जब एससी,एसटी को जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण दिया जा रहा है तो ओबीसी को ऐसा आरक्षण क्यों नहीं दिया जा रहा : आरएन सिंह 


एवीएस न्यूज. भोपाल

मध्य प्रदेश में आबादी के अनुपात में ओबीसी को आरक्षण क्यों नहीं सुप्रीम सवाल।  28 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित सर्वदली बैठक में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव ने जो मांग पत्र मुख्यमंत्री  को सौपा। था उसमें यह मांग की गई थी कि तमिलनाडु में 69 फीसदी एवं कर्नाटक में 51 फीसदी के अनुरूप मध्य प्रदेश में ओबीसी को आरक्षण देने की कार्यवाही की जाए। 
ओबीसी एडवोकेट्स वेलफेयर संगठन की याचिका पर 17 अक्टूबर 2025 को उच्चतम न्यायालय की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए सवाल किया कि प्रदेश में जब एससी,एसटी को उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण दिया जा रहा है तब ओबीसी को ऐसा आरक्षण क्यों नहीं दिया जा रहा। 


- अनुच्छेद 14 समानता के अधिकार का उल्लंघन 
 मध्य प्रदेश सरकार के शपथ पत्र के अनुसार मध्य प्रदेश में ओबीसी की आबादी 50.01फीसदी है । मध्य प्रदेश समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग आरएन सिंह ने कहा है कि मध्य प्रदेश में एससी, एसटी को आबादी के अनुपात में आरक्षण मिला हुआ है तो ओबीसी को उनकी आबादी के अनुपात के आरक्षण से वंचित रखना संविधान के अनुच्छेद 14 समानता के अधिकार का उल्लंघन है। 


प्रदेश अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग आरएन सिंह ने उच्चतम न्यायालय के सवाल का स्वागत 
मध्य प्रदेश समाजवादी पार्टी प्रदेश अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग आरएन सिंह ने उच्चतम न्यायालय के सवाल का स्वागत करते हुए मध्य प्रदेश सरकार से यह अपेक्षा क,कि वह उच्चतम न्यायालय में ओबीसी को आबादी के अनुपात में आरक्षण देने संबंधी जवाब सरकार की ओर से प्रस्तुत किया जाएगा ।