तिवारी ने अपने प्रतिद्वंदियों पर परास्त कर विजयी हासिल की है। उनके अनुसार परिणाम आज अल सुबह घोषित हुए। जिसमें नारायण सिहं कुशवाह को 1282 मत, हेमंत कुशवाह को 886 मत, कैशाल बेगवानी को 1173 मत, दीपेश श्रीवास्तव को 596 मत प्राप्त हुए। श्री हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए कुल 5600 से अधिक आजीवन सदस्यों ने मतदान किया था। समिति के अध्यक्ष पद विजयी हुए चंद्रशेखर तिवारी ने कहाकि समिति का अध्यक्ष बनना मेरे लिए गौरव की बात है, किंतु इससे भी बड़ा दायित्व है समाज की अपेक्षाओं पर खरा उतरना। तिवारी ने यह स्पष्ट किया कि उनका हर निर्णय जनता की सहभागिता से ही होगा। नए अध्यक्ष का विजयी जुलूस आज शाम 4 बजे भवानी मंदिर सोमवारा से निकाला जाएगा।
हर साल एक लाख सदस्य जोडूंगा समिति, वार्ड स्तर पर मंदिरों में खुलेंगे कार्यालय
श्री हिन्दू उत्सव समिति के नव निर्वाचित अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने अपनी जीत को सकल हिन्दू समाज को समर्पित किया है। समिति अध्यक्ष के तौर अपनी भावी योजना के बारे में तिवारी ने कहा है कि वे ज्यादा से ज्यादा हिन्दुओं को समिति से जोडऩे का प्रयास करेंगे। इसके लिए उनका लक्ष्य प्रतिवर्ष एक लाख नए सदस्य बनाने का है। सच एक्सप्रेस से चर्चा में नव निर्वाचित अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि समिति से ज्यादा लोगों को जोडऩे के लिए वे वार्डवार व क्षेत्रवार कार्यालय खोलेंगे। यह कार्यालय प्रमुख मंदिरों में खोले जाएंगे। यहां पर ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों ही तरीकों से नए सदस्यों को पंजीकृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि स्थापना के 40 वर्ष बाद भी श्री हिन्दू उत्सव समिति का कार्यालय किराये के भवन में चल रहा है। जिसका मासिक किराया 11 हजार रुपए है। उनका कहना है कि वे समिति का स्थायी कार्यालय बनाकर ही जाएंगे।
नए अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी वर्ष 1992 में राम मंदिर आंदोलन से जुड़े तथा उन्होंने कार सेवक के रूप में काम किया7 इसके बाद बजरंग दल में वे इकाई संयोजक से लेकर जिला संयोजक तक के पद पर रहे। पिछले 15 साल से वे संस्कृति बचाओ मंच का संचालन कर रहे। इस बैनर के तले उन्होंने हिन्दुत्व को नुकसान पहुंचाने वाली हर गतिविधि का सडक़ों पर उतरकर मुखर विरोध किया। सनातन धर्म के खिलाफ जो भी काम होते दिखा उसका पूरी निडरता के साथ विरोध किया।

