बैटरी टेक्नोलॉजी से मिल रही है भारत के ईवी विकास को रफ्तार
एवीएस न्यूज. नई दिल्ली
भारत के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकोसिस्टम में एक प्रमुख बैटरी नवप्रवर्तक के रूप में, इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पिछले एक दशक में कंपनी की बैटरी तकनीकों ने देशभर में 5 लाख से अधिक ई-रिक्शा के संचालन को समर्थन दिया है।
मध्य प्रदेश,दिल्ली/एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार जैसे प्रमुख बाजारों में इसकी मजबूत उपस्थिति है। कंपनी हर साल 2 लाख से अधिक बैटरी पैक तैनात करती है और 200 से अधिक ओईएम के साथ साझेदारी कर रही है।
ई-रिक्शा इकोसिस्टम ने रोजगार और आर्थिक अवसरों को भी बढ़ावा दिया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में हजारों लोग इससे अपनी आजीविका चला रहे हैं। भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का विस्तार केवल यात्री इलेक्ट्रिक वाहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि इलेक्ट्रिक रिक्शा (ई-रिक्शा) के व्यापक उपयोग ने इसे नई दिशा दी है। आज ई-रिक्शा देश के अंतिम मील (लास्ट-माइल) परिवहन का मजबूत आधार बन चुके हैं।
भारत की सडक़ों पर वर्तमान में 18.1 लाख से अधिक पंजीकृत ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं, जिससे यह देश का सबसे बड़ा और व्यापक रूप से अपनाया गया इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट बन गया है। वर्ष 2025 में लगभग 1.55 बिलियन अमेरिकी डॉलर के अनुमानित बाजार के साथ, यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में तेजी से विस्तार करने की ओर अग्रसर है।

