नियमित ट्रेनों को दुलार और हॉलिडे स्पेशल ट्रेनों को दुत्कार! भोपाल रेल मंडल पर आने वाले विशेष गाडिय़ों को घंटों खड़ा किया जा रहा आउटर पर
रवि गुप्ता. भोपाल
रेल मंत्रालय भारत सरकार ने संपूर्ण देश में समय -समय पर हॉलिडे स्पेशल (विशेष ट्रेन) रेल गाडिय़ों को चलाकर यात्रियों को सुलभ आवागमन देने का प्रयास किया जाता है, परंतु संबंधित रेल मंडलों के स्टेशनों पर हॉलिडे स्पेशल ट्रेनों को स्टेशनों के आउटर पर घंटों खड़ा कर दिया जा रहा है। जिससे यात्री मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं। यह सब हो रहा है रेल मंडल प्रबंधन की रेग्युलर ट्रेनों (नियमित ट्रेन) को पहली प्राथमिकता देते हुए उन्हें निकालने की मानसिकता से। जिसकी बदौलत स्पेशल ट्रेन के पैसेंजर प्लेटफार्म में घंटों खड़े होकर इंतजार करते हैं और मानसिक रूप प्रताडि़त होते हैं। रेल मंडल के इस रवैए पर यात्रियों में न सिर्फ नाराजगी जलाई है बल्कि रेल मंडल में सेवारत अधिकारी की निंदा भी की।
यात्री बोले, नियमित ट्रेनों को दुलार करके विशेष ट्रेनों को दुत्कार यह समझ से परे
यात्रियों का कहना है कि नियमित ट्रेनों को दुलार करके विशेष ट्रेनों को दुत्कार यह समझ से परे है। इससे अच्छा यह होता कि विशेष ट्रेनों को चलाना ही नहीं चाहिए। विशेष ट्रेनों को एक विशेष वर्ग की तरह का मानकर व्यवहार रेल मंडल प्रशासन के द्वारा करना रेल मंत्रालय भारत सरकार की मंशा के विपरीत वातावरण बनाकर रखने के बराबर है। मुम्बई जाने वाले पेसेंजरों ने बताया कि हॉलिडे स्पेशल (विशेष ट्रेन) गाडिय़ों को रेग्लुअर ट्रेनों (नियमित ट्रेन) जैसा ही सम्मान, उचित स्थान मिलना चाहिए। विशेष गाडिय़ों को विशेष वर्ग की तरह रेल मंडल प्रशासन के द्वारा नहीं देखा जाना चाहिए।
विशेष ट्रेन का दुत्कार का यह है ताजा उदाहरण
बनारस से चलने वाली भोपाल रेल मंडल से होकर गुजरने वाली मुंबई तक जाने वाली होली-डे स्पेशल (विशेष ट्रेन) गाडी नंबर 01052 मुम्बई एलटीटी स्पेशल जो कि भोपाल स्टेशन के आउटर निशातपुरा पर अपने नियमित समय के आसपास रात 12.30 बजे 25 अक्टूबर की रात यानि 26 अक्टूबर को 00.30 बजे आई, जिसको लगभग दो घंटे तक निशातपुरा आउटर (भोपाल स्टेशन से लगभग एक किमी दूर) पर खड़ा करके रखा गया। इतना ही नहीं भोपाल स्टेशन के डिस्प्ले बोर्ड पर प्लेटफार्म पर आने का समय 12.37 ही दिखाया ही जा रहा था।
रेलवे सेवा ने दिखाई जागरूकता
इसकी जानकारी एक्स हेंडल पर प्रधानमंत्री, रेलमंत्री, रेलवे सेवा, पश्चिम मध्य रेल सहित डीआरएम भोपाल और जिम्मेदार अधिकारियों को दी गई, रेलसेवा ने एक्स पर जबाब भी दिया कि भोपाल के संबंधित अधिकारियों को सूचना दी जा रही है, अंतत: दो घंटे बाद भोपाल रेल प्रशासन ने अपनी कुंभकर्णी नींद में दखल देते हुए हॉलिडे स्पेशल (विशेष ट्रेन) को प्लेटफार्म नम्बर एक पर जगह तो दे दी, परंतु डिस्प्ले बोर्ड पर न ही गाड़ी का नंबर दिखाया गया और न ही कौन सा कोच कहां पर खड़ा होगा, डिस्प्ले बोर्ड पर नहीं दिखाया गया। इससे प्लेटफार्म पर अफरा-तफरी भी दिखाई दी। बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग बड़ी मुश्किल से अपने कोच तक पहुंच सके। यहां तक कि इसी गाड़ी में चैनपुलिंग की गई, ताकि पैसेंजरों को अपने अपने कोच में चढऩे का समय मिल सके।

