एवीएस न्यूज. .भोपाल
देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच नीति आयोग, नैसकॉम और बीसीजी द्वारा जारी रिपोर्ट रोडमैप फॉर जॉब क्रियेशन इन एआई इकोनॉमी, अक्टूबर 2025 ने यह चेतावनी दी है कि यदि भारत ने समय रहते एआई टैलेंट, कम्प्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा इंटीग्रेशन को संगठित नहीं किया, तो 2031 तक तकनीकी क्षेत्रों में 1.5 मिलियन नौकरियों की क्षति हो सकती है, परंतु समन्वित नीति से यही संख्या 4 मिलियन नई नौकरियों के अवसर में भी बदल सकती है।

 


 

भोपाल के पास वह सभी संसाधन हैं जो नीति आयोग की रिपोर्ट में सुझाए  
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर शुरुआती दौर से काम कर रहे ‘कमाल का भोपाल’ नागरिक अभियान के फाउंडर मनोज मीक ने कहाकि भोपाल के पास वह सभी संसाधन हैं जो नीति आयोग की रिपोर्ट में सुझाए गए एआई टैलेंट मिशन और फेडरेटेड नेशनल कम्प्यूट ग्रिड को मूर्त रूप दे सकते हैं। भेल एवं रिडेवलपमेंट क्षेत्र की रिक्त भूमि, ग्रिड-सक्षम इंफ्रास्ट्रक्चर और मज़बूत शैक्षणिक संस्थान राजधानी को देश का पहला ‘एआई लाइटहाउस सिटी’ बना सकते हैं। 


 -  एआई का प्रयोग पारदर्शिता, रोजगार और नीति-निर्माण के नए अवसर खोल सकता 
मनोज मीक ने इस अवसर पर अपना विचार लेख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में भोपाल की भूमिका -‘कमाल का प्रयोग जारी किया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि नागरिक स्तर पर एआई का प्रयोग पारदर्शिता, रोजगार और नीति-निर्माण के नए अवसर खोल सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत का एआई-संबंधित रोजगार और निवेश 2030 तक 500 बिलियन डॉलर लगभग 41 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा। इसी दृष्टि से ‘कमाल का भोपाल’ अभियान ने भेल भूमि पर एआई फैक्ट्री, स्मार्ट इंडस्ट्री कॉरिडोर और क्लीन कम्प्यूट कैंपस की परिकल्पना राज्य सरकार को प्रस्तुत की गई है।मीक के मुताबिक हमारे पास भूमि है, डेटा है और संकल्प भी अब केवल निर्णय की गति चाहिए। भोपाल इस युगांतकारी अवसर का नेतृत्व कर सकता है।